सड़क हादसे ने खोला वन्यप्राणी अंग तस्करी का राज
देवदारा में बाइक सवार से बारहसिंगा के सींग जब्त
- ऑटो से टक्कर के बाद सड़क पर गिरे दुर्लभ सींग
- राहगीरों ने पकड़कर आरोपी को पुलिस के किया हवाले
मंडला महावीर न्यूज 29. जिला मुख्यालय के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम देवदारा स्थित राजीव कॉलोनी (चूना भट्टा, देव मार्ट के पास) में एक सड़क दुर्घटना के बाद वन्यप्राणी बारहसिंगा के सींगों की तस्करी का एक संदिग्ध मामला सामने आया है।
दुर्घटना के बाद सड़क पर फैले दुर्लभ सींग
जानकारी अनुसार एक युवक अपनी मोटरसाइकिल (क्रमांक MP 51 ZA 3861) पर सवार होकर राजीव कॉलोनी से गुजर रहा था। इसी दौरान देव मार्ट के सामने उसकी बाइक सड़क पर जा रहे एक मालवाहक ऑटो से टकरा गई। यह टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक पर रखे बारहसिंगा के सींग छिटककर सड़क पर जा गिरे।
सड़क पर पड़े असली सींगों को देखकर राहगीर दंग रह गए और मौके पर देखते ही देखते लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। भीड़ एकत्र होने से क्षेत्र का यातायात बाधित होने लगा।
स्थानियों की तत्परता और पुलिस की कार्रवाई
घटनास्थल पर मौजूद राहगीरों ने बिना देरी किए तत्परता दिखाते हुए आरोपी युवक को तुरंत दबोच लिया और कोतवाली पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस की टीम तत्काल मौके पर पहुँची। पुलिस ने सबसे पहले एकत्र भीड़ को हटाया और यातायात व्यवस्था को सुचारू कराया।
इसके बाद पुलिस ने हिरासत में लिए गए युवक से पूछताछ शुरू की। हालांकि शुरुआती पूछताछ में आरोपी पुलिस को कोई संतोषजनक या स्पष्ट उत्तर नहीं दे सका।
वन विभाग को सौंपा गया मामला
मामला दुर्लभ वन्यप्राणी के अंगों के अवैध परिवहन से जुड़ा होने के कारण कोतवाली पुलिस ने तत्काल वन परिक्षेत्र मंडला को सूचित किया। वन विभाग के अधिकारियों के मौके पर पहुँचने के बाद आरोपी ने दावा किया कि ये सींग उसके नहीं हैं और वह इन्हें कटरा क्षेत्र से किसी परिचित व्यक्ति के लिए ला रहा था।
आरोपी के बयान संदिग्ध लगने पर वन विभाग की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बारहसिंगा के सींगों को अपने कब्जे में लेकर जब्त कर लिया।
संयुक्त टीम कर रही गहन जांच
फिलहाल आरोपी युवक और उसकी मोटरसाइकिल को कोतवाली पुलिस की अभिरक्षा में रखा गया है। पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम मामले की गहनता से विवेचना कर रही है। अधिकारी इस बात का पता लगाने में जुटे हैं कि बारहसिंगा के ये सींग कहाँ से लाए गए थे, किस शिकार की घटना से जुड़े हैं और इन्हें किसे बेचने या पहुँचाने की योजना थी।










