एमपी में परिवहन क्रांति: जल्द सड़कों पर उतरेंगी 5,206 से अधिक बसें

एमपी में परिवहन क्रांति: जल्द सड़कों पर उतरेंगी 5,206 से अधिक बसें

परिवहन क्रांति: मध्यप्रदे में जल्द शुरू होगी मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना

  • एकीकृत व्यवस्था: परिवहन चौकियों का होगा आधुनिकीकरण; 30 मिनट में मिलेगी एम्बुलेंस सेवा
  • सड़क सुरक्षा: प्रदेश में होगा ‘राज्य सड़क सुरक्षा सचिवालय’ का गठन; दुर्घटना क्षेत्रों की होगी मैपिंग
  • नंबर 1 मध्यप्रदेश: पीएम-राहत और राहवीर योजना के क्रियान्वयन में एमपी देश में अव्वल

भोपाल/मंडला महावीर न्यूज 29. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश की परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और सुरक्षित बनाने के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। 21 मई को परिवहन विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना’ को शीघ्र धरातल पर उतारने और परिवहन चौकियों को एकीकृत (Integrate) करने के निर्देश दिए।

सुगम परिवहन: ग्रामीण और उपनगरीय कनेक्टिविटी पर दिया जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक परिवहन प्रदेश के आर्थिक विकास की जीवन रेखा है। योजना के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

  • दो चरणों में क्रियान्वयन: योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा, जिसके लिए प्रदेश को 7 क्षेत्रों (इंदौर, उज्जैन, भोपाल, जबलपुर, सागर, ग्वालियर और रीवा) में बांटा गया है।
  • बसों का जाल: पहले चरण में अगले दो वर्षों के भीतर 1,164 मार्गों पर 5,206 बसों का संचालन किया जाएगा।
  • एकरूपता और तकनीक: सभी बसों का रंग एक समान होगा और इनकी मॉनिटरिंग के लिए इंटेलीजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम स्थापित किया जाएगा।
  • सड़क सुरक्षा: 30 मिनट में मिलेगी एम्बुलेंस सहायता

सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर कम करने के लिए मुख्यमंत्री ने ‘गोल्डन ऑवर’ प्रबंधन पर विशेष जोर दिया:

  • मैपिंग और रिस्पांस: प्रदेश के सर्वाधिक दुर्घटना संभावित क्षेत्रों (Black Spots) की मैपिंग की जाएगी।
  • एकीकृत एम्बुलेंस सेवा: सभी विभागों की एम्बुलेंस को एक प्लेटफॉर्म पर लाया जाएगा ताकि दुर्घटना की सूचना मिलते ही 30 मिनट से कम समय में निकटतम एम्बुलेंस ऑटो-मोड में मौके पर पहुँच सके।
  • सड़क सुरक्षा सचिवालय: सुप्रीम कोर्ट कमेटी की अनुशंसा पर प्रदेश में पृथक ‘म.प्र. राज्य सड़क सुरक्षा सचिवालय’ का गठन किया जा रहा है।

उपलब्धियां: पीएम-राहत और राहवीर योजना में एमपी नंबर-1

समीक्षा बैठक में विभाग की सफलताओं को भी रेखांकित किया गया:

  • देश में प्रथम: मध्यप्रदेश पीएम-राहत और राहवीर योजना के क्रियान्वयन में पूरे देश में पहले स्थान पर है। राहवीर योजना के तहत बालाघाट जिले में उत्कृष्ट कार्य हुआ है।
  • राजस्व में रिकॉर्ड वृद्धि: वित्त वर्ष 2025-26 में विभाग ने लक्ष्य (4,400 करोड़) से 111.6% अधिक, यानी 4911.78 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है। आगामी वर्ष के लिए 5,721 करोड़ का लक्ष्य रखा गया है।
  • फेसलेस सेवाएं: वर्तमान में 51 प्रकार की परिवहन सेवाएं ऑनलाइन (फेसलेस) दी जा रही हैं, जिससे बिचौलियों का प्रभाव खत्म हुआ है।

आधुनिक परिवहन चौकियां और मानव संसाधन

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों की जांच के लिए परिवहन चौकियों और टोल नाकों को अत्याधुनिक बनाया जाए। साथ ही, विभाग में रिक्त पदों को भरने के लिए अभियान चलाकर मानव संसाधन की कमी दूर करने के निर्देश भी दिए।

मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना की भी समीक्षा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्रामीण नेटवर्क विस्तार, महिला सुरक्षा और प्रदेश के नागरिकों को संस्थागत लोक परिवहन की सुविधा मुहैया कराने के लिए राज्य सरकार की ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना’ की अद्यतन प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि योजना का जल्द से जल्द फील्ड में शुभारंभ किया जाए। सचिव, परिवहन मनीष सिंह ने बताया कि योजना को धरातल पर लाने के लिए तेजी से प्रक्रियागत काम जारी है। यह योजना दो चरणों में चलाई जाएगी। इसके लिए प्रदेश में 7 क्षेत्र क्रमश: इंदौर, उज्जैन, भोपाल (नर्मदापुरम सहित), जबलपुर, सागर, ग्वालियर (चंबल सहित) एवं रीवा (शहडोल सहित) स्थापित किए गए हैं। पहले चरण में चलाई जाने वाली बसों के लिए क्षेत्रीय मुख्यालयों से उपनगरीय क्षेत्रों तक विस्तारित मार्ग मंजूरी की विभागीय अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। अन्य क्षेत्रों के विस्तारित मार्गों की अधिसूचना शीघ्र ही जारी की जाएगी। उन्होंने बताया कि योजना के पहले चरण में प्रदेश के कुल 1,164 मार्गों पर लगभग 5,206 बसों का संचालन अगले दो सालों में किया जाएगा। इन सभी बसों की सुचारू मॉनिटरिंग के लिए एक दक्ष एवं इंटेलीजेंट ट्रांसपोर्ट मैंनेजमेंट सिस्टम स्थापित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि योजना के पहले चरण में इंदौर क्षेत्र के कुल 121 मार्गों में कुल 608 बसें, उज्जैन क्षेत्र के 120 मार्गों में 371 बसें, भोपाल क्षेत्र के 104 मार्गों में 398 बसें, जबलपुर क्षेत्र के 83 मार्गों पर 309 बसें, सागर क्षेत्र के 92 मार्गों में 344 बसें, ग्वालियर क्षेत्र के 65 मार्गों में 298 बसें तथा रीवा क्षेत्र के 35 मार्गों में 184 बसें चलाई जाएंगी। योजना के तहत चलाई जाने वाली सभी बसों का रंग एक जैसा होगा, ताकि एकरूपता बनी रहे।

“आमजन के लिए सुरक्षित और सुलभ परिवहन सुनिश्चित करना हमारा उत्तरदायित्व है। हम प्रदेश में एक ऐसी व्यवस्था खड़ी कर रहे हैं जहाँ तकनीक और सेवा का बेहतर समन्वय हो।”

डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री, मध्यप्रदेश


 

 

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