- मंडला में भारत बंद का रहा असर, बंद रही सभी दुकानें
- एससी, एसटी आरक्षण में क्रीमी लेयर लागू करने के फैसले का विरोध, निकाली रैली
- भोजनालय होटल दिन भर रहे बंद, यात्री होते रहे परेशान
मंडला महावीर न्यूज 29. सुप्रीम कोर्ट द्वारा एससी, एसटी आरक्षण में क्रीमी लेयर लागू करने के फैसले के विरोध में भारत बंद का व्यापक असर मंडला में देखा गया। एससी-एसटी संगठनों ने निषादराज मंगल भवन के नजदीक सभा कर रैली निकाल कर कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां ज्ञापन सौंपा गया। बताया गया कि एक अगस्त 2024 को सुप्रीम कोर्ट द्वारा एसटी, एससी के आरक्षण के संबंध में कोटा के अंदर कोटा, जाति का उप वर्गीकरण एवं क्रीमी लेयर के संबंध में दिए गए निर्णय के विरोध में 21 अगस्त बुधवार को भारत बंद किया गया। जिसका समर्थन जिले में एससी, एसटी, ओबीसी एवं अल्पसंख्यक समुदाय के समस्त सामाजिक संगठनों के ने किया। एक दिन पूर्व जानकारी हो जाने के कारण जिला मुख्यालय में सुबह से ही दुकानें बंद रखी। 10.30 बजे करीब विभिन्न संगठन के पदाधिकारी स्टेडियम ग्राउंड के पास एकत्रित हुए। जहां से रैली निकाली गई। कुछ व्यापारी जो दुकाने खुली रखे हुए थे उनसे बंद करने की अपील की गई। व्यापारियों ने भी सहयोग किया और पूरे दिन दुकाने बंद रखी।
जानकारी हो जाने के कारण जिला मुख्यालय में सुबह से ही दुकानें बंद रखी। 10.30 बजे करीब विभिन्न संगठन के पदाधिकारी स्टेडियम ग्राउंड के पास एकत्रित हुए। जहां से रैली निकाली गई। कुछ व्यापारी जो दुकाने खुली रखे हुए थे उनसे बंद करने की अपील की गई। व्यापारियों ने भी सहयोग किया और पूरे दिन दुकाने बंद रखी।
जानकारी अनुसार रक्षाबंधन के बाद कजलिया और फिर भारत बंद का अव्हान ने होटल व भोजनालय में काम करने वाले कर्मचारियों को राहत दी। कुछ प्रतिष्ठान लगातार तीसरे दिन बंद रहे तो कुछ बंद के कारण नहीं खोले गए। हालांकि रात में कुछ होटल भोजन के लिए खुले, जिससे भोजनालय पर निर्भर रहने वाले लोगों को राहत मिली।
बस के लिए करना पड़ा इंतजार
सुबह से कुछ बसें चलाई जा रही थी। लेकिन प्रदर्शन कारियों ने जगह-जगह बसों को रोकना शुरू कर दिया। डिंडोरी ओर जाने वाली कुछ बसों को मोहगांव में रोकर वापस मंडला भिजवा दिया गया। कई बसों के चालक को बस स्टैंड में खड़े कर आंदोलन को समर्थन देने की अपील भी की गई। जिसके कारण बस स्टैंड से जबलपुर के अलावा आसपास क्षेत्र में जाने वाली बसें शाम तक बस स्टैंड से नहीं निकली। जिसके कारण यात्रियों को इंतजार करना पड़ा। पर्व के बाद काम के लिए महानगरों की ओर जाने वाले मजदूर भी परेशान होते रहे।
निषादराज भवन के सामने सभा
