फेल्सीफेरम मलेरिया से 18 वर्षीय युवक की मौत

मंडला में फेल्सीफेरम मलेरिया से 18 वर्षीय युवक की मौत

स्वास्थ्य विभाग में मचा हड़कंप, गांव पहुंची मेडिकल टीम

  • मलेरिया का अलर्ट
  • रक्षाबंधन पर घर लौटे युवक ने तोड़ा दम
  • जिले में सर्विलांस तेज
  • निजी अस्पतालों से भी मांगा जा रहा डेटा

मंडला महावीर न्यूज 29.  जिले में फेल्सीफेरम मलेरिया का खतरा एक बार फिर गहराने लगा है। खारी बबलिया माल क्षेत्र के साजपानी गांव निवासी 18 वर्षीय युवक की मलेरिया से मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सक्रिय हो गया है। प्रशासन ने हाई-रिस्क क्षेत्रों में सर्विलांस और कीटनाशक छिड़काव तेज कर दिया है।

रक्षाबंधन पर उज्जैन से लौटा था घर

जानकारी अनुसार साजपानी निवासी राहुल यादव रक्षाबंधन के अवसर पर उज्जैन से अपने घर आया था। अचानक तबीयत बिगड़ने पर उसे मंडला के कटरा अस्पताल में भर्ती कराया गया। कटरा अस्पताल के निदेशक शिलानंद टोप्पो के मुताबिक गुरुवार को राहुल को बेहद गंभीर और बेहोशी की हालत में अस्पताल लाया गया था। जांच में खतरनाक फेल्सीफेरम मलेरिया की पुष्टि हुई। उसे तत्काल आईसीयू में भर्ती कर उपचार शुरू किया गया, लेकिन रात करीब 10 बजे इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।

स्वास्थ्य विभाग ने की त्वरित कार्रवाई

युवक की मौत की सूचना मिलते ही मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. डी.जे. मोहंती के निर्देश पर बीएमओ नारायणगंज और मलेरिया विभाग की विशेष टीम साजपानी गांव भेजी गई। टीम घर-घर जाकर लोगों की जांच कर रही है और बचाव के तरीके बता रही है। शुक्रवार को गांव में बुखार से पीड़ित लोगों की जांच की गई, जिसमें राहत की बात यह रही कि कोई नया मरीज पॉजिटिव नहीं पाया गया।

निजी अस्पतालों पर भी नजर, कोर टीम गठित

सीएमएचओ ने बताया कि मलेरिया और उल्टी-दस्त के मामलों की निगरानी के लिए जिला स्तर पर एक ‘कोर टीम’ बनाई गई है। यह टीम दिन में दो बार अलग-अलग स्रोतों से जानकारी जुटा रही है। अब ब्लॉक स्तर के साथ-साथ निजी अस्पतालों, क्लीनिकों और पैथोलॉजी लैब से भी मरीजों का डेटा नियमित रूप से लिया जा रहा है।

जिले में अब तक 40 मरीज पॉजिटिव

जिला मलेरिया अधिकारी रामशंकर साहू ने बताया कि जुलाई से सितंबर के बीच मलेरिया फैलने की आशंका सर्वाधिक रहती है। साजपानी पहले से ही हाई-रिस्क क्षेत्र के रूप में चिन्हित है, जहां प्रथम चक्र का कीटनाशक छिड़काव जारी है। जनवरी 2026 से अब तक जिले में कुल 71,310 मरीजों के रक्त की जांच की गई है, जिनमें 3 माइग्रेटरी रोगियों सहित कुल 40 मरीजों में मलेरिया की पुष्टि हुई है। सभी का उपचार जारी है।

स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी: लक्षण और बचाव

खतरनाक प्लाज्मोडियम फ़ैल्सीपेरम (मस्तिष्क ज्वर) को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जिलेवासियों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है:

  • प्रमुख लक्षण: कपकपी के साथ तेज बुखार आना, सिरदर्द, उल्टी, बेचैनी, सुस्ती, रुक-रुक कर बुखार आना और पसीना आकर बुखार उतरना।
  • फैलने का कारण: मलेरिया केवल संक्रमित मादा एनाफिलीज मच्छर के काटने से फैलता है, जो गंदे नहीं बल्कि साफ पानी में पनपता है।
  • बचाव के उपाय: छत पर रखी खुली टंकियों, गमलों, कूलर, फ्रिज की ट्रे और खाली बर्तनों में एक सप्ताह से अधिक पानी जमा न रहने दें।
  • निगरानी: जमा पानी को हर 3-4 दिन में बदलें। टंकियों को ढककर रखें और पानी निकासी वाले स्थानों पर मच्छररोधी जाली लगवाएं।
  • निःशुल्क उपचार: कोई भी बुखार मलेरिया हो सकता है। लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी शासकीय अस्पताल, एएनएम या आशा कार्यकर्ता से संपर्क करें। मलेरिया की जांच और दवाइयां पूरी तरह निःशुल्क हैं। दवा का सेवन कभी खाली पेट न करें।

 

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