बदहाल हाल्ट बना बम्हनी बंजर स्टेशन

रक्षाबंधन पर बम्हनी बंजर स्टेशन पर उमड़ा जनसैलाब

अव्यवस्था और उपेक्षा पर फूटा लोगों का गुस्सा

  • ऐतिहासिक मालगाड़ी यार्ड से आज बदहाल हाल्ट बना बम्हनी बंजर स्टेशन
  • सुविधाओं के अभाव में हलाकान हुए यात्री

मंडला महावीर न्यूज 29. रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर 27 अगस्त को नैनपुर-मंडला फोर्ट रेल खंड के बम्हनी बंजर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। त्योहार के कारण बहनों और आम यात्रियों की भारी आवाजाही रही, लेकिन रेल प्रशासन की अव्यवस्था, सीमित संसाधनों और जनप्रतिनिधियों की बेरुखी के कारण यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

बताया गया कि त्योहारी भीड़ के बावजूद स्टेशन पर सुविधाओं का भारी अभाव दिखा। यात्रियों को समस्याओं से जूझना पड़ा। यात्रियों ने बताया कि मंडला फोर्ट, छिंदवाड़ा और मंडला फोर्ट, जबलपुर पैसेंजर ट्रेनों में अतिरिक्त सामान्य कोच नहीं जोड़े गए, जिससे यात्री जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हुए। स्टेशन पर अनारक्षित टिकट का रोल खत्म हो जाने के कारण दूर-दराज के गांवों से आए यात्रियों को टिकट तक नसीब नहीं हो सके। क्रॉसिंग लाइन न होने से ट्रेनों का सुचारू संचालन लगातार प्रभावित हो रहा है।

ऐतिहासिक गुड्स यार्ड की आज हो रही है उपेक्षा 

रेल एक्टिविस्ट नितिन सोलंकी ने स्टेशन की बदहाली पर चिंता जताते हुए इसके ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि अमान परिवर्तन से पूर्व यह स्टेशन अनाज, वन्य उपज, खाद, सीमेंट और डोलोमाइट ढुलाई का एक बड़ा गुड्स यार्ड हुआ करता था। आज भारी आवागमन के बावजूद इसे एक उपेक्षित पैसेंजर हाल्ट बनाकर छोड़ दिया गया है। जबकि स्टेशन के पास बिचुआ पुल से ढेंको पुल तक लगभग 1 किलोमीटर लंबी रेल भूमि उपलब्ध है, जहाँ 29 कोचों की एक्सप्रेस ट्रेन और दो अतिरिक्त लाइनें आसानी से बिछाई जा सकती हैं।

पूर्ण विकसित स्टेशन बनाने की उठी मांग 

स्थानीय समाजसेवियों ने स्टेशन के पुनर्विकास के लिए एकजुट होकर आवाज उठाई है। समाजसेवी अनिरुद्ध शुक्ला का कहना है कि हमें बम्हनी बंजर को पूर्ण विकसित स्टेशन बनाने के लिए एकजुट प्रयास करने होंगे। रेल प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और संघर्ष समिति को मिलकर इस उपेक्षित हाल्ट को पुन: विकसित करने का दृढ़ संकल्प लेना होगा। सामाजिक कार्यकर्ता स्वप्निल कुमार का कहना है कि रक्षाबंधन पर भारी भीड़ के बावजूद अतिरिक्त कोच न जुडऩा निराशाजनक है। हमारी मांग है कि इसे पूर्ण स्टेशन का दर्जा मिले, जहाँ दो हाई-लेवल प्लेटफॉर्म, पक्का शेड, पेयजल, शौचालय और स्थायी यूटीएस टिकट काउंटर जैसी सुविधाएं हों, ताकि क्षेत्र के छात्रों, किसानों और मजदूरों को सुगम आवागमन मिल सके।


 

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