मंडला में आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई
मुर्गाटोला में अवैध शराब के अड्डों पर छापा, 1200 किलो महुआ लाहन नष्ट
- शराब माफियाओं पर चला प्रशासन का डंडा
- 1.26 लाख रुपये की अवैध सामग्री जब्त
- आबकारी टीम को देख भागे आरोपी
मंडला महावीर न्यूज 29. जिले में अवैध मदिरा के निर्माण और बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए आबकारी विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। गुरुवार को मंडला वृत्त के ग्राम मुर्गाटोला में आबकारी बल ने शराब माफियाओं के ठिकानों पर दबिश देकर भारी मात्रा में महुआ लाहन और अवैध कच्ची शराब बरामद की है। आबकारी टीम की इस कार्रवाई से अवैध शराब का कारोबार करने वालों में हड़कंप मच गया है।
कलेक्टर के निर्देश पर हुई कार्रवाई
यह छापामार कार्रवाई मंडला कलेक्टर श्री राहुल नामदेव धोटे एवं जिला आबकारी अधिकारी (प्रभारी) तथा सहायक जिला आबकारी अधिकारी शैली शैयाम के सख्त मार्गदर्शन में की गई। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर आबकारी विभाग की टीम ने ग्राम मुर्गाटोला में मदिरा का निर्माण करने वाले अवैध अड्डों पर अचानक धावा बोला।
कार्रवाई के मुख्य बिंदु और जब्ती
छापेमारी के दौरान आबकारी टीम ने 3 अलग-अलग अवैध अड्डों की सघन तलाशी ली, जिसमें निम्नलिखित सामग्री पकड़ी गई:
- 120 डिब्बे महुआ लाहन: प्रत्येक डिब्बे में लगभग 10 किलो महुआ लाहन भरा हुआ था (कुल जब्ती 1200 किलो)।
- 45 लीटर कच्ची शराब: हाथ भट्टी से बनी अवैध कच्ची शराब भी मौके से बरामद की गई।
- 1,26,750 रुपये अनुमानित कीमत: नष्ट किए गए महुआ लाहन और जब्त शराब की कुल अनुमानित कीमत लगभग 1 लाख 26 हजार 750 रुपये आंकी गई है।
मौके पर नष्ट किया गया लाहन, आरोपियों पर मामला दर्ज
आबकारी बल को अपनी ओर आता देख अवैध शराब के निर्माण में लगे आरोपी मौके से भागने में सफल रहे। टीम ने त्वरित कदम उठाते हुए संपूर्ण 1200 किलो महुआ लाहन को घटनास्थल पर ही नष्ट कर दिया। फरार अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर लिया गया है और उनकी सरगर्मी से तलाश की जा रही है।
“मदिरा का अवैध रूप से विक्रय और निर्माण करने वालों के विरुद्ध विभाग की यह सख्त कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।” — आबकारी विभाग
कार्रवाई में शामिल टीम
इस सफल दबिश की कार्रवाई में आबकारी उपनिरीक्षक सर्वेश नागवंशी, सचिन मंडलोई, हरे सिंह उइके, दुर्जन कुलेश, प्रधान आरक्षक विजय कमलेश, सत्यपाल मरावी, शकुंतला सैयाम, रघुनाथ उइके, महेश पटेल, नेतराम काकोटिया और बिहारी साहू की महत्वपूर्ण और सराहनीय भूमिका रही।












