बिलासपुर जोन की लापरवाही
समय बदलाव का दांव पहले ही दिन फेल
- नैनपुर में फंसी रही मंडला पैसेंजर
- शहडोल-नागपुर एक्सप्रेस की देरी ने बढ़ाई यात्रियों की फजीहत
- कनेक्टिविटी के नाम पर उजागर हुआ रेलवे का कुप्रबंधन
मंडला महावीर न्यूज 29. दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) द्वारा यात्रियों की सुविधा के लिए ट्रेनों के समय में किया गया बदलाव पहले ही दिन कुप्रबंधन की भेंट चढ़ गया। शनिवार को शहडोल-नागपुर एक्सप्रेस के लेट चलने के कारण नैनपुर जंक्शन पर छिंदवाड़ा-मंडलाफोर्ट पैसेंजर को भारी देरी तक रोककर रखना पड़ा। इस लेटलतीफी के कारण मंडला जाने वाले सैकड़ों यात्रियों को भारी फजीहत का सामना करना पड़ा।
कनेक्टिविटी देने के लिए बदला गया था समय
रेल प्रशासन ने 22 अगस्त 2026 से छिंदवाड़ा-मंडलाफोर्ट पैसेंजर (58823) का नैनपुर में आगमन सुबह 11:20 बजे और प्रस्थान 11:30 बजे निर्धारित किया था। इसका मुख्य उद्देश्य शहडोल-नागपुर एक्सप्रेस (11202) से नैनपुर पहुंचने वाले यात्रियों को मंडला की ट्रेन के लिए सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करना था।
अव्यवस्था से परेशान होते रहे यात्री
- एक्सप्रेस की लेटलतीफी: शनिवार को शहडोल-नागपुर एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय (सुबह 08:50) के बजाय जबलपुर से ही 1 घंटे से अधिक की देरी से (सुबह 10:05 बजे) रवाना हुई। इसका सीधा असर नैनपुर जंक्शन पर दिखा, जहां ट्रेन 11:40 बजे के स्थान पर दोपहर 12:38 बजे पहुंची।
- पैसेंजर ट्रेन के यात्री हुए परेशान: एक्सप्रेस के यात्रियों को बैठाने के चक्कर में रेलवे परिचालन विभाग ने छिंदवाड़ा-मंडला पैसेंजर को नैनपुर में रोक कर रखा। जो ट्रेन सुबह 11:30 बजे रवाना होनी थी, वह दोपहर 12:02 बजे के बाद ही आगे बढ़ सकी। इस वजह से छिंदवाड़ा, सिवनी और केवलारी की तरफ से आए यात्री नैनपुर स्टेशन पर खड़े-खड़े परेशान होते रहे।
दैनिक यात्रियों का फूटा गुस्सा
इस स्थिति से नाराज दैनिक यात्रियों ने रेलवे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। यात्रियों का कहना है कि रेलवे केवल कागजों पर समय बदलकर वाहवाही लूटना चाहता है। यदि मुख्य एक्सप्रेस ट्रेनों का समय पालन (Punctuality) सुनिश्चित नहीं किया जा सकता, तो समय बदलने का कोई अर्थ नहीं है। जब तक जबलपुर-नैनपुर सेक्शन में ट्रेनों को समय पर नहीं चलाया जाएगा, तब तक कनेक्टिविटी का लाभ मिलने के बजाय आम यात्रियों की मुसीबतें ही बढ़ेंगी। यात्रियों ने SECR प्रशासन से ट्रेनों का समय पालन सख्ती से सुनिश्चित करने की मांग की है।










