मरीजों को अस्पताल पहुंचाने वाली 108 एंबुलेंस खुद हुई बीमार
रास्ते में कभी भी हो जाती है बंद
- ग्रामीणों ने की नई एंबुलेंस की मांग
- नारायणगंज के बबलिया में खटारा एंबुलेंस से मरीजों की जान को खतरा
मंडला महावीर न्यूज 29. ग्रामीण और दूरस्थ अंचलों में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने और मरीजों को तुरंत अस्पताल पहुंचाने के उद्देश्य से शासन द्वारा 108 एंबुलेंस सेवा संचालित की जाती है, लेकिन विकासखंड नारायणगंज के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बबलिया के अंतर्गत संचालित 108 एंबुलेंस इन दिनों खुद ही बीमार हालत में है। यह खटारा एंबुलेंस मरीजों के लिए जीवनदायिनी बनने के बजाय जानलेवा साबित हो सकती है, क्योंकि यह रास्ते में कभी भी और कहीं भी अचानक खराब होकर खड़ी हो जाती है।
ग्रामीणों ने बताया कि कई बार गंभीर मरीजों को अस्पताल ले जाते समय एंबुलेंस बीच रास्ते में ही धोखा दे जाती है। आपात स्थिति में मरीज के लिए एक-एक मिनट कीमती होता है, लेकिन वाहन के रास्ते में बंद हो जाने से मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता। स्वास्थ्य विभाग की इस घोर लापरवाही के कारण किसी भी दिन कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है और किसी मरीज की जान पर बन सकती है।
अधिकारियों को जानकारी, फिर भी अनदेखी
ऐसा नहीं है कि इस खटारा वाहन की जानकारी जिम्मेदारों को नहीं है। 108 एंबुलेंस के चालक ने स्वयं स्वीकार किया है कि गाड़ी की हालत बिल्कुल भी ठीक नहीं है। चालक का कहना है कि उसने वाहन की इस जर्जर स्थिति के संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों और संबंधित कर्मचारियों को पहले ही अवगत करा दिया है। इसके बावजूद अब तक कोई समाधान नहीं हुआ है और कर्मचारी जैसे-तैसे इस खटारा एंबुलेंस को चलाने के लिए मजबूर हैं।
ग्रामीणों ने की नई एंबुलेंस की मांग
लगातार आ रही तकनीकी खराबियों और मरीजों की सुरक्षा से हो रहे खिलवाड़ को देखते हुए स्थानीय ग्रामीणों में आक्रोश है। क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि इस जर्जर हो चुकी एंबुलेंस का संचालन तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए। इसके स्थान पर स्वास्थ्य केंद्र बबलिया में जल्द से जल्द एक नई 108 एंबुलेंस तैनात की जाए, जिससे आपात स्थिति में मरीजों को बिना किसी बाधा के त्वरित चिकित्सीय सुविधा मुहैया कराई जा सके।










