त्यौहार पर गरीबों की थाली से गायब हुआ राशन
सर्वर की खराबी और कोटे की कमी से बीजाडांडी के कई गांवों में फीका रहा रक्षाबंधन
- बारिश में लंबी कतारों में लगकर भी खाली हाथ लौटे ग्रामीण
- राशन खत्म होने से आक्रोश, जिम्मेदार अधिकारी बोले, मैं अभी नया आया हूं
मंडला महावीर न्यूज 29. रक्षाबंधन जैसे बड़े त्यौहार पर बीजाडांडी जनपद के अंतर्गत आने वाले कई गांवों में गरीबों को उनके हक का राशन नसीब नहीं हुआ। शासन के निर्देशानुसार इस बार अगस्त और सितंबर माह का राशन एक साथ वितरित किया जाना था, लेकिन खाद्य विभाग द्वारा उचित मूल्य की दुकानों तक पर्याप्त खाद्यान्न नहीं पहुंचाया गया। कोटे की कमी और सर्वर डाउन होने के कारण बड़ी संख्या में ग्रामीण राशन से वंचित रह गए, जिससे उनका त्यौहार फीका पड़ गया।
कई गांवों में नहीं पहुंचा पर्याप्त खाद्यान्न
जानकारी अनुसार ग्राम उदयपुर में लगभग 425 राशन कार्ड धारी हैं, जिनमें से बमुश्किल आधे लोगों को ही राशन मिल सका है और शेष लोग अब भी इंतजार में हैं। वहीं, ग्राम पंचायत तरवानी में तो अब तक लोगों को राशन वितरण शुरू ही नहीं हो पाया है। इसके अलावा डुंगरिया, समनापुर, जमुनिया और डोभी जैसे अनेक गांवों में भी राशन की खेप नहीं पहुंचने से उपभोक्ताओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सर्वर की दिक्कत ने बढ़ाई परेशानी, 2 दिन का काम 10 दिन में
उचित मूल्य दुकान संचालकों ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से पोर्टल के सर्वर में भारी तकनीकी समस्या आ रही है। सामान्य दिनों में जो वितरण कार्य 2 दिन में पूरा हो जाता था, सर्वर की खराबी के कारण उसे निपटाने में 10 दिन लग गए और दुकानों के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई।
बारिश में भीगते रहे लोग, अंत में मिला स्टॉक खत्म होने का जवाब
क्षेत्र में पिछले एक सप्ताह से रुक-रुक कर बारिश हो रही है। इस भीगते मौसम में भी लोग राशन की उम्मीद में दुकानों के बाहर लंबी लाइनों में खड़े रहे। ग्रामीण एक सप्ताह तक लगातार राशन दुकान के चक्कर काटते रहे, लेकिन सर्वर न चलने के कारण उन्हें बैरंग लौटना पड़ा। अंतत: दुकान संचालकों ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि राशन का स्टॉक खत्म हो गया है, जब नया स्टॉक आएगा तब मिलेगा। इस बात से निराश ग्रामीणों में अब भारी आक्रोश है और कुछ लोगों ने इसका विरोध भी शुरू कर दिया है।
जिम्मेदारों का रटा-रटाया जवाब
त्यौहार के समय ग्रामीणों को हो रही इस भारी परेशानी पर जब विभागीय अधिकारियों से सवाल किया गया, तो उन्होंने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए कहा कि मैं अभी नया आया हूं, इसलिए इस बारे में अभी कोई जानकारी नहीं दे सकता। अधिकारियों के इस गैर-जिम्मेदाराना रवैये से प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।









