बेटी की मौत को बीते दो महीने, पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप
पीडि़त माता-पिता ने कलेक्टर से लगाई निष्पक्ष जांच की गुहार
- लापता होने के बाद कुंभ स्थल पर मिला था शव
- कुंभ स्थल पर मृत मिली 15 वर्षीय किशोरी
- न्याय के लिए कलेक्टर की चौखट पर पहुंचे माता-पिता
- हत्या की आशंका जताते हुए कार्रवाई की मांग
मंडला महावीर न्यूज 29. जिला मुख्यालय में आयोजित जनसुनवाई में एक बेहद संवेदनशील और गंभीर मामला सामने आया है। महाराजपुर थाना क्षेत्र के आशियाना कॉलोनी निवासी पीडि़त माता-पिता ने अपनी 15 वर्षीय नाबालिग बेटी की संदिग्ध मौत के मामले में निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। परिजनों का आरोप है कि घटना को दो महीने से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन महाराजपुर पुलिस द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई या पूछताछ नहीं की गई है।
शिकायती पत्र में प्रार्थी शिव बैरागी ने बताया कि उनकी 15 वर्ष 4 माह की बेटी भूमिका बैरागी विगत 23 मार्च को सुबह घर से दादा को टिफिन देने निकली थी, जिसके बाद वह वापस नहीं लौटी। परिजनों द्वारा 24 मार्च को थाना महाराजपुर में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इसके बाद 29 मार्च को भूमिका का शव कुंभ स्थल पर रेत में दबा हुआ मिला था। हैरान करने वाली बात यह है कि उसी स्थान से कुछ ही दूरी पर मंगल नंदा नामक एक लड़के का शव भी फांसी पर लटका हुआ पाया गया था, जो कि 24 मार्च से अपने घर से गायब था।
कार से अगवा करने और हत्या का अंदेशा
पीडि़त परिवार ने इस मामले में हत्या की गहरी आशंका व्यक्त की है। शिकायत के अनुसार स्थानीय लोगों के माध्यम से परिजनों को पता चला था कि 23 मार्च की रात करीब 9.30 बजे महाराजपुर निवासी मोहित राय नामक युवक नाबालिग लड़की को अपनी कार में बिठाकर ले गया था। परिजनों ने खुद जब खोजबीन की तो खालसा ढाबा मोहन टोला और राय ढाबा से जानकारी मिली कि लड़की को कुछ लड़कों के साथ देखा गया था, जिनमें से कुछ अत्यधिक शराब के नशे में थे। शव मिलने की स्थिति भी संदेहास्पद थी। मृतका के सिर के बाल काटकर रेत में दबा दिए गए थे, उसका हेयर बैंड तो मौके पर मिला लेकिन उसकी चप्पलें गायब थीं। परिजनों का सीधा आरोप है कि मोहित राय द्वारा ही उनकी बेटी की जान ली गई है।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल
मृतिका की माता पुष्प बैरागी और पिता शिव बैरागी ने महाराजपुर पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि जब उन्होंने बेटी के कार में ले जाए जाने की शुरुआती जानकारी थाने में दी थी, तब भी पुलिस ने कोई तत्परता नहीं दिखाई। पोस्टमाॉर्टम के बाद शव सौंपे जाने को दो महीने बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है। पीडि़त माता-पिता थाने के चक्कर काट-काटकर थक चुके हैं, परंतु उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
उचित जांच और दंडात्मक कार्रवाई की मांग
कलेक्टर को सौंपे गए पत्र के माध्यम से व्यथित माता-पिता ने गुहार लगाई है कि इस संदिग्ध मौत के मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। उन्होंने मांग की है कि घटना के मुख्य संदिग्धों से कड़ी पूछताछ की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई कर पीडि़त परिवार को न्याय प्रदान किया जाए।










