एक देश-एक विधान-एक प्रधान की राह पर चलने वाला है एमपी, सीएम ने कहा देश में सर्वश्रेष्ठ बने मध्यप्रदेश पुलिस

सरकार का पूरा फोकस UCC पर, सीएम डॉ. मोहन बोले- मुस्लिम बहनों को मिलेगी हलाला जैसी कई परेशानियों से राहत

सरकार ने विधानसभा के पटल पर रखा यूसीसी अध्यादेश

  • एक देश-एक विधान-एक प्रधान की राह पर चलने वाला है एमपी
  • देश में एमपी पुलिस की स्थिति बेहतर, इसकी दक्षता और बढ़ाएगी सरकार

भोपाल/मंडला महावीर न्यूज 29. मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वह ऐतिहासिक काम कर दिया है, जिसकी लंबे समय से प्रतीक्षा थी। उनके नेतृत्व में राज्य सरकार ने समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code-UCC) का अध्यादेश विधानसभा के पटल पर रख दिया है। अब जल्द के कानून का रूप ले लेगा। इससे राज्य में एक विधान की नीति लागू हो जाएगी। सभी वर्ग एक समान कानून के तहत जीवन गुजारेंगे। इसे लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यूसीसी की सबसे बड़ा फायदा मुस्लिम बहनों को होगा। उन्हें हलाला सहित जीवन की कई परेशानियों से मुक्ति मिलेगी। इसके अलावा उन्होंने पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों से जुड़ी योजना पर भी चर्चा की।मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने 20 जुलाई को पुलिस मुख्यालय में बैठक के बाद मीडिया से कहा कि ये मध्यप्रदेश की धरती है। यहां राम-रहीम-रॉबिन सबके लिए एक कानून का होना आवश्यक है। इस कानून का अध्यादेश विधानसभा के पटल पर प्रस्तुत हुआ है। हम उम्मीद करते हैं कि विधानसभा के इस वर्षाकालीन सत्र में इसे कानून का रूप दें और भविष्य में सबको लाभांवित करें। उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता में जो समान कानून की बात कही गई है, उसमें बड़ी संख्या में मुस्लिम बहनों को-मुस्लिम महिलाओं को लाभ मिलने वाला है। उन्हें हलाला जैसी परेशानियों से मुक्ति मिलने वाली है। यही वजह है कि जब समान नागरिक संहिता के लिए सुझाव आए तो बड़ी संख्या में मुस्लिम बहनों ने उसका समर्थन किया है। सीएम डॉ. यादव ने कहा कि हम एक देश-एक विधान-एक प्रधान और एक व्यवस्था की राह पर चलने वाले लोग हैं। मैंने आज विपक्ष से भी कहा है कि आप और हम सब मिलकर प्रदेश की बेहतरी के लिए एकजुटता के साथ आगे बढ़ें।

अपराधी को न मिले बचने का मौका

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने पुलिस भर्ती की मंजूरी दी है। 8 साल पहले सब इंस्पेक्टर की भर्ती हुई थी। पुलिस का काम बेहतर तरीके से संचालित होना चाहिए, सभी प्रकार के अपराधों पर लगाम लगनी चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने नशे के खिलाफ अभिया़न चलाने की बात कही है। हम इस पर योजना बना रहे हैं। मध्यप्रदेश की पुलिस देश की बाकी पुलिस से बेहतर स्थिति में है। लेकिन, उसकी दक्षता को और निखारना है। उन्होंने कहा कि अपराधी कोई भी हो, उसे बचने का मौका नहीं मिलना चाहिए। हमने कुछ दिन पहले सीएम हाउस में राज्य के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ बैठक कर प्रमोशन और भर्ती सहित कई विषयों पर चर्चा की थी। हमारे नक्सलवादी इलाकों से अब जब नक्सली समाप्त हो गए हैं, तो वहां विकास कैसे हो, इस पर चर्चा की। मुझे संतोष है कि सभी विभागों में जो प्रमोशन हुए हैं, उनमें सबसे ज्यादा पुलिस विभाग में हुए हैं। उन्होंने कहा कि और भी भर्तियां निकाल रहे हैं। हम साल प्रमोशन की व्यवस्था कर रहे हैं।


सीएम डॉ. मोहन यादव ने की तारीफ, कहा- देश में सर्वश्रेष्ठ बने मध्यप्रदेश पुलिस

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुलिस मुख्यालय में की वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा

  • पुलिस में 25 हजार पदोन्नतियों के लिए दी बधाई
  • नए कानूनों के क्रियान्वयन के लिए प्रभावी कार्य हो

