शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार
जीपीएफ निकालने के नाम पर 5 हजार की रिश्वत लेते लिपिक रंगे हाथ गिरफ्तार
- जबलपुर लोकायुक्त की कार्रवाई
- नारायणगंज में रिश्वतखोर बाबू 5 हजार लेते ट्रैप
- 1 लाख के एवज में मांगी थी 10 हजार की घूस
मंडला महावीर न्यूज 29. जबलपुर लोकायुक्त की टीम ने गुरुवार को विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, नारायणगंज में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए पदस्थ लिपिक नोखेलाल बेलिया को 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह रिश्वत जीपीएफ (GPF) से पैसे निकालने की एवज में मांगी गई थी। इस कार्रवाई के बाद से पूरे शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है।
जानकारी अनुसार शिकायतकर्ता दशरथ लाल बरमैया, जो कन्या आश्रम सिवनी माल (नारायणगंज) में भृत्य (चपरासी) के पद पर कार्यरत हैं, ने अपने जीपीएफ खाते से एक लाख रुपये निकालने के लिए आवेदन किया था। इस काम को पूरा करने के लिए विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पदस्थ लिपिक नोखेलाल बेलिया ने उनसे 10 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी।
लोकायुक्त में की गई शिकायत
लिपिक की इस अनुचित मांग से परेशान होकर दशरथ लाल ने लोकायुक्त कार्यालय, जबलपुर में इसकी शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस ने मामले का सत्यापन (वेरिफिकेशन) कराया। जांच में शिकायत सही पाए जाने पर आरोपी को रंगे हाथ पकड़ने की रणनीति तैयार की गई।
ऐसे बिछाया गया जाल
योजना के मुताबिक गुरुवार को जैसे ही शिकायतकर्ता दशरथ लाल ने रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 5 हजार रुपये लिपिक नोखेलाल बेलिया को सौंपे, पहले से ही मौके पर मुस्तैद लोकायुक्त टीम ने उसे रंगे हाथ दबोच लिया।
आगे की कार्रवाई
यह पूरी कार्रवाई लोकायुक्त जबलपुर की उप निरीक्षक रेखा प्रजापति के नेतृत्व में गठित टीम द्वारा की गई। पकड़े गए आरोपी लिपिक के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया गया है और आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। लोकायुक्त के इस छापे के बाद से नारायणगंज शिक्षा विभाग और आस-पास के सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों के बीच मामले की खासी चर्चा है।










