पिंडरई में श्रमण संस्कृति रक्षा दिवस पर दो दिवसीय अनुष्ठान संपन्न
700 मुनिराजों को समर्पित किए गए अर्घ
- आर्यिका विमल मति माताजी के सान्निध्य में मनाया वात्सल्य पर्व
- धर्मध्यान और प्रतियोगिताओं के साथ हुआ रक्षाबंधन विधान
मंडला महावीर न्यूज 29. जिले के पिंडरई में वंदनीय आर्यिका मां विमल मति माताजी ससंघ के मंगल सान्निध्य में श्रमण संस्कृति रक्षा दिवस के उपलक्ष्य में दो दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान का भव्य आयोजन किया गया। इस दौरान जैन समाज के श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक धर्मध्यान और विभिन्न धार्मिक गतिविधियों में हिस्सा लिया। बताया गया कि इस धार्मिक अनुष्ठान के अंतर्गत रक्षाबंधन विधान संपन्न हुआ, जिसमें अकम्पनाचार्य आदि 700 मुनिराजों का स्मरण कर उन्हें अर्घ समर्पित किए गए।
वात्सल्य पर्व के इस विशेष अवसर पर रचनात्मक गतिविधियों का भी आयोजन किया गया। इसके तहत राखी सजाओ प्रतियोगिता और मां जिनवाणी की सुरक्षा के निमित्त जिनवाणी सजाओ प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें समाज के लोगों ने अपनी कला और भक्ति का प्रदर्शन किया।
माताजी ने बताया रक्षासूत्र का वास्तविक उद्देश्य
आयोजन की समापन बेला में श्रद्धालुओं को पूज्य बड़ी माताजी वंदनीय आर्यिका मां विमल मति माताजी की मंगल देशना श्रवण करने का लाभ प्राप्त हुआ। माताजी ने अपने प्रवचन के माध्यम से 700 मुनिराजों पर हुए उपसर्ग (संकट) और उनकी रक्षा की ऐतिहासिक कथा का वर्णन किया। उन्होंने उपस्थित जनों को रक्षासूत्र बांधने का धार्मिक और आध्यात्मिक उद्देश्य भी विस्तार से समझाया।
समाज को मिला धर्मध्यान का सौभाग्य
सकल दिगंबर जैन समाज के अध्यक्ष चौधरी कैलाश चंद्र ने साधु सेवा समिति के सदस्य ऋषभ को जानकारी देते हुए बताया कि विगत दिवस आयोजित इस दो दिवसीय कार्यक्रम में संपूर्ण समाज ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की। इन दोनों दिनों में समाज के सभी वर्गों को धर्मध्यान, संत समागम और पुण्य अर्जन करने का विशेष सौभाग्य प्राप्त हुआ।








