श्रावण सोमवार पर शिव भक्ति में लीन हुआ मंडला
माहिष्मती घाट से निकली भव्य जल कलश यात्रा
- व्यास नारायण मंदिर में हुआ रुद्राभिषेक
- हर हर नर्मदे” के जयघोष से गूंजी संस्कारधानी
- नर्मदा जल से हुआ भगवान भोलेनाथ का अभिषेक
मंडला महावीर न्यूज 29. श्रावण मास के पावन सोमवार को नर्मदा नगरी मंडला शिव की भक्ति और आस्था के रंग में पूरी तरह सराबोर नजर आई। उत्तर वाहिनी परिक्रमा समिति और नगर के सैकड़ों श्रद्धालुओं के तत्वावधान में शहर में एक भव्य जल कलश यात्रा निकाली गई। यह यात्रा पवित्र माहिष्मती घाट से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों से भ्रमण करते हुए ऐतिहासिक व्यास नारायण मंदिर पहुंची, जहां विधि-विधान से भगवान भोलेनाथ का रुद्राभिषेक किया गया।
भक्तिमय माहौल और जयघोष
इस पवित्र जल कलश यात्रा में बाल, युवा और वृद्ध सहित सभी आयु वर्ग के भक्तों ने भारी उत्साह के साथ हिस्सा लिया। यात्रा के दौरान पूरा शहर “हर हर नर्मदे” और “ॐ नमः शिवाय” के जयघोषों से गूंज उठा। माहिष्मती घाट से कलशों में पवित्र नर्मदा जल भरकर मातृशक्तियां और श्रद्धालु पैदल यात्रा करते हुए मंदिर तक पहुंचे। वहां वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान को जल अर्पित किया गया।
धार्मिक मान्यता और महत्व
पंडितों और जानकारों के अनुसार, श्रावण मास भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है। इस पवित्र माह में किया गया जलाभिषेक और रुद्रार्चन विशेष फलदायी माना जाता है। जीवनदायिनी मां नर्मदा के जल को स्वयं शिव का स्वरूप माना गया है। ऐसी मान्यता है कि श्रावण में नर्मदा जल से भगवान शिव का अभिषेक करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
संस्कृति को सहेजने का प्रयास
रुद्राभिषेक और पूजा-अर्चना के पश्चात उत्तर वाहिनी परिक्रमा समिति द्वारा उपस्थित सभी श्रद्धालुओं को प्रसादी का वितरण किया गया। समिति के पदाधिकारियों ने आयोजन के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस तरह के धार्मिक आयोजनों का मुख्य लक्ष्य युवा और नई पीढ़ी में सनातन संस्कृति, संस्कारों और मां नर्मदा के प्रति अगाध आस्था को जीवित रखना है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और पूरे समय आयोजन स्थल का वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक और शिवमय बना रहा।










