घर से दूर देश की रक्षा में मुस्तैद सीआरपीएफ जवानों की कलाई पर बहनों ने बांधा रक्षासूत्र, भावुक हुए जवान
- 148वीं बटालियन मुख्यालय मंडला में मनाया रक्षाबंधन
- कमांडेंट बोले, समाज के स्नेह से बढ़ता है सुरक्षा बलों का मनोबल
मंडला महावीर न्यूज 29. मंडला स्थित 148वीं सीआरपीएफ बटालियन मुख्यालय में रक्षाबंधन के पावन पर्व पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। श्रमजीवी पत्रकार परिषद एवं मंडला कला मंच के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में समाज की बहनों ने घर-परिवार से दूर देश की सीमाओं और आंतरिक सुरक्षा में तैनात सीआरपीएफ जवानों की कलाई पर राखी बांधी। बहनों के इस स्नेह और अपनत्व को पाकर जवानों के चेहरों पर खुशी और आंखों में भावुकता साफ दिखाई दी।
कार्यक्रम के दौरान बहनों ने जवानों के अच्छे स्वास्थ्य, लंबी उम्र और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। बहनों ने कहा कि त्योहारों पर भी घर न जा पाने वाले और देशवासियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने वाले इन जवानों को राखी बांधना उनके लिए गौरव की बात है। इसके बदले में जवानों ने भी बहनों को पूर्ण सुरक्षा का भरोसा दिलाया। पूरे कार्यक्रम के दौरान भाई-बहन के स्नेह से सराबोर वातावरण बना रहा।
समाज के जुड़ाव से मिलती है नई ऊर्जा
इस अवसर पर 148वीं सीआरपीएफ बटालियन के कमांडेंट आलोक वीर यादव ने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के रिश्ते का ही नहीं, बल्कि सुरक्षा, विश्वास और जिम्मेदारी का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि जब समाज की बहनें जवानों को राखी बांधती हैं, तो उन्हें परिवार से मिले स्नेह का अहसास होता है। इससे जवानों का मनोबल बढ़ता है और राष्ट्र सेवा के लिए उन्हें नई ऊर्जा मिलती है। उन्होंने इस विशेष आयोजन के लिए आयोजकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज और सुरक्षा बलों के बीच आत्मीय संबंधों को मजबूत करते हैं।
कार्यक्रम में इनकी रही विशेष उपस्थिति
पत्रकार परिषद के जिलाध्यक्ष नीरज अग्रवाल ने कार्यक्रम की रूपरेखा रखी और उपस्थित सभी लोगों का परिचय कराया। इस आयोजन में 148वीं बटालियन के द्वितीय कमान अधिकारी रत्नेश कुमार, द्वितीय कमान अधिकारी प्रमोद कुमार यादव, उप कमांडेंट मनोरंजन कुमार, उप कमांडेंट श्रीमती मनोरमा सिंह तथा सूबेदार मेजर एलबी थापा विशेष रूप से उपस्थित रहे। आयोजन में सामाजिक कार्यकर्ताओं और गणमान्य नागरिकों में किशोर रजक, रोहित बघेल, रमोरंजन नामदेव, श्रीमती उमा यादव, श्रीमती सुनीता सैयाम, श्रीमती सीता परतेती, श्रीमती दीप्ति नरेलिया, सुश्री रक्षा नामदेव और श्रीमती ललिता लहोरिया सहित बड़ी संख्या में अधिकारी, जवान और मातृशक्ति मौजूद रहीं।









