दूसरों की जान बचाने वाले सर्प मित्र को कोबरा ने डसा
रेस्क्यू के दौरान हुए हादसे में दर्दनाक मौत
- क्षतिग्रस्त डिब्बे से निकले कोबरा का शिकार हुए बिछिया के अमन गोहिया
- इलाज के दौरान तोड़ा दम
मंडला महावीर न्यूज 29. आदिवासी बाहुल्य जिला मंडला में वर्षों से सांपों का सुरक्षित रेस्क्यू कर लोगों की जान बचाने वाले एक जाने-माने सर्प मित्र खुद एक दुखद हादसे का शिकार हो गए। बिछिया निवासी सर्प मित्र अमन गोहिया उर्फ बॉबी की कोबरा सांप के डसने से मंगलवार सुबह उपचार के दौरान मौत हो गई। उनकी इस आकस्मिक मौत से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।
क्षतिग्रस्त डिब्बे से बाहर आ गया था कोबरा
जानकारी अनुसार घटना सोमवार की है, जब अमन अपने एक साथी के साथ बिछिया से करीब 6 किलोमीटर दूर ग्राम डुंगरा में कोबरा सांप का रेस्क्यू करने पहुंचे थे। रेस्क्यू के दौरान सांप को पकड़ लिया गया था, लेकिन जब वे उसे सुरक्षित डिब्बे में पैक कर रहे थे, इसी दौरान एक चूक हो गई। डिब्बा क्षतिग्रस्त होने के कारण कोबरा उसमें से बाहर निकल आया और उसने अमन के बाएं पैर की उंगली के पास डस लिया।
जिला अस्पताल से मेडिकल कॉलेज किए गए थे रेफर
घटना के तुरंत बाद अमन के साथी उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिछिया लेकर पहुंचे और परिजनों को इसकी सूचना दी। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल मंडला रेफर कर दिया। सिविल सर्जन डॉ. विजय धुर्वे ने बताया कि मरीज का उपचार एमडी मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. मोहसिन की निगरानी में किया जा रहा था। अस्पताल में उन्हें आवश्यक एंटी-स्नेक वेनम और जीवन रक्षक दवाएं दी गईं। हालांकि हालत में सुधार न होने और स्थिति गंभीर होने पर देर रात उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था, लेकिन मंगलवार सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली।

इलाज के दौरान अमन ने बताई थी हादसे की वजह
जिला अस्पताल में उपचार के दौरान अमन पूरे होश में थे और उन्होंने मीडिया से बातचीत भी की थी। अमन ने बताया था कि जिस डिब्बे में सांप को रखा जा रहा था, वह पहले से ही कहीं से क्षतिग्रस्त था। इसी वजह से कोबरा को बाहर निकलने की जगह मिल गई और उसने पैर में काट लिया। उस समय अमन ने यह भी कहा था कि उन्हें केवल पैर में दर्द महसूस हो रहा है और वे सामान्य महसूस कर रहे हैं, लेकिन बाद में जहर फैलने से उनकी स्थिति बिगड़ गई।
सैकड़ों सांपों को दे चुके थे जीवनदान
अमन गोहिया जिले में एक सक्रिय और निडर सर्प मित्र के रूप में पहचाने जाते थे। उन्होंने अब तक अपनी जान जोखिम में डालकर कई बेहद जहरीले सांपों का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया था और उन्हें सुरक्षित जंगलों में छोड़ा था। दूसरों को सांप के खौफ से बचाने वाले इस युवा सर्प मित्र का इस तरह जाना पूरे क्षेत्रवासियों को नम कर गया है।










