जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में संपन्न हुआ प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस
हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की हुई विशेष पहचान
- गर्भावधि मधुमेह के लिए हुआ ओजीटीटी टेस्ट
- पैथोलॉजी जांच के बाद पात्र महिलाओं को बांटी गईं नि:शुल्क दवाएं
मंडला महावीर न्यूज 29. स्वास्थ्य विभाग द्वारा मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में प्रभावी कमी लाने और गर्भवती महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिले में निरंतर विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस का आयोजन किया जा रहा है। इस विशेष अभियान के तहत हर माह की 09 और 25 तारीख को गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच अनिवार्य रूप से की जा रही है, जिससे जच्चा और बच्चा दोनों सुरक्षित व स्वस्थ रहें।
सीएमएचओ डॉ. डीजे मोहंती ने बताया कि इस सुरक्षित मातृत्व अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रसव से पहले ही ऐसी गर्भवती महिलाओं की समय रहते पहचान करना है, जिन्हें उच्च जोखिम गर्भावस्था की श्रेणी में रखा गया है। नारायणगंज सीबीएमओ डॉ. अमृत लाल कोल ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि हाई रिस्क प्रेगनेंसी वह स्थिति है, जिसमें सामान्य गर्भावस्था की तुलना में मां और शिशु दोनों में स्वास्थ्य संबंधी जटिलताएं विकसित होने की संभावना काफी अधिक होती है। प्रसव पूर्व जांच के दौरान यदि किसी भी महिला में एबनॉर्मल भ्रूण या गर्भाशय से जुड़ी कोई शिकायत मिलती है, तो उसे बेहतर उपचार के लिए तत्काल उच्च स्वास्थ्य केन्द्र में रेफर किया जाता है।
मधुमेह की पहचान के लिए हुआ विशेष ओजीटीटी टेस्ट
शिविर की व्यवस्थाओं के संबंध में नर्सिंग ऑफिसर सोनिका उइके ने बताया कि इस विशेष शिविर में गर्भवती महिलाओं के लिए ओरल ग्लूकोज टॉलरेंस टेस्ट प्रमुखता से किया गया। यह एक विशेष लैब टेस्ट है, जिससे यह सटीक पता चलता है कि गर्भवती महिला का शरीर शुगर को कितनी अच्छी तरह से संसाधित कर रहा है। इसके लिए उपस्थित महिलाओं को मानक प्रक्रिया के तहत 300 एमएल पानी में 75 ग्राम ग्लूकोज मिलाकर पिलाया गया और ठीक दो घंटे बाद उनके रक्त (ब्लड) के नमूने लेकर सघन जांच की गई। यह टेस्ट महिलाओं में गर्भावधि मधुमेह के शुरुआती निदान के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
विशेषज्ञों ने दिया परामर्श, हुई नि:शुल्क पैथोलॉजी जांचें
लैब टैक्निशियन मोनिका सिंगरौरे ने बताया कि शिविर के दौरान सभी गर्भवती महिलाओं का एचआईवी, हीमोग्लोबिन, ब्लड शुगर, यूरीन प्रोटीन, ब्लड प्रेशर और सिकलिंग जैसे तमाम आवश्यक परीक्षण पूरी तरह नि:शुल्क किए गए। शिविर में डॉ. दीप्ति अग्रवाल, नर्सिंग मेडिकल ऑफिसर सोनिका उइके और सपना पटेल द्वारा महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें उचित चिकित्सीय परामर्श दिया गया। इसके साथ ही ब्लड प्रेशर की जांच की गई, जबकि लैब टेक्नीशियन मोनिका सिंगरौरे, प्रदीप कछवाहा और वीर सिंह ने पैथोलॉजी जांचें संपन्न कराईं। शिविर के अंतिम चरण में फार्मासिस्ट निशेष नामदेव द्वारा पात्र महिलाओं को नि:शुल्क दवाओं का वितरण किया गया।
अपील-जांच ही सुरक्षा का असली आधार
स्वास्थ्य विभाग मंडला ने जिले की सभी गर्भवती महिलाओं से अपील की है कि वे निर्धारित तिथि 09 और 25 तारीख को अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में अवश्य पहुंचें और इन शासकीय सुविधाओं का पूरा लाभ उठाएं। बताया गया कि संस्थागत सुरक्षित प्रसव के लिए समय पर पंजीकरण कराना और नियमित जांच कराना ही जच्चा-बच्चा की सुरक्षा की पहली और सबसे मजबूत सीढ़ी है।









