अनशनकारी ने किया देह दान का ऐलान

सीवर लाइन से बदहाल सड़कों पर आर-पार की लड़ाई

जनसमस्याओं को लेकर नरेंद्र सिंह का आमरण अनशन शुरू

  • कलेक्ट्रेट मार्ग पर मौन व्रत धारण कर बैठे
  • प्रशासन के आश्वासन को नकार आंदोलन तेज
  • अनशनकारी ने किया देह दान का ऐलान

मंडला महावीर न्यूज 29. नगर में सीवर लाइन निर्माण के बाद सड़कों की बदहाल स्थिति और विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर समाजसेवियों का आक्रोश गहराता जा रहा है। इसी कड़ी में 1 जुलाई से कलेक्ट्रेट मार्ग पर धरने पर बैठे समाजसेवी नरेंद्र सिंह परिहार ने प्रशासन द्वारा मांगें पूरी न किए जाने पर शनिवार 4 जुलाई से अपना आमरण अनशन शुरू कर दिया है। अनशन के पहले दिन परिहार कलेक्ट्रेट मार्ग पर पूर्ण रूप से मौन धारण कर डटे रहे। इस आंदोलन को नगर के विभिन्न समाजसेवियों और नागरिकों का व्यापक समर्थन मिल रहा है।

अनशन के बीच देहदान का लिया फैसला 

आंदोलन के बीच समाजसेवी नरेंद्र सिंह परिहार ने एक अत्यंत भावुक और बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने अनशन के दौरान अपनी मृत्यु की स्थिति में पारंपरिक अंतिम संस्कार के बजाय अपना शरीर मेडिकल कॉलेज को दान करने की इच्छा जताई है। इस संबंध में उन्होंने सीएमएचओ को एक औपचारिक आवेदन भी सौंप दिया है।

सीवर लाइन निर्माण में लापरवाही का आरोप 

आंदोलन का समर्थन कर रहे प्रबुद्ध नागरिकों और समाजसेवियों का आरोप है कि नगर में सीवर लाइन निर्माण के दौरान गुणवत्ता मानकों का बिल्कुल ध्यान नहीं रखा गया। निर्माण एजेंसी की घोर लापरवाही के कारण शहर की प्रमुख सड़कें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं, जिससे नगरवासियों को लंबे समय से आवागमन में भारी दिक्कतों और हादसों का सामना करना पड़ रहा है।

प्रशासन का लिखित आश्वासन खारिज, वार्ता विफल 

बताया गया कि इससे पूर्व नायब तहसीलदार सहित प्रशासनिक अधिकारियों ने धरना स्थल पर पहुंचकर नरेंद्र सिंह परिहार से मुलाकात की थी और उनकी मांगों पर चर्चा की थी। प्रशासन ने बारिश के मौसम का हवाला देते हुए सड़कों के सुधार कार्य के संबंध में एक लिखित आश्वासन भी दिया था। आंदोलनकारियों का कहना है कि प्रशासन के लिखित आश्वासन में उन जरूरी कार्यों का कोई उल्लेख नहीं किया गया है जिन्हें बारिश के दौरान भी आसानी से कराया जा सकता है। इसी तकनीकी बिंदु पर प्रशासन और आंदोलनकारियों के बीच सहमति नहीं बन सकी, जिसके बाद आंदोलन ने आमरण अनशन का उग्र रूप ले लिया। फिलहाल परिहार अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और अनशन जारी है।


Leave a Comment