वन्यजीव संरक्षण में सनातन संस्कृति की राह पर मध्यप्रदेश: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
- अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस: भोपाल में जुटे विशेषज्ञ
- चीता स्टेट के रूप में उभरा एमपी
भोपाल/मंडला महावीर न्यूज 29. अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस के अवसर पर भोपाल स्थित भारतीय वन प्रबंधन संस्थान (IIFM) में ‘इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस’ (IBCA) प्री-समिट कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार सनातन संस्कृति के अनुरूप वनों और वन्यजीवों के संरक्षण के लिए संकल्पित है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव की इच्छाशक्ति के कारण ही मध्यप्रदेश को ‘चीता स्टेट’ होने का गौरव प्राप्त हुआ है।
वन्यजीव संरक्षण में नए कीर्तिमान
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की उपलब्धियों को साझा करते हुए बताया कि:
- चीता प्रोजेक्ट: कूनो नेशनल पार्क में चीतों का पुनर्स्थापन वैश्विक स्तर पर वन्यजीव संरक्षण का एक चमत्कारिक उदाहरण है। वर्तमान में देश में कुल 53 चीते हैं, जिनमें से कई का जन्म भारत में ही हुआ है।
- विलुप्त प्रजातियों की वापसी: प्रदेश में 100 साल बाद 8 जंगली भैंसों की वापसी कराई गई है। साथ ही किंग कोबरा और गैंडा लाने की तैयारी भी की जा रही है।
- पक्षियों का संरक्षण: प्रदेश में गिद्धों और घड़ियालों का सफल संरक्षण हुआ है। भोपाल से छोड़े गए एक गिद्ध ने उज्बेकिस्तान तक का सफर तय कर रिकॉर्ड बनाया है।
- संसाधनों का विस्तार: कार्यक्रम के दौरान वन्यजीव रेस्क्यू के लिए 20 बाइक और एक रेस्क्यू ट्रक को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
प्रकृति और प्रगति का संतुलन
केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने कार्यक्रम में कहा कि जैव विविधता हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। उन्होंने ‘सर्वे भवन्तु सुखिन:’ के भाव के साथ प्रकृति के संरक्षण पर जोर दिया और भोपाल गैस त्रासदी के अपशिष्ट के सुरक्षित निष्पादन के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव की सराहना की। उन्होंने बताया कि भारत ने अपने कार्बन उत्सर्जन लक्ष्य का 90% हिस्सा प्राप्त कर लिया है और 2030 तक लक्ष्य पूर्ण कर लिया जाएगा।
जल और पर्यावरण के प्रति जन-भागीदारी
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में जल संरक्षण के लिए महाअभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत अब तक 56 हजार जल स्रोतों का जीर्णोद्धार किया गया है। वहीं, केंद्रीय राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने ‘मिशन लाइफ’ का जिक्र करते हुए आम नागरिकों से अपनी बालकनी में छोटे जैव विविधता पार्क बनाने और पक्षियों के लिए स्थान सुरक्षित करने की अपील की।
कार्यक्रम की मुख्य झलकियां
विमोचन: डाक विभाग के ‘माय स्टैंप’, चीता संरक्षण ब्रोशर और ‘भारत की बायो डायवर्सिटी रिपोर्ट 2026’ का विमोचन हुआ।
तकनीकी पहल: एबीएस एंड टू एंड पोर्टल और आईआईएफएम की ‘डेटा ड्रिवन लैब’ का शुभारंभ किया गया।
लघु फिल्में: मध्यप्रदेश के जैव विविधता विरासत स्थलों और तपोवन भूमि पर आधारित फिल्मों का प्रदर्शन किया गया।











