अभी 527 लोगों को रेस्क्यू कर चुका राहत-बचाव दल, 47 हजार 990 करोड़ से होगा प्रदेश का विकास, राशि खातों में ट्रांसफर

सीएम डॉ. मोहन पहुंचे सिचुएशन रूम, बाढ़ की जानकारी लेकर प्रभावित लोगों से किया सीधा संवाद

प्रदेश के मुखिया ने लोगों से सावधानी बरतने का आग्रह किया

  • अभी 527 लोगों को रेस्क्यू कर चुका राहत-बचाव दल
  • आम लोगों को तक लगातार पहुंच रही मदद

भोपाल/मंडला महावीर न्यूज 29.  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 11 अगस्त को होमगार्ड मुख्यालय पहुंचे। उन्होंने राज्य आपदा प्रबंधन के सिचुएशन रूम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बाढ़ प्रभावित क्षेत्र को देखा और उससे प्रभावित लोगों का हालचाल जाना। उन्होंने प्रभावितों से सीधा संवाद किया। इस दौरान सीएम डॉ. यादव को बताया गया कि अभी तक प्रदेश में 527 बाढ़ प्रभावितों का रेस्क्यू किया गया है। राहत-बचाव का कार्य लगातार जारी है। जानकारी लेने के बाद सीएम डॉ. मोहन ने राहत -बचाव कार्य में जुटे मैदानी अमले को आवश्यक निर्देश दिए।इसे लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मीडिया से कहा कि बारिश का समय है। इस बार सामान्य से 15 % कम बारिश हुई है। जहां बारिश ज्यादा हुई है वहां आमजनों को राहत पहुंचाने का कार्य जारी है। मुझे इस बात की प्रसन्नता है कि रेस्क्यू टीम ने अभी तक 527 लोगों की जान बचाई है। खंडवा में 7 कांवड़ियों का रेस्क्यू किया गया। बारिश में अचानक नदी का जल स्तर बढ़ने से खतरे की स्थिति बनती है।

आम नागरिकों के लिए हर स्तर पर काम कर रही सरकार

सीएम डॉ. यादव ने कहा कि रेस्क्यू टीम दिन रात बचाव का काम करती है। आज मैंने होम गार्ड ऑफिस में वीसी के माध्यम से बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया। जिन लोगों को रेस्क्यू करके बचाया गया उनसे भी बात की। जिन लोगों के घर नदी-नालों के किनारे बने हैं, मैं उनसे आग्रह करता हूं कि वे विशेष सावधानी बरतें। यदि जरूरत पड़ती है तो पड़ोस के जिलों से भी मदद लें। हम प्रदेश स्तर पर भी मॉनिटरिंग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार हर स्तर पर आम नागरिकों की सुविधा के लिए काम कर रही है।


 

बारिश का समय है। इस बार प्रदेश में सामान्य से लगभग 15 प्रतिशत कम बारिश हुई है। जिन क्षेत्रों में अधिक बारिश हुई है, वहां आमजन को राहत पहुंचाने का कार्य लगातार जारी है। मुझे प्रसन्नता है कि रेस्क्यू टीमों ने अब तक 527 लोगों की जान बचाई है। खंडवा में 7 कांवड़ियों का भी सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया गया है। बारिश के दौरान अचानक नदियों का जलस्तर बढ़ने से कई बार खतरे की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। ऐसी परिस्थितियों में रेस्क्यू टीमें दिन-रात तत्परता से कार्य कर रही हैं। आज मैंने होमगार्ड कार्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश में बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया और रेस्क्यू कर बचाए गए लोगों से भी संवाद किया। मैं नदी-नालों के किनारे रहने वाले लोगों से आग्रह करता हूं कि वे विशेष सावधानी बरतें।आवश्यकता पड़ने पर पड़ोसी जिलों से भी सहायता ली जाए। प्रदेश स्तर पर भी स्थिति की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। सरकार हर स्तर पर आम नागरिकों की सुरक्षा और सुविधा के लिए पूरी तत्परता से कार्य कर रही है।

डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री


47 हजार 990 करोड़ से होगा प्रदेश का विकास, जानें सीएम डॉ. मोहन ने कैबिनेट में क्या-क्या लिए निर्णय?

