बरौंची में आदिवासी महापंचायत, आपसी सहमति से सुलझा विवाद

बरौंची में आदिवासी महापंचायत, आपसी सहमति से सुलझा विवाद

वकील पर लगे आरोप निकले निराधार

  • मानवीय आधार पर पीडि़त परिवार को मिली 1.50 लाख की मदद
  • महापंचायत में बिना किसी को दोषी ठहराए सुलझा मामला

मंडला महावीर न्यूज 29. विकासखंड बीजाडांडी के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत बरौंची में एक विवाद को सुलझाने के लिए आदिवासी महापंचायत का आयोजन किया गया। इस महापंचायत ने सत्य, न्याय और सामाजिक सौहार्द की शानदार मिसाल पेश करते हुए एक पीडि़त परिवार की समस्या का आपसी सहमति से शांतिपूर्ण समाधान निकाला।सामाजिक कार्यकर्ता राजेंद्र पुट्टा ने बताया कि महापंचायत में पीडि़त परिवार और सामने वाले पक्ष को अपना-अपना पक्ष रखने का पूरा मौका दिया गया। पंचायत में उपस्थित लोगों ने दोनों पक्षों की बातों को पूरी निष्पक्षता के साथ सुना। सभी तथ्यों और बयानों पर गंभीरता से विचार करने के बाद महापंचायत ने निष्कर्ष निकाला कि वकील बृजेश यादव के विरुद्ध लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह से निराधार हैं।

पीडि़त परिवार को 1.50 लाख की दी आर्थिक सहायता 

आरोप निराधार साबित होने के बावजूद महापंचायत ने मामले को केवल कानूनी या तार्किक नजरिए से देखने के बजाय मानवीय दृष्टिकोण अपनाया। पीडि़त परिवार की दयनीय और कमजोर आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए वकील बृजेश यादव ने महापंचायत की सहमति से बड़ा दिल दिखाते हुए परिवार को एक लाख पचास हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की।

तैयार हुआ पंचनामा, वापस ली जाएंगी शिकायतें 

इस सकारात्मक पहल और समझौते के बाद यह निर्णय लिया गया कि पीडि़त परिवार द्वारा विभिन्न स्थानों पर की गई सभी शिकायतों को वापस लिया जाएगा। इस आपसी सहमति को कानूनी रूप देने के लिए मौके पर ही एक पंचनामा तैयार किया गया। इस पंचनामे पर महापंचायत में उपस्थित सभी बुद्धिजीवियों, गणमान्य नागरिकों और दोनों पक्षों के हस्ताक्षर लिए गए।

विवाद का शांतिपूर्ण हुआ अंत 

महापंचायत के आयोजन का मुख्य उद्देश्य किसी भी पक्ष को नीचा दिखाना या दोषी ठहराना नहीं था। इसके बजाय सत्य, न्याय और आपसी सहमति के माध्यम से समाज में भाईचारा बनाए रखते हुए विवाद का स्थायी समाधान करना था, जिसमें यह पंचायत पूरी तरह सफल रही।


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