मंडला जिला जेल के कैदी की उपचार के दौरान मौत

मंडला जिला जेल के कैदी की उपचार के दौरान मौत

परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप; जेल प्रबंधन ने किया खंडन

  • भरण-पोषण के मामले में सजा काट रहे बंदी की जिला अस्पताल में मृत्यु
  • मामले की मजिस्ट्रियल जांच शुरू

मंडला महावीर न्यूज 29. मंडला जिला जेल में निरुद्ध एक कैदी की उपचार के दौरान जिला चिकित्सालय में मौत हो जाने का मामला सामने आया है। मृतक बंदी की पहचान आनंद चक्रवर्ती (48 वर्ष) के रूप में हुई है, जो मूल रूप से सिवनी जिले के केवलारी थाना क्षेत्र के ग्राम साठई का निवासी था। बताया गया है कि वह भरण-पोषण से जुड़े एक मामले में 11 महीने की सजा काट रहा था। उसे 21 जुलाई 2025 से मंडला जेल में रखा गया था और आगामी 19 जून को उसकी रिहाई होनी थी। इस घटना के बाद जेल प्रशासन और परिजनों के बीच आरोपों-प्रत्यारोपों का दौर शुरू हो गया है।

परिजनों ने लगाया जेल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप

मृतक कैदी की दूसरी पत्नी रचना चक्रवर्ती और बहनोई मदन चक्रवर्ती ने जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए लापरवाही के आरोप लगाए हैं। परिजनों का दावा है कि आनंद पिछले 4-5 दिनों से लगातार बीमार चल रहा था, लेकिन जेल के भीतर उसे समय पर उचित उपचार मुहैया नहीं कराया गया, जिससे उसकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने उसे उच्च केंद्र के लिए रेफर कर दिया था, उसके बावजूद उसे समय रहते मेडिकल कॉलेज नहीं ले जाया गया।

जेल अधीक्षक ने आरोपों को नकारा, पुराना बीमारी का दिया हवाला

जिला जेल अधीक्षक संजय सलहाम ने परिजनों द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। जेल अधीक्षक ने जानकारी देते हुए बताया कि बंदी आनंद चक्रवर्ती पहले से ही गंभीर हृदय रोग (हार्ट पेशेंट) से पीड़ित था और उसका इलाज लगातार चल रहा था।

उन्होंने कैदी के पूर्व उपचार का ब्योरा देते हुए बताया कि: ⇒

  • नवंबर 2025 में उसकी तबीयत खराब होने पर उसे बेहतर इलाज के लिए जबलपुर मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जेल में स्थानांतरित किया गया था।
  • वहां लंबे समय तक चले उपचार के बाद वह 5 अप्रैल को वापस मंडला जिला जेल लौटा था।
  • इसके बाद भी स्वास्थ्य की निगरानी रखते हुए बीते 11 मई को उसे पुनः रूटीन जांच और उपचार के लिए जबलपुर भेजा गया था।

जेल अधीक्षक के अनुसार, शनिवार शाम को अचानक आनंद की तबीयत अधिक बिगड़ने पर उसे तत्काल जिला अस्पताल लाया गया था, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक परीक्षण के बाद उसे जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया। जेल प्रबंधन द्वारा जबलपुर ले जाने के लिए एम्बुलेंस और सुरक्षा गार्ड की व्यवस्था की जा रही थी, लेकिन इसी दौरान उसने दम तोड़ दिया।

मामले की मजिस्ट्रियल जांच शुरू

जेल में निरुद्ध बंदी की मृत्यु हो जाने के कारण नियमानुसार मामले की मजिस्ट्रियल जांच (Magisterial Inquiry) शुरू कर दी गई है। जिला प्रशासन और जेल विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि मजिस्ट्रियल जांच की विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही कैदी की मौत के सही कारणों, समय और अन्य संबंधित तथ्यों का पूरी तरह से खुलासा हो सकेगा।


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