अंजनिया पुलिस की बड़ी कार्रवाई
दिनदहाड़े सूने मकान का ताला तोड़कर चोरी करने वाले गिरफ्तार
- 1.85 लाख का माल बरामद
- खेत में धान का रोपा लगाने गया था किसान
- पीछे से चोरों ने कर दिया हाथ साफ
- पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर सुलझाई गुत्थी
- एक नाबालिग भी शामिल
मंडला महावीर न्यूज 29. जिले में संपत्ति संबंधी अपराधों पर लगाम कसने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत अंजनिया पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने अमझर गांव में दिनदहाड़े हुई एक चोरी की वारदात का सफलतापूर्वक खुलासा करते हुए एक मुख्य आरोपी और एक अपचारी (विधि-विरुद्ध) बालक को पकड़ा है। पुलिस ने आरोपियों के पास से चुराए गए 1 लाख 85 हजार रुपये के सोने-चांदी के जेवर और नगदी बरामद कर ली है।
सूने मकान को बनाया था निशाना
जानकारी अनुसार ग्राम अमझर निवासी शिकायतकर्ता संजू सैयाम (पिता जयपाल सैयाम) ने पुलिस चौकी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि वह अपने घर में ताला लगाकर खेत में धान का रोपा लगाने गए हुए थे। इसी दौरान अज्ञात चोरों ने दिनदहाड़े सूने मकान का फायदा उठाया और घर का ताला तोड़कर भीतर रखे सोने-चांदी के जेवर व नगदी पार कर दिए। इस शिकायत पर बम्हनी थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
संदेहियों से पूछताछ में खुला राज
पुलिस अधीक्षक श्री राजेश रघुवंशी के कड़े निर्देशों तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री शिवकुमार वर्मा एवं एसडीओपी (नैनपुर) श्री मनीष राज के मार्गदर्शन में एक टीम गठित की गई। थाना प्रभारी बम्हनी श्री सतेंद्र रघुवंशी और चौकी प्रभारी अंजनिया निरीक्षक अंकित कुमार मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने संदेहियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
कड़ाई से पूछताछ करने पर संदेही अखिलेश सैयाम और एक विधि-विरुद्ध बालक ने चोरी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार कर लिया। इसके बाद दोनों की निशानदेही पर चोरी गया पूरा मशरूका (सोने-चांदी के जेवर और नगदी) बरामद कर लिया गया, जिसकी कुल अनुमानित कीमत लगभग ₹1,85,000/- है।
आरोपी न्यायालय में पेश
पुलिस ने वैधानिक कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार आरोपी अखिलेश सैयाम को माननीय न्यायालय में पेश किया है, जबकि विधि-विरुद्ध बालक को नियमानुसार किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
इनकी रही विशेष भूमिका
इस दिनदहाड़े हुई चोरी के त्वरित और सफल खुलासे में चौकी प्रभारी निरीक्षक अंकित मिश्रा, उप निरीक्षक राजेश सराठे, उप निरीक्षक कृष्ण कुमार चौबे, प्रधान आरक्षक संतोष कुमार, जगदीश मरसाम, नारायण प्रसाद उइके, आरक्षक लीलामणि उर्मी, अनिल भलावी, दिनेश परस्ते और विनोद टेकाम