नैनपुर बीईओ कार्यालय की भर्राशाही
शिक्षा विभाग की मनमानी से शिक्षक आक्रोशित, अब सड़क पर उतरेगा संयुक्त मोर्चा
- कलेक्टर के आदेशों की उड़ी धज्जियां
- सालों से लंबित एरियर के लिए 31 अगस्त से धरने पर बैठेंगे शिक्षक
- दागी बाबू का दबदबा कायम, जिम्मेदार अधिकारी रहते हैं नदारद
मंडला महावीर न्यूज 29. बीईओ कार्यालय नैनपुर इन दिनों अपनी लचर कार्यप्रणाली, मनमानी और घोर प्रशासनिक लापरवाही को लेकर सुर्खियों में है। कार्यालय में व्याप्त बाबूशाही और वर्षों से लंबित एरियर का भुगतान न होने से शिक्षकों में भारी आक्रोश है। स्थिति यहां तक पहुंच गई है कि हताश शिक्षकों को अब अपने ही विभाग की व्यवस्था के खिलाफ सड़क पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। जिले के सर्वोच्च अधिकारी यानी कलेक्टर के स्पष्ट निर्देशों को भी यहां ठेंगा दिखाया जा रहा है, जिसके चलते संयुक्त मोर्चा ने आगामी 31 अगस्त 2026 से बीईओ कार्यालय के सामने नियमित धरना प्रदर्शन करने का ऐलान कर दिया है।
सालों से लंबित है एरियर, कलेक्टर की भी नहीं सुनी
विकासखंड नैनपुर के अंतर्गत आने वाले शिक्षकों को पिछले कई वर्षों से क्रमोन्नति, महंगाई भत्ता और वेतन-वृद्धि के एरियर का भुगतान नहीं किया गया है। अपनी जायज मांगों को लेकर शिक्षक जनवरी 2025 से ही सहायक आयुक्त आदिवासी विकास मंडला और जिला कलेक्टर कार्यालय में लगातार आवेदन और निवेदन कर रहे हैं। बीईओ कार्यालय की हठधर्मिता से तंग आकर पिछले दिनों 6 अगस्त को संयुक्त मोर्चा, नैनपुर के शिक्षकों ने जिला कलेक्टर राहुल नामदेव धोटे से मुलाकात कर उन्हें अपनी पीड़ा से अवगत कराया। मामले की गंभीरता को समझते हुए कलेक्टर ने तत्काल बीईओ नैनपुर को फोन पर सख्त निर्देश दिए। उन्होंने आदेश दिया कि दागी बाबू अशोक यादव को तीन दिन के भीतर स्थापना शाखा से हटाया जाए और सभी शिक्षकों के लंबित एरियर का शीघ्रता से भुगतान किया जाए।
कागजों में हटा बाबू, हकीकत में उसी का राज
कलेक्टर के सख्त निर्देशों के बावजूद बीईओ नैनपुर ने आदेशों का पालन करने के बजाय खुद को बचाने के लिए कागजों में हेरफेर कर दी। बताया गया कि नैनपुर बीईओ द्वारा दिखावे के लिए 5 अगस्त की बैकडेट में एक पत्र निकाला गया। इसके आधार पर 13 अगस्त को कार्यालय के सभी बाबुओं के बीच शाखाओं का बंटवारा दर्शाकर अशोक यादव को स्थापना शाखा से हटाने का दिखावा किया गया। लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। आज दिनांक तक स्थापना शाखा का पूरा कामकाज उसी बाबू द्वारा निपटाया जा रहा है। शिक्षकों का आरोप है कि बीईओ ने इस तरह जिला कलेक्टर के निर्देशों को महज एक मजाक बनाकर रख दिया है।
अधिकारी रहते हैं नदारद, बच्चों की पढ़ाई भी हो रही प्रभावित
बीईओ कार्यालय नैनपुर में लापरवाही का आलम केवल बाबुओं तक सीमित नहीं है, बल्कि जिम्मेदार अधिकारी भी नदारद रहते हैं। बीईओ प्रजापति और अन्वेषक भाऊलाल पारधी पूरे समय कार्यालय में उपस्थित नहीं रहते। बताया जाता है कि अन्वेषक 100 किलोमीटर दूर से ट्रेन से अप-डाउन करते हैं, जिसके कारण वे कभी भी शाम 4.30 बजे के बाद कार्यालय में नहीं मिलते। इसका सीधा खामियाजा शिक्षकों और स्कूली बच्चों को भुगतना पड़ता है, क्योंकि शिक्षकों को अपने विभागीय कार्यों के लिए दोपहर में ही स्कूल छोड़कर आना पड़ता है। हद तो तब हो गई जब 17 और 25 अगस्त को ज्ञापन देने पहुंचे शिक्षकों को कोई जिम्मेदार अधिकारी कार्यालय में नहीं मिला, और मजबूरी में उन्हें अपना मांग पत्र बाबुओं को ही सौंपना पड़ा।

31 अगस्त से होगा आर-पार का संघर्ष
संयुक्त मोर्चा ने विगत 17 अगस्त को पत्र सौंपकर रक्षाबंधन से पूर्व भुगतान प्रक्रिया शुरू न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी थी। एक सप्ताह बाद भी कोई पहल न होने पर शासन-प्रशासन से हताश होकर शिक्षकों ने 25 अगस्त को बीईओ को अंतिम चेतावनी दी है। संयुक्त मोर्चा के संयोजक संजीव सोनी ने बताया कि सालों से एक ही जगह जमे बाबुओं में प्रशासन का कोई खौफ नहीं बचा है। अब 31 अगस्त से प्रतिदिन स्कूल की छुट्टी के बाद शाम 4.30 से 6.30 बजे तक बीईओ कार्यालय के सामने धरना दिया जाएगा। इसके माध्यम से नैनपुर बीईओ और मंडला सहायक आयुक्त कार्यालय की भर्राशाही से आम जनता को अवगत कराया जाएगा। आवश्यकता पडऩे पर सभी शिक्षक सामूहिक रूप से सीएम हेल्पलाइन में भी शिकायत दर्ज कराएंगे।