रानी दुर्गावती राज्य स्तरीय पुरस्कार राशि हुई 2 लाख रुपये

  • रानी अवन्ती बाई राज्य स्तरीय वीरता पुरस्कार राशि 1 लाख रुपये बढ़ी
  • राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन-आयुष्मान भारत के लिए 44 हजार 515.13 करोड़ की स्वीकृति

भोपाल/मंडला महावीर न्यूज 29.  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 11 अगस्त को कैबिनेट की बैठक में जन-कल्याण के लिए कई अहम निर्णय लिए। कैबिनेट ने उनके नेतृत्व में प्रदेश के सर्वांगीण विकास, जन-स्वास्थ्य सुदृढ़ीकरण, बुनियादी ढांचे के विस्तार और महिला सशक्तिकरण को गति देने के लिए 47 हजार 990 करोड़ रुपये के प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की। इसमें राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के लिए 28,083.47 करोड़ रुपये और आयुष्मान भारत योजना के लिए 12 हजार 123 करोड़ 81 लाख रुपये शामिल हैं। कैबिनेट ने भोपाल को मेट्रो-पोलिटिन सिटी के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा हाईब्रिड एन्यूटी मोडल (HAM) के लिए बनाए गए मॉडल कंसेशन एग्रीमेंट के आधार पर, भोपाल-विदिशा मार्ग लंबाई 44.830 किमी का 4 लेन मय पेव्हड शोल्डर निर्माण किए जाने के लिए 1,757 करोड़ 55 लाख रुपये की स्वीकृति दी है। इससे अब औद्योगिक निवेश बढ़ाने के साथ अधोसंरचना का विकास होगा।

कुल परियोजना निर्माण लागत का 40 प्रतिशत हाईब्रिड एन्यूटी मॉडल (एच.ए.एम) अंतर्गत मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम द्वारा राज्य राजमार्ग निधि से परियोजना क्रियान्वयन के दौरान जीएसटी सहित वहन किया जायेगा। कुल परियोजना निर्माण लागत की शेष 60 प्रतिशत राशि संचालन अवधि में 15 वर्षों तक छः माही एन्यूटी के रूप में राज्य बजट के माध्यम से किया जाएगा। इसके अतिरिक्त निर्माण पूर्व कार्यकलाप (भू-अर्जन एवं अन्य कार्य) तथा सुपरविजन चार्जेस की राशि रुपये 364 करोड़ 41 लाख रुपये का भुगतान भी राज्य बजट के माध्यम से किया जाएगा। भोपाल विदिशा (राज्यमार्ग-28) मार्ग, अयोध्या बाईपास के भानपुर टी-जंक्शन से प्रारंभ होकर राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-146 पर सांची-सलामतपुर जंक्शन पर समाप्त होता है। यह मार्ग भानपुर, चोपड़ाकला, सूखी सेवनिया, डोब, बालमपुर, दीवानगंज और सलामतपुर से गुजरते हुए भोपाल और विदिशा जिलों को जोड़ता है। रायसेन जिले में सांची स्तूप सबसे महत्वपूर्ण बौद्ध तीर्थस्थलों में से एक है, जो कि यूनेस्को का विश्व धरोहर स्थल भी है। कर्क रेखा भी भोपाल-विदिशा मार्ग के कि.मी. 24.550 से गुजरती है। भौगोलिक दृष्टि से भी यह मार्ग अत्यंत महत्वपूर्ण है।

