सिंहस्थ-2028: श्रद्धालुओं को मिलेगा मां शिप्रा के शुद्ध जल से स्नान का पुण्य लाभ
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की बड़ी घोषणा
- शिप्रा तीर्थ परिक्रमा का गरिमामय समापन
- विकास के साथ विरासत के संरक्षण में देश रच रहा नए कीर्तिमान— मुख्यमंत्री
भोपाल / उज्जैन/ मंडला महावीर न्यूज 29. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन में आयोजित ‘शिप्रा तीर्थ परिक्रमा’ के समापन समारोह को संबोधित करते हुए एक ऐतिहासिक घोषणा की है। उन्होंने कहा कि आगामी सिंहस्थ-2028 में 30 किलोमीटर से अधिक लंबाई में निर्मित शिप्रा के घाट श्रद्धालुओं को पुण्य स्नान का अनूठा लाभ देंगे। लगभग छह दशकों (60 साल) के लंबे अंतराल के बाद यह पहला मौका होगा जब श्रद्धालु सिंहस्थ के दौरान केवल मां शिप्रा के प्राकृतिक और प्रवाहमान स्वच्छ जल में स्नान कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि सिंहस्थ-2016 में मां नर्मदा के जल से स्नान की व्यवस्था की गई थी, लेकिन श्रद्धालुओं की दिली इच्छा मां शिप्रा के अपने जल में स्नान करने की थी। संतों और बाबा महाकाल के आशीर्वाद से राज्य सरकार इस आकांक्षा को पूर्ण करने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है और सिंहस्थ-2028 को भव्य व यादगार बनाने के लिए अनेक विकास कार्य युद्ध स्तर पर संचालित हैं।
न्यायालय के फैसलों पर देश का भरोसा और समरसता
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने देश की उत्कृष्ट मेलजोल और समरसता की परंपरा की सराहना की। उन्होंने कहा:
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में विकास के साथ-साथ विरासत का संरक्षण भी तेजी से हो रहा है।
- हाल ही में आए अदालती फैसले देश में ‘स्वर्णकाल’ का आभास कराते हैं, जिन पर देश के नागरिक पूरा भरोसा जता रहे हैं।
- अयोध्या में श्रीराम मंदिर के भूमि-पूजन और लोकार्पण में उन लोगों ने भी शिरकत की, जिन्होंने वर्षों तक इसके खिलाफ मुकदमा लड़ा था। यह भारत की समरसता का सबसे बड़ा उदाहरण है।
राजा भोज का संबंध और धार भोजशाला का मार्ग प्रशस्त
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राजा भोज के ऐतिहासिक योगदान को याद करते हुए कहा कि उनका संबंध उज्जैन से लेकर भोपाल तक रहा है। धार स्थित भोजशाला में न्यायालय के निर्णय के बाद अब मां वाग्देवी की प्रतिमा स्थापित होने का मार्ग पूरी तरह प्रशस्त हो चुका है। उन्होंने वर्तमान शासन काल की तुलना सम्राट विक्रमादित्य के न्यायप्रिय काल से की, जहां प्रत्येक नागरिक का हित सर्वोपरि है।
जल गंगा संवर्धन अभियान और नदी जोड़ो परियोजना
“मध्यप्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे तीन माह से अधिक अवधि के ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के तहत कुओं, तालाबों, नदियों और जलाशयों के संरक्षण का कार्य जन-भागीदारी से किया जा रहा है। नदी जोड़ो अभियान के सफल क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश आज पूरे देश में अग्रणी राज्य बनकर उभरा है।”
— डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री
मैथिली ठाकुर की सुगम संगीत संध्या ने बांधा समां
शिप्रा तट पर आयोजित इस समापन समारोह का दृश्य अद्भुत था, जहां चारों ओर फैली दीपमालिकाओं से दीपावली जैसा माहौल निर्मित हो गया। इस पावन अवसर पर दरभंगा (बिहार) से विशेष रूप से आमंत्रित सुप्रसिद्ध लोक गायिका और बिहार विधानसभा की सदस्य सुश्री मैथिली ठाकुर ने सुगम संगीत संध्या में अपनी मधुर आवाज में भजनों की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत से पहले मुख्यमंत्री ने सुश्री ठाकुर का मध्यप्रदेश की धरती पर आत्मीय स्वागत व अभिनंदन किया।












