रिजुविनेश कैम्प के बाद 16 विभागीय हाथी कान्हा पार्क की सुरक्षा में जोश के साथ हो जाते तैनात
- हाथियों की होगी खातिरदारी, खिलाएंगे पसंदीदा खाना, होगी मालिश
- कान्हा में 14 सितंबर से शुरू होगा हाथियों का रिजुविनेश कैंप
- रिजुविनेश कैंप की तैयारियां पूर्ण
मंडला महावीर न्यूज 29. कान्हा राष्ट्रीय उद्यान में विगत 16 वर्षो से हाथी रेजुविनेश कैम्प का आयोजन किया जा रहा है, जो एक अभिनव प्रयास है। यह रेजुविनेश कैम्प हाथियों के शरीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक है। कान्हा के हाथियों की खुशामदी के लिए प्रतिवर्ष हाथी रिजुविनेशन कैम्प का आयोजन किया जाता है। साल भर में कुछ ही दिन कान्हा के हाथियों के लिए सबसे मौज मस्ती और पूरे शाही अंदाज से गुजरते हैं।

इस वर्ष 14 से 19 सितंबर तक हाथियों के लिए यह दिन रहेंगे। कान्हा के 16 हाथियों के लिए रिजुविनेशन कैंप का आयोजन किया जा रहा है। इसमें हाथियों की पूरी खातिरदारी होगी और उनके स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रखा जाएगा। कैंप को लेकर तैयारियां हो चुकी है। सात दिनों की खातिरदारी के बाद कान्हा के 16 विभागीय हाथी कान्हा पार्क की सुरक्षा में पूरे जोश के साथ तैनात हो जाएंगे।
जानकारी के अनुसार इस कैंप में पार्क के 16 हाथी शामिल होंगे। जिसमें 10 नर एवं 06 मादा हाथी है। रेजुविनेशन कैम्प में सभी हाथियों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। कान्हा के सभी विभागीय हाथियों को पार्क की सुरक्षा व्यवस्था और अन्य कामों के लिए उपयोग में लाया जाता है। हाथियों को कैंप में मक्के और बाजरे की रोटियां, नारियल, केला, गन्ना समेत तमाम चीजें खिलाई जाएंगी जो उनकी पंसद है।
स्वास्थ्य को लेकर होगी देखभाल
इस रिजुविनेशन कैंप के दौरान हाथियों के रक्त के नमूने भी जांच हेतु लिए जाएंगे। इसके साथ ही हाथियों के नाखूनों की ट्रिमिंग, दवा द्वारा पेट के कृमियों की सफाई और हाथी दांत की आवश्यकतानुसार कटाई की जाएगी। वहीं इनकी कैंप के दौरान छह दिनों तक रोजाना तेल से मालिश भी की जाएगी।

हाथियों के लिए मीनू तैयार
कान्हा के हाथियों को उनके मनपसंद भोजन देने के लिए मीनू तैयार किया गया है। हर दिन कैम्प में हाथियों को मीनू के हिसाब से अलग-अलग डाइट रहेगी। इसमें उन्हें सुबह से लेकर शाम तक क्या-क्या किया जाना है और क्या खिलाना है इसका चाट तैयार है। इसमें डॉक्टरों की टीम तैनात रहेगी और यह काम महावत के माध्यम से किया जाएगा। प्रति हाथियों को स्वादिष्ट व्यंजनों में केला, नारियल, गेहूं का आटा, सोयाबीन का आटा, चना का बेसन, गुड़, नमक, गन्ना, अनानास, आम, पपीता, नाशपाती, मक्का समेत मौसमी फल खिलाए जाएंगे।
कान्हा पार्क में है 16 विभागीय हाथी
कान्हा नेशनल पार्क में फिलहाल 16 विभागीय हाथी है। इनमें से कुछ हाथियों को देश के विभिन्न हाथी मेलों से क्रय करके कान्हा लाया गया है और कुछ हाथियों की पैदाईश कान्हा राष्ट्रीय उद्यान में ही हुई है। इन 16 विभागीय हाथियों में 06 मादा हाथी और 10 नर हाथी शामिल है। जिसमें वनमाला, राणा प्रताप, शिवा, चंंचलकली, लाल बहादुर, निर्मला, पवनपुत्र, हिमालय, वनदेवी, शिवानी, वनराज, मानसी, कान्हा (जंगली), रवि, शिवा-2, जंगली हाथी कान्हा पार्क में है। इनमें सबसे उम्रदराज चंचलकली, वनमाला मादा हाथी और लाल बहादुर नर हाथी है।










