राजयोगिनी दादी प्रकाशमणि जी की स्मृति में ‘विश्व बंधुत्व दिवस’ पर रक्तदान शिविर का सफल आयोजन
- ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान मंडला ने दिया ‘एक रक्त-एक मानवता’ का संदेश
- रक्तदान महाभियान में युवाओं ने लिया बढ़-चढ़कर हिस्सा
मंडला महावीर न्यूज 29. प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की पूर्व मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी प्रकाशमणि जी के पुण्य स्मृति दिवस, जिसे ‘विश्व बंधुत्व दिवस’ के रूप में मनाया जाता है, के अवसर पर मंडला में एक विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम बस स्टैंड के पीछे स्थित मुख्य सेवाकेंद्र “विश्व शांति भवन” में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ और श्रद्धांजलि
आयोजन की शुरुआत प्रातः 9 बजे आध्यात्मिक मुरली क्लास और योग-साधना से हुई। इसके पश्चात उपस्थित भाई-बहनों और शहर के गणमान्य नागरिकों ने दादी जी के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित किए और उनके विश्व बंधुत्व की भावना को याद किया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से निम्नलिखित अतिथि उपस्थित रहे:
- ब्रह्माकुमारी ममता दीदी (क्षेत्रीय संचालिका)
- ब्रह्माकुमारी ओम लता दीदी (पड़ाव वार्ड सेंटर संचालिका)
- सुरेश परस्ते (क्षेत्रीय अधिकारी, म.प्र. ग्रामीण बैंक)
- डॉ. श्याम रौटेला (शिशु रोग विशेषज्ञ)
- अनिल भोयर एवं नीलेश बड़गैया (लैब टेक्नीशियन)
दादी प्रकाशमणि का अद्वितीय योगदान
क्षेत्रीय संचालिका ब्रह्माकुमारी ममता दीदी ने दादी जी के दिव्य जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि उन्होंने 1969 से 2007 तक संस्था का नेतृत्व किया। उनके कार्यकाल में यह आध्यात्मिक संगठन एक छोटे से पौधे से वटवृक्ष बनकर विश्व के 120 से अधिक देशों में फैल गया। उन्होंने बताया कि इस अभियान का मुख्य संदेश “एक रक्त – एक मानवता – एक विश्व परिवार” है, जो समाज में निस्वार्थ सेवा को मजबूत करता है।
रक्तदान महाभियान एवं रक्तदाताओं का सम्मान
ब्रह्माकुमारी ओमलता दीदी ने बताया कि यह रक्तदान महाभियान 21 से 25 अगस्त 2026 तक भारत और नेपाल में व्यापक स्तर पर आयोजित किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य “ज्ञान पान • योग ध्यान • रक्तदान” के संदेश को जन-जन तक पहुँचाना है।
- शिविर का शुभारंभ: प्रातः 11 बजे से रक्तदान शिविर की विधिवत शुरुआत हुई, जिसमें स्थानीय युवाओं और नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
- अतिथियों का संदेश: बैंक अधिकारी सुरेश परस्ते ने संस्थान के इस सामाजिक और मानवीय प्रयास की मुक्त कंठ से सराहना की और रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन किया।
- सम्मान: कार्यक्रम के अंत में सभी निस्वार्थ रक्तदाताओं को उनके अमूल्य योगदान के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।









