कब्र से निकाला गया युवती का शव

मवई मर्डर केस में बड़ा मोड़

सड़क हादसा बताने वाली पुलिस की खुली पोल

  • परिजनों के विरोध के बाद कब्र से निकाला गया युवती का शव
  • मवई में बारिश के चलते टला युवती का पोस्टमार्टम
  • दोबारा जांच के लिए बिछिया स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया शव

मंडला महावीर न्यूज 29. मवई थाना क्षेत्र अंतर्गत सारसडोली सड़क मार्ग पर मडवा गाँव के पास गत 2 जून 2026 को हुई एक युवती की संदिग्ध मौत के मामले में अब एक नया और सनसनीखेज मोड़ आ गया है। परिजनों का आरोप है कि उत्तम माठले नामक व्यक्ति ने युवती का गला दबाकर और धारदार हथियार से उसकी बेरहमी से हत्या कर दी और शव को सड़क किनारे फेंक कर फरार हो गया था। इस मामले में मवई पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं, क्योंकि पुलिस ने शुरुआत में इसे एक साधारण सड़क हादसा करार दिया था।बताया गया कि पुलिस की इस बात से असंतुष्ट परिजनों ने हार नहीं मानी और 2 जुलाई को एसडीएम को एक लिखित आवेदन देकर मामले की दोबारा निष्पक्ष जांच और शव को कब्र से निकालकर पुन: पोस्टमार्टम कराने की मांग की। परिजनों की इस गुहार के बाद प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में युवती के शव को दोबारा बाहर निकाला गया। हालांकि क्षेत्र में हो रही तेज बारिश के कारण मवई में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी, जिसके चलते शव को अग्रिम जांच और पोस्टमार्टम के लिए बिछिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रेफर कर दिया गया है।

हत्या को सड़क हादसा बनाने की साजिश के खिलाफ परिजनों का फूटा गुस्सा 

मवई थाना क्षेत्र में हुई एक युवती की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस और डॉक्टरों की बड़ी लापरवाही सामने आई है। मृतिका के पिता आशाराम बघेल का कहना है कि युवती की हत्या गला घोंटकर की गई थी, लेकिन तत्कालीन थाना प्रभारी प्रताप सिंह मरकाम ने हत्या का मामला दर्ज करने के बजाय इसे सड़क दुर्घटना दिखाकर केस को रफा-दफा करने की पूरी कोशिश की। आशाराम बघेल ने बताया कि मृतिका के गले पर किसी केबल या रस्सी से गला घोंटने के स्पष्ट निशान थे, जिसे मवई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर वैभव पटेल ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसे शामिल नहीं किया। इस लापरवाही और प्रशासनिक उदासीनता से तंग आकर परिजनों को दोबारा शव निकालकर जांच कराने के लिए मजबूर होना पड़ा। पीडि़त पक्ष का कहना है कि मध्य प्रदेश शासन के संबंधित विभाग इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। न्याय के लिए उन्हें दर-दर भटकना पड़ रहा है और ऐसा महसूस हो रहा है जैसे वे आउटसोर्स के जरिए खुद ही जांच करा रहे हों। फिलहाल प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में दोबारा निष्पक्ष पोस्टमार्टम के लिए युवती का शव कब्र से बाहर निकाला गया है जिससे सच सामने आ सके।

इनका कहना है

जो पहले पोस्टमार्टम हुआ था, उसमें कुछ कमियां रह गई हैं। जैसे गले में निशान था, जो कि गला घोंटने का निशान है, जिसे पीएम की रिपोर्ट में नहीं लिखा गया है। जिसके कारण हम दोबारा पीएम करा रहे है। के लिए करवा रहे हैं। इस घटना को जो एक्सीडेंट कहा जा रहा है, वह एक्सीडेंट नहीं है। क्योंकि हमें अभी तक टीआई के द्वारा न किसी और सोर्स से हमें स्कूटी की गिरी हुई फोटो नहीं मिली है, न ही स्कूटी में किसी प्रकार का कोई खरोंच मिले है।
समीक्षा बघेल, परिजन

परिजनों ने संदेह व्यक्त किया था और आपत्ति जताई थी, इसलिए हमने पुन: पीएम एसडीएम मेडम के आदेश से कराया है।
आरती तेकाम, टीआई, मवई थाना

दोबारा पीएम इसलिए कराया जा रहा है, क्योंकि उस समय जो तत्कालीन टीआई प्रताप सिंह द्वारा हत्या का केस दर्ज न करके इसको सड़क दुर्घटना दिखाकर केस को रफा-दफा करने की कोशिश की गई। इस मामले में लड़की के गले में निशान मिले थे, जो पीएम में नहीं दर्शाया गया है।
आशाराम बघेल, मृतिका के पिता

जब पोस्टमार्टम पूर्ण हो जाएगा, इसके बाद ही कोई पुष्टि होगी। क्योंकि आज मौसम ने भी साथ नहीं दिया, परिस्थिति ऐसी थी जिसके कारण हम शव परीक्षण करने के बाद बॉडी को नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बिछिया की मर्च्युरी में शिफ्ट कर रहे हैं। क्योंकि बॉडी की हालत ऐसी है कि हम उसको ट्रांसफर कर सकते हैं। शव का पीएम बिछिया में होगा। अभी हमने पीएम शुरू नहीं किया है, अभी हमने केवल जो है बॉडी को बाहर निकालने की कार्रवाई की है, शव का परीक्षण बस किया है, इसके बाद पोस्टमार्टम किया जाएगा।
डॉ. अजयतोष मरावी, मवई


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