रक्षाबंधन पर मजदूरों की जेब खाली
ट्रेजरी में हस्ताक्षर मिलान न होने से अटका भुगतान, त्योहार की खुशियों पर फिरा पानी
- मंडला में वन, पीडब्ल्यूडी और पंचायत विभाग के मजदूरों को एक माह से नहीं मिली मजदूरी
- कलेक्टर से तत्काल हस्तक्षेप की गुहार
मंडला महावीर न्यूज 29. आदिवासी बाहुल्य मंडला जिले में इस वर्ष रक्षाबंधन का पवित्र त्योहार गरीब मजदूरों और अस्थायी कर्मचारियों के लिए फीका साबित हो रहा है। बताया गया कि जिले के वन विभाग, लोक निर्माण विभाग और पंचायत विभाग सहित कई अन्य शासकीय विभागों में कार्यरत मजदूरों का पिछले लगभग एक माह से भुगतान लंबित है। त्योहार सिर पर होने के बावजूद मजदूरी न मिलने से निचले तबके के कामगारों और चौकीदारों में भारी निराशा और नाराजगी व्याप्त है।
ट्रेजरी की तकनीकी खामी से अटका पैसा
सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार संबंधित विभागों द्वारा मजदूरों के भुगतान की विभागीय कागजी कार्यवाही पूरी कर ली गई है। लेकिन ट्रेजरी में संबंधित अधिकारी के हस्ताक्षर का मिलान न होने के कारण भुगतान की प्रक्रिया अटक गई है। प्रशासनिक स्तर की इस तकनीकी खामी का खामियाजा उन गरीब मजदूरों को भुगतना पड़ रहा है, जिनकी आजीविका दिहाड़ी पर निर्भर है।
समय कम, कैसे होगा भुगतान
मजदूरों की चिंता इस बात को लेकर और बढ़ गई है कि रक्षाबंधन का त्योहार 28 अगस्त को है, जबकि बीच में छुट्टियों के कारण कार्यालय अब 27 अगस्त को खुलेंगे। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि मात्र एक दिन के कार्यदिवस में तकनीकी खामियों को दूर कर मजदूरों के खातों में पैसा कैसे पहुंचेगा? मजदूरी के अभाव में गरीब परिवार त्योहार की तैयारियां कैसे करेंगे, यह एक बड़ा संकट बन गया है।
कलेक्टर से संज्ञान लेने की मांग
मजदूरों और अस्थायी कर्मचारियों की इस विवशता को देखते हुए अब जिला प्रशासन से ही आस बची है। श्रमिक वर्ग और स्थानीय लोगों ने मंडला कलेक्टर से अपील की है कि वे इस संवेदनशील मामले पर तत्काल संज्ञान लें। मांग की है कि ट्रेजरी और संबंधित विभागीय अधिकारियों को विशेष निर्देश देकर जल्द से जल्द लंबित मजदूरी का भुगतान सुनिश्चित कराया जाए, जिससे गरीब मजदूर भी अपने परिवारों के साथ खुशी-खुशी रक्षाबंधन का त्योहार मना सकें।