भोपाल बायपास 4-लेन मार्ग पर वर्ष 2031 तक उपभोक्ता शुल्क संग्रहण की स्वीकृति

कैबिनेट ने मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम अंतर्गत भोपाल बायपास 4-लेन को 6-लेन बनाने के दृष्टिगत मार्ग लम्बाई 51.963 किमी पर 19 जुलाई 2026 से 31 दिसंबर 2031 तक उपयोगकर्ता शुल्क संग्रहण की अनुमति प्रदाय की है। साथ ही इसकी अवधि अतिरिक्त 5 वर्ष तक बढ़ाने के लिए लोक निर्माण विभाग को अधिकृत किया है। भोपाल बायपास पर उपयोगकर्ता शुल्क संग्रहण, पूर्व में जारी अधिसूचना के प्रावधानों के अनुसार यथावत् रखा गया है। उपयोगकर्ता शुल्क संग्रहण का कार्य मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम लिमिटेड अथवा निगम द्वारा चयनित संग्रहण एजेंसी के माध्यम से कराया जाएगा। भोपाल बायपास 4-लेन मार्ग भोपाल शहर से इन्दौर, रायसेन, विदिशा एवं नर्मदापुरम् जिलों को जोड़ता है। जिससे भोपाल शहरी क्षेत्र का यातायात दबाव कम होने के साथ-साथ यात्रियों को निर्बाध रूप से सुगमतापूर्वक मार्ग उपलब्ध होता है। इसका नियमित संचालन, अनुरक्षण एवं रख-रखाव निगम द्वारा किया जाता है। संग्रहित टोल राशि मध्यप्रदेश राजमार्ग निधि अधिनियम 2012 अंतर्गत स्थापित राज्य राजमार्ग निधि में जमा कराई जाती है, जिसका व्यय निगम द्वारा राज्य मार्गों के विकास एवं संधारण सहित अन्य कार्यों में किया जाता है।

अब श्रमिकों के साथ रहवासियों को भी मिलेगा लाभांश

कैबिनेट ने वन विभाग अंतर्गत संयुक्त वन प्रबंधन समितियों को लाभांश प्रदाय से संबंधित योजना को वर्ष 2026-27 से वर्ष 2030-31 तक निरंतर संचालन के लिए 918 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। इस योजना का उद्देश्य संयुक्त वन प्रबंधन अंतर्गत वनों के संरक्षण एवं संवर्द्धन के लिए श्रमिकों के साथ रहवासियों की जन-भागीदारी प्राप्त करना है। प्रदेश में संयुक्त वन प्रबंधन समितियां वनों के संरक्षण एवं संवर्द्धन में वन विभाग को समुचित सहयोग प्रदान कर रही है। प्रावधानों के अनुरूप काष्ठ के अंतिम पातन से प्राप्त काष्ठ की बिक्री से प्राप्त राजस्व की 20 प्रतिशत राशि संयुक्त वन प्रबंधन समिति को दी जाती है। साथ ही बांस के विदोहन से प्राप्त शुद्ध लाभ का शत-प्रतिशत, कटाई में संलग्न श्रमिकों को प्रदाय किया जाता है।इस योजना के तहत अब श्रमिकों के साथ ही समिति से जुड़े क्षेत्रों के रहवासियों को भी लाभांश दिया जाएगा।