भोपाल/मंडला महावीर न्यूज 29. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 20 जुलाई को पुलिस मुख्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक ली। इस बैठक में उन्होंने कहा कि हाल ही में राज्य सरकार के पदोन्नति अभियान में पुलिस में सर्वाधिक पदोन्नतियां हुई हैं। इसलिए कानून व्यवस्था की स्थिति को मजबूत बनाए रखने, अपराधों पर सख्त नियंत्रण और अधिक परिणाम लाने का कार्य किया जाए। मध्यप्रदेश पुलिस देश में सर्वश्रेष्ठ पुलिस मानी जाए, इसके लिए प्रयासों में कमी नहीं रखना है। नागरिकों में पुलिस के प्रति भरोसा है, इसे कायम रखें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुलिस में विभिन्न स्तरों के लगभग 25 हजार पदों पर की गई पदोन्नति की कार्यवाही के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को बधाई दी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में केंद्र सरकार द्वारा लागू नए कानूनों के क्रियान्वयन के लिए प्रभावी कार्य हो। उन्होंने निर्देश दिए कि राजधानी से लेकर जिलों तक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और पुलिस बल आने वाले त्योहारों और स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम की आवश्यक तैयारी करें। नागरिकों को बेहतर कानून व्यवस्था का लाभ मिले। पुलिस अमला त्योहारों के अवसर पर मुस्तैद रहे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा नक्सलवाद के खात्मे के लिए जिस दृढ़ संकल्प और इच्छाशक्ति का परिचय देते हुए उपलब्धि प्राप्त की गई, उसमें मध्यप्रदेश के नक्सल क्षेत्र को भी सामान्य बनाने में सफलता मिली है। नक्सलवाद के खत्म होने के पश्चात विकास कार्यों की गति बढ़ानी है और ऐसे इलाकों में पुलिस अमला भी सकारात्मक कार्यों से जुड़कर अपनी महत्वपूर्ण भूमिका को निभा सकता है।

नशा मुक्ति अभियान का निरंतर क्रियान्वयन करें

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में नशामुक्ति अभियान का निरंतर क्रियान्वयन होता रहे। हाल ही में अभियान के अंतर्गत ‘नशे से दूरी है जरूरी’ स्लोगन को लोकप्रियता मिली है और नागरिकों ने नशामुक्ति की शपथ ली है। केंद्रीय गृह मंत्री शाह द्वारा निर्धारित नशामुक्ति अभियान के लक्ष्य के अनुरूप कार्य किया जाए। नक्सलवाद से मुक्ति की तरह नशा मुक्ति के लिए तय समय-सीमा के पहले ही मध्यप्रदेश अच्छा कार्य करके दिखाए। इस क्रम में पुलिस विभाग, उच्च शिक्षा विभाग से समन्वय कर शिक्षण संस्थाओं में जागरूकता बढ़ाने में सहयोगी बनें। श्रेष्ठ कार्य के लिए नशामुक्ति अभियान में योगदान देने वालों को पुरस्कृत भी करें। अन्य राज्यों से लगे सीमावर्ती क्षेत्रों में नशीले पदार्थों के अवैध परिवहन पर नियंत्रण किया जाए।

उद्योग क्षेत्र और अन्य संस्थानों को उपलब्ध करवाएं सुरक्षा स्टाफ

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में उद्योगों का विस्तार हो रहा है, इस नाते आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था भी जरूरी हो गई है। विभिन्न संस्थानों और उद्योग क्षेत्र के लिए एसआईएसएफ से लाइसेंसधारी सुरक्षा स्टाफ प्रदान करवाने का कार्य हो। भविष्य की दृष्टि से विकास के क्षेत्रों और सामाजिक स्तर पर उत्पन्न होने वाली चुनौतियों की भी तैयारी रखें। वरिष्ठ अधिकारी हर समस्या के समाधान के प्रयास करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुलिस के लिए आवश्यक पदों की स्वीकृति दी गई है। राज्य शासन प्रदेश में नागरिकों के लिए शांति व्यवस्था और सदभाव के वातावरण को बनाए रखने के लिए पुलिस बल में पर्याप्त वृद्धि के निरंतर प्रयास कर रहा है। इस सिलसिले में लगभग 25 हजार पदोन्नतियां हाल ही में विशेष अभियान के अंतर्गत विभिन्न पदों पर की गई हैं। आरक्षक से लेकर उपनिरीक्षक और निरीक्षक के पदों पर बरसों से पदोन्नतियां नहीं हुई थीं। अन्य विभागों के साथ पुलिस विभाग में पदोन्नतियों का लाभ आमजन को बेहतर सेवाओं के रूप में मिलेगा।

बैगा-सहरिया-भारिया की नियुक्तियों पर ध्यान दें

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुलिस विभाग में आगे भी पद रिक्त होने की स्थिति में डीपीसी कर प्रक्रिया पूर्ण की जाए। इसके लिए कैलेंडर तैयार किया जाए। पद पूर्ति के लिए बैकलॉग समाप्त किया जाए। स्वीकृत पद भरने में विलंब नहीं होना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इसी तरह पुलिस में प्रत्येक स्तर पर रिक्त पदों की पूर्ति का कार्य बिना विलंब किया जाए। प्रदेश की तीन विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा, सहरिया, भारिया की नियुक्तियों पर ध्यान दें। इन जनजातियों के रहवास के छह जिलों में योग्य युवाओं को पुलिस सहित विभिन्न सेवाओं में रुचि के अनुरूप भर्ती पर भी विचार किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आगामी गणतंत्र दिवस पर प्रत्येक जिले का अपना बैंड ग्रुप तैयार हो जाए, यह सुनिश्चित करें। अधिकांश जिलों में पदों की पूर्ति की जा चुकी है। शेष जिलों में यह कार्य पूर्ण किया जाए। बैठक में पुलिस हाऊसिंग बोर्ड के कार्यों, वाहनों की आवश्यकता, पुलिस रिक्रूटमेंट बोर्ड, सीन ऑफ क्राइम पर जाने के लिए एफएसएल की तरह व्यवस्था पर भी चर्चा हुई।


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