महात्मा गांधी स्टेडियम ग्राउंड के पास निषादराज भवन के सामने सभा का आयोजन किया गया। जहां एड संजय चौरसिया, एड सीबी पटेल, पूर्व विधायक डॉ अशोक मर्सकोले, कमलेश तेकाम, सोनू भलावी, दिलीप मरावी आदि उपस्थित रहे। पदाधिकारियों ने कहा कि डॉ बाबा साहेब सविधान में हमे मुख्य धारा से जोडऩे के लिए आरक्षण की व्यवस्था की थी। आज तक हम छूआछूत जैसे दंश झेल रहे हैं। आज भी समाजिक समानता नहीं मिली है। आज भी जितना प्रशिक्षण आरक्षण दिया जाना चाहिए था वह एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग को नहीं मिला है। रैली निकालकर कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे और राष्ट्रपति के नाम कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया।
नहीं लगने दी साप्ताहिक बाजार
चिरई डोंगरी रेलवे में बुधवार को साप्ताहिक बाजार होने के कारण बाजार में दूर दराज से बहुत से व्यापारी पहुंचे थे। जिन्हें बंद की जानकारी नहीं थी। उन्हें वापस जाना पड़ा। बंद के चलते प्रदर्शनकरियों ने इंडियन बैंक को भी बंद करा दिया। घुघरी के सर्व आदिवासी समुदाय के तत्वाधान में एक दिवसीय भारत बंद को लेकर घुघरी में सडक़ पर धरना प्रदर्शन किया। जहां विधायक नारायण सिंह पट्टा, कमल सिंह मरावी ने सभा को संबोधित करते हुए आरक्षण को लेकर विस्तृत जानकारी प्रदान की।
भारत बंद के आव्हान पर भुआबिछिया रहा सम्पूर्ण बंद
भुआबिछिया. सुप्रीम कोर्ट का एसटी एससी के फैसले के विरोध ओर सम्पूर्ण भारत बंद के आव्हान पर भुआबिछिया भी बंद रहा। व्यापारियों ने सर्व एसटी एससी ओबीसी के संगठनों के निवेदन पर नगर के समस्त व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद कर सहयोग प्रदान किया। बिछिया बंद पूर्णत: सफल रहा। सर्व प्रथम सर्व एसटी एससी ओबीसी समाज के संगठनों के द्वारा कॉलेज ग्राउंड बिछिया में सुबह 9 बजे एकत्रित हुए और एक रैली के माध्यम से मुख्यमार्ग होते हुए , रेस्टहाउस चौक, बस स्टैंड होते हुए दानीटोला तिराहा तक रैली नारे बाजी करते हुए पुन: वापस बिछिया थाना प्रांगण में समाप्त हुई। जिसके बाद महामहिम राष्ट्रपति के नाम अनुविभागीय अधिकारी राजस्व बिछिया को ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान सभी बुद्धिजीवियों, अधिकारी कर्मचारी, किसान, छात्र छात्राओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया।
बंद को सफल बनाने में बिछिया विधानसभा के पूर्व विधायक तुलसीराम धूमकेती, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सावित्री धूमकेती, सुनील उइके, उत्तम जाटव, कैलाश डेहरिया, सेवानिवृत अपर संचालक मुन्ना लाल उइके, जोत सिंह कुशराम, उदय सिंह उईके, बी एल उइके, झरिया समाज से दशरथ गवले, शरद देहरिया, शिवचरण झरिया, सचिन टेकाम, सोहन जाटव, सुंदर कुम्हरे, सरपंच धरम टेकाम, हरी कुलेश, युवराज मरकाम, संभू सिंह मरकाम,गर्जन मरावी, राम सिंह कुलस्ते, अक्षत झारियां, गोवर्धन सिंह धुर्वे, कमल आरमो अजय कुशराम, राज कुमार बघेल, वीरेंद्र मांडवे, लक्ष्मण पंद्रे, धर्म सिंग सैयाम, अनूप,राजा, मनसुख लाल, जेहर सिंह कोकडिया, प्रदीप धुर्वे के साथ हजारों की संख्या में सर्व एसटी एससी ओबीसी संगठनों के कार्यकर्ता, पदाधिकरियों का सहयोग रहा।