इन पुरस्कारों की राशि हुई 2 लाख रुपये

कैबिनेट ने हर परिस्थिति में संघर्ष करते हुए समाज सेवा करने वाली एक महिला को प्रतिवर्ष राज्य स्तरीय रानी दुर्गावती पुरस्कार राशि 2 लाख रुपये प्रदाय करने और वर्ष 2006 से प्रदाय किए जा रहे रानी अवन्ती बाई राज्य स्तरीय वीरता पुरस्कार की राशि को भी एक लाख रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये किए जाने की स्वीकृति दी है। पुरस्कार प्रदान करने से अत्यन्त गरीब, विकलांग 40 प्रतिशत से अधिक एकल महिला, किसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त, एसिड, दहेज, घरेलू हिंसा से पीड़ित अथवा अन्य कोई विपरीत स्थिति में संघर्ष करते हुए समाज सेवा के कार्य कर रही महिलाओं की सेवाओं, कार्यों और योगदान को प्रोत्साहन व पहचान मिलेगी। अन्य महिलाएं भी प्रेरणा लेकर महिलाओं और बच्चों के क्षेत्र में समाजसेवा कार्य करने आगे आएंगी। वर्तमान में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा कुल 6 पुरस्कार यथा रानी अवंती बाई राज्य स्तरीय वीरता पुरस्कार, राजमाता विजयाराजे सिंधिया समाज सेवा पुरस्कार, श्री विष्णु कुमार महिला बाल कल्याण समाज सेवा सम्मान पुरस्कार, मुख्यमंत्री नारी सम्मान रक्षा पुरस्कार, अरुणा शानबाग वीरता पुरस्कार और राष्ट्रमाता पद्मावती पुरस्कार प्रदाय किए जा रहे हैं।

सौगात-नेशनल सोयाबीन रिसर्च इंस्टीट्यूट के लिए भूमि आवंटन को मंजूरी

कैबिनेट ने किसान वर्ष में सोयाबीन किसानों को भी सौगात दी है। इंडियन काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चर रिसर्च भारत सरकार के अंतर्गत गठित उपक्रम नेशनल सोयाबीन रिसर्च इंस्टीट्यूट के लिए ग्राम भाऊखेड़ी तहसील इछावर जिला सीहोर में 20 हेक्टेयर भूमि स्थायी पट्टे पर आवंटित करने का निर्णय लिया गया है। भारतीय कृषि अनुसंधान के राष्ट्रीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान (ICMR-NSRI) भारत सरकार के कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय के अधीन एक स्वायत निकाय है, जिसे केन्द्र सरकार द्वारा पूर्ण रूप से वित्त पोषित किया जाता है। यह संस्थान सोयाबीन अनुसंधान एवं विकास के माध्यम से देश के लगभग 50 लाख सोयाबीन किसानों के हितों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करता है। प्रस्तावित भूमि का उपयोग विशुद्ध रूप से कृषि विज्ञान केन्द्र स्थापित करने के लिये किया जाएगा। इस केंद्र की स्थापना से मध्यप्रदेश में सोयाबीन की खेती में चहुंमुखी प्रगति की उम्मीद है।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और आयुष्मान भारत का रखा ख्याल

कैबिनेट ने लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग अंतर्गत राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, आयुष्मान भारत – प्रधानमंत्री जन आरोग्य और आयुष्मान भारत (नॉन एस. ई. सी. सी. हितग्राही), बहुउद्देशीय रोग नियंत्रण कार्यक्रम, स्वास्थ्य संस्थाओं की सुरक्षा एवं सफाई व्यवस्था, जिला स्तरीय अमला से संबंधित योजनाओं के 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतर संचालन के लिए कुल 44 हजार 515.13 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के लिए 28,083.47 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन भारत सरकार से 60:40 के अनुपात में संचालित है। यह योजना केन्द्र प्रवर्तित है एवं प्रमुख राष्ट्रीय कार्यक्रम जैसे मातृ स्वास्थ्य, शिशु स्वास्थ्य, परिवार कल्याण, टीकाकरण, टी.बी. उन्मूलन, शिशु स्वास्थ्य पोषण, सिकल सेल, किशोर स्वास्थ्य, आयुष्मान आरोग्य मंदिर, गैर-संचारी कार्यक्रम, अंधत्व निवारण, कुष्ठ उन्मूलन, प्रधानमंत्री डायलिसिस सेवा, निःशुल्क दवा एवं जांच इत्यादि स्वास्थ्य कार्यक्रमों का संचालन किया जाता है। स्वीकृति अनुसार आयुष्मान भारत- प्रधानमंत्री जन आरोग्य और आयुष्मान भारत (नॉन एस. ई. सी. सी. हितग्राही) के संचालन के लिए 12 हजार 123 करोड़ 81 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। योजना अंतर्गत गरीब एवं कमजोर वर्ग को गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए आर्थिक सुरक्षा प्रदान की जाती है। स्वास्थ्य व्यय के कारण होने वाली आर्थिक हानि को रोकते हुए सरकारी एवं सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में गुणवत्तापूर्ण उपचार कैशलेस रूप में उपलब्ध कराना आवश्यक है। सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज के लक्ष्य की पूर्ति, उपचार तक सहज पहुंच तथा सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करना ही इस योजना का प्रमुख आधार है। स्वास्थ्य संस्थाओं की सुरक्षा एवं सफाई व्यवस्था के लिए 1,159 करोड़ 58 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। जिला स्तरीय अमला योजना के लिए 654 करोड़ 84 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। जिला स्तरीय अमला योजना लगभग 40-50 वर्ष से संचालित है।

