समान कार्य समान वेतन की मांग पर अड़े संविदा स्वास्थ्य कर्मी
दूसरे दिन भी हड़ताल जारी, पूर्व विधायक ने दिया समर्थन
- मंडला में चरमराईं स्वास्थ्य सेवाएं
- कार्यालय से लेकर टीकाकरण और अस्पतालों के काम ठप
- झुकने को तैयार नहीं कर्मचारी
मंडला महावीर न्यूज 29. अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर जिले के संविदा स्वास्थ्य कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल दूसरे दिन बुधवार को भी पूरी दृढ़ता के साथ जारी रही। इस बेमियादी आंदोलन के कारण पूरे मंडला जिले की स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह लडख़ड़ा गई हैं। फील्ड स्तर से लेकर जिला अस्पताल और प्रशासनिक कार्यालयों तक का कामकाज ठप हो गया है। इस बीच, आंदोलनकारी कर्मचारियों को राजनीतिक गलियारों से भी समर्थन मिलना शुरू हो गया है। बुधवार को पूर्व विधायक और कांग्रेस जिलाध्यक्ष डॉ. अशोक मर्सकोले ने धरना स्थल पहुंचकर संविदा कर्मियों की मांगों को अपना पूर्ण समर्थन दिया।
संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष अमित तिवारी ने बताया कि शासन और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के आला अधिकारियों द्वारा हड़ताल को खत्म कराने के लिए लगातार प्रशासनिक दबाव बनाया जा रहा है। अधिकारियों द्वारा कार्रवाई की धमकियां दी जा रही हैं, लेकिन कर्मचारी अपने हक की लड़ाई में पीछे हटने या झुकने को तैयार नहीं हैं। मंगलवार से शुरू हुई इस बेमियादी हड़ताल के दूसरे दिन भी जिले भर से आए विभिन्न कैडर के संविदा कर्मचारी बड़ी संख्या में धरना स्थल पर डटे रहे।
नियमितीकरण और समान कार्य समान वेतन मुख्य मांग
आंदोलनकारी कर्मचारियों ने बताया कि उनकी मुख्य मांग मुख्यमंत्री द्वारा 30 जनवरी को भोपाल के दशहरा मैदान में की गई घोषणाओं को पूरा कराना है। इसके तहत संविदा कर्मियों का नियमितीकरण करने, वर्ष 2023 की नीति के अनुसार एनपीएस, स्वास्थ्य बीमा, 10 प्रतिशत वार्षिक वेतनवृद्धि, नियमित कर्मचारियों की तरह महंगाई भत्ता व अवकाश की पात्रता देने की मांग शामिल है। इसके अलावा समान कार्य समान वेतन लागू करने, सीएचओ के वेतन में पीबीआई का समायोजन करने, वेतन विसंगतियों को दूर करने और सार्थक एप को तत्काल बंद करने जैसी प्रमुख मांगें शामिल हैं। कर्मचारियों का कहना है कि माननीय न्यायालय ने भी 10 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके संविदा कर्मियों को नियमित करने का आदेश दिया है, लेकिन शासन और मिशन प्रबंधन द्वारा अदालती आदेश की भी अनदेखी की जा रही है।
टीकाकरण और जन्म प्रमाण पत्र जैसे महत्वपूर्ण कार्य बाधित
इस अनिश्चितकालीन हड़ताल में जिले के अलग-अलग विभागों और कैडर के संविदा कर्मियों के शामिल होने से स्वास्थ्य सेवाओं पर बेहद बुरा असर पड़ा है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के उप-स्वास्थ्य केंद्रों में बच्चों और गर्भवती महिलाओं का नियमित टीकाकरण पूरी तरह रुक गया है। अस्पतालों में मरीजों की देखभाल और ओपीडी सेवाएं प्रभावित हो रही हैं, तो वहीं कार्यालयों में काम ठप होने से जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनने का काम भी रुक गया है। इसके अतिरिक्त, स्वास्थ्य योजनाओं के अंतर्गत मिलने वाली हितग्राहियों की राशि का भुगतान भी पूरी तरह अटक गया है, जिससे आम जनता परेशान हो रही है।
सरकार की मंशा ठीक नहीं – पूर्व विधायक डॉ. मर्सकोले
बुधवार को धरना स्थल पर पहुंचे पूर्व विधायक और कांग्रेस जिलाध्यक्ष डॉ. अशोक मर्सकोले ने संविदा स्वास्थ्य कर्मियों की जायज मांगों की पैरवी की। उन्होंने सरकार और विभाग को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि शासन और मिशन की मंशा इन कोरोना योद्धाओं और स्वास्थ्य कर्मियों की मांगों को पूरा करने की नहीं दिख रही है। डॉ. मर्सकोले ने आंदोलनकारियों को भरोसा दिलाया कि वे इस लड़ाई में उनके साथ हैं और शासन तथा विभागीय स्तर पर उनकी आवाज़ को मजबूती से उठाकर इन मांगों को पूरा कराने का हरसंभव प्रयास करेंगे।









