महिला सशक्तिकरण: सीएम डॉ. मोहन यादव ने कर्मयोगी बहनों को बांटीं ई-साइकिलें
वैश्विक संकट के दौर में ‘ईवी’ सबसे बेहतरीन विकल्प
- धार भोजशाला में धूमधाम से मना गंगा दशहरा
- मुख्यमंत्री ने कहा— सभी वर्गों ने किया उच्च न्यायालय के फैसले का सम्मान
भोपाल/उज्जैन/मंडला महावीर न्यूज 29. मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 26 मई को उज्जैन में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ी पहल की है। उन्होंने उज्जैन जिला प्रशासन द्वारा कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) फंड के माध्यम से जुटाई गईं 40 नि:शुल्क ई-साइकिलें महिला कर्मयोगी बहनों को उपहार स्वरूप बांटीं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने लाभान्वित बहनों को बधाई देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश और प्रदेश निरंतर प्रगति कर रहे हैं। राज्य सरकार महिलाओं के जीवन में सुख-समृद्धि, आनंद और वैभव लाने के लिए पूरी तरह संकल्पित है। वैश्विक स्तर पर बढ़ते पेट्रोल-डीजल के दामों के बीच यह ई-साइकिलें बहनों को आत्मनिर्भर और शक्ति प्रदान करेंगी।
वैश्विक ऊर्जा संकट में इलेक्ट्रिक व्हीकल उत्तम
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पर्यावरण और ऊर्जा संरक्षण पर जोर देते हुए कहा:
- वैश्विक ऊर्जा संकट के इस दौर में इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) ही भविष्य का सबसे अच्छा और सुरक्षित विकल्प हैं।
- उन्होंने इस सामाजिक कार्य में सहयोग करने वाली कंपनी के प्रयासों की सराहना की।
जल गंगा संवर्धन अभियान में देश में नंबर-1 बना मध्यप्रदेश
जल संरक्षण के क्षेत्र में प्रदेश की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार जल संवर्धन की दिशा में लगातार तीसरे वर्ष ऐतिहासिक कार्य कर रही है।
- प्रदेश में जारी ‘जल गंगा संवर्धन महाभियान’ के तहत गुड़ी पड़वा से लेकर 30 जून तक लगभग 10 हजार करोड़ रुपये की लागत से 2 लाख से अधिक विकास कार्य किए जा रहे हैं।
- इन कार्यों में नदियों, तालाबों, कुओं और ऐतिहासिक बावड़ियों का जीर्णोद्धार शामिल है।
- जनता के अथक परिश्रम और जन-भागीदारी के कारण ही मध्यप्रदेश को जल संरक्षण के कार्यों के लिए देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है।
धार भोजशाला के निर्णय का सभी वर्गों ने किया स्वागत
धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला में इस बार गंगा दशहरा उत्सव बेहद धूमधाम से मनाया गया। इस संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा:
“धार की भोजशाला को लेकर आए उच्च न्यायालय के फैसले का हिंदू-मुस्लिम सहित समाज के सभी वर्गों ने खुले दिल से सम्मान किया है। हमारे बीच मतों में भिन्नता हो सकती है, लेकिन न्यायालय का मत हमेशा सर्वोपरि होता है। राज्य सरकार कोर्ट के इस निर्णय को पूरी सफलता के साथ धरातल पर लागू करा रही है।”
— डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री