कृषि विश्वविद्यालय के निरंतर संचालन के लिए 795 करोड़ 59 लाख रुपये की स्वीकृति

कैबिनेट ने जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय को वेतन भत्तों मानदेय आदि के लिए ब्लाक ग्राण्ट योजना के आगामी 05 वर्षो वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर संचालन के लिए 795 करोड़ 59 लाख रुपये की स्वीकृति दी है। वर्तमान में विश्वविद्यालय के अधीन 11 महाविद्यालय और 8 अनुसंधान केन्द्र संचालित हैं, जिनके माध्यम से कृषि शिक्षा, अनुसंधान एवं कृषि विस्तार संबंधी गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है। विश्वविद्यालय में कार्यरत अधिकारियों, वैज्ञानिकों और कर्मचारियों के अतिरिक्त लगभग 500 ओल्ड पेंशनरों के वेतन, भत्तों, मानदेय एवं पेंशन संबंधी वित्तीय दायित्वों के साथ-साथ संस्थानों के आवश्यक प्रशासनिक एवं आकस्मिक व्ययों की पूर्ति राज्य शासन द्वारा ब्लॉक ग्रांट के माध्यम से की जाती है।

खनिज साधन विभाग की परिसंपत्तियों का संधारण

कैबिनेट ने खनिज साधन विभाग अंतर्गत विभागीय परिसंपत्तियों के संधारण से संबंधित योजना के वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर संचालन के लिए 2 करोड़ 50 लाख रुपये की स्वीकृति दी है। खनिज साधन विभाग में कुल 54 खनिज भवन है। खनिज भवनों को निर्मित हुए 10 वर्ष से अधिक की अवधि हो चुकी है इसलिए योजना अंतर्गत भवनों में मरम्मत तथा संधारण का कार्य निरंतर रूप से कराया जा रहा है। कैबिनेट ने देवास जिले में 14 मई 2026 को टोकंकला में स्थित पटाखा फैक्ट्री में घटित दुखद अग्नि दुर्घटना की न्यायिक जांच के लिए सुभाष काकड़े सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति, उच्च न्यायालय जबलपुर की अध्यक्षता में एकल सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग गठित किए जाने और जांच आयोग के कार्यकाल में तीन माह 14 अगस्त 2026 तक की वृद्धि किए जाने के संबंध में जारी अधिसूचना का अनुसमर्थन किया। मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग के 63वें, 64वें और 68वें वार्षिक प्रतिवेदन एवं जिन प्रकरणों में आयोग की सलाह स्वीकार नहीं की गई है, उनके संबंध में ज्ञापन के साथ विधान सभा के पटल पर रखे जाने का अनुमोदन दिया है।


सीएम डॉ. यादव ने हितग्राहियों के खातों में ट्रांसफर किए 311 करोड़, कहा- सेवा ही हमारा धर्म

सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना की राशि खातों में ट्रांसफर

  • महिलाओं को मिले प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के रुपये
  • गरीब-युवा-नारी शक्ति-किसानों के लिए हो रहे ऐतिहासिक काम

भोपाल/ मंडला महावीर न्यूज 29.  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 11 अगस्त को मंत्रालय से प्रदेश के लाखों पात्र हितग्राहियों के खातों में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना की पेंशन राशि तथा प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत पात्र महिलाओं को गैस सिलेंडर रिफिल की प्रोत्साहन राशि सिंगल क्लिक से अंतरित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के सभी जिलों में मौजूद हितग्राहियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से संबोधित किया। उन्होंने कहा कि समाज के हर वर्ग के विकास और कल्याण के लिए हमारी सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। सबके घरों में खुशहाली आए, यही हमारी भावना है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता सेवा और अंत्योदय है तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में गरीब, युवा, नारी शक्ति और किसान कल्याण के लिए ऐतिहासिक कार्य किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि समर्पण भाव से सब की सेवा हमारा धर्म और अंत्योदय ही हमारा अंतिम लक्ष्य है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के अंतर्गत प्रदेश के 35 लाख 25 हजार से अधिक पात्र हितग्राहियों के बैंक खातों में 211 करोड़ 53 लाख रुपये अंतरित किए। यह राशि जुलाई 2026 की पेंशन के रूप में संबंधित हितग्राहियों के खातों में पहुंचाई गई है। उन्होंने कहा कि पेंशन की राशि भले छोटी हो, लेकिन इससे मिलने वाला सहारा बहुत बड़ा होता है। बुजुर्गों के चेहरे की मुस्कान से ही सरकार को लोक कल्याण के लिए और भी बेहतर काम करने की नई ऊर्जा मिलती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे त्यौहार उत्सव का अवसर ही नहीं, समाज के अंतिम व्यक्ति की खुशियों से जुड़ने का अवसर भी होते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के लिए नागरिकों के सम्मान और सबकी खुशी से बढ़कर दूसरा कोई त्यौहार नहीं है। इसीलिए हमने आने वाले त्यौहारों पर सबसे पहले बुजुर्गजनों को पेंशन राशि अंतरित करने का फैसला लिया।

घर की रौनक बहनों से

श्रावण मास और आगामी रक्षाबंधन पर्व का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की लगभग 22 लाख 20 हजार से अधिक बहनों के खातों में अप्रैल और मई 2026 की गैस सिलेंडर रिफिल की राशि भी सिंगल क्लिक से अंतरित की। इसके तहत करीब 99 करोड़ रुपये की दो माह की सब्सिडी बहनों के खातों में पहुंचाई गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सावन तो बहनों का ही महीना होता है। बहनें खुश न हों, तो घर में रौनक नहीं होती, इसीलिए हमने अभी से ही उन्हें रक्षाबंधन का उपहार देना शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की सभी बहनों को रक्षाबंधन की आत्मीय शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सभी आनंद से रक्षाबंधन मनाएं, अच्छे पकवान बनाएं और अपने भाईयों को खिलाएं। उन्होंने कहा कि बहनों की खुशी में ही हमारी खुशी है, बहनों के कल्याण में हम कोई कमी नहीं रखेंगे।

तिरंगा लगाने की अपील

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को हरियाली तीज, स्वतंत्रता दिवस और रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए महाकाल की कृपा से सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उन्होंने हर घर तिरंगा अभियान के तहत प्रदेश के सभी नागरिकों से अपने-अपने घरों पर तिरंगा लगाने का आह्वान किया। मंत्रालय में हुए कार्यक्रम को खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण, उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति रश्मि अरूण शमी, प्रमुख सचिव सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण सोनाली वायंगणकर सहित अन्य विभागीय अधिकारी भी उपस्थित थे।


 

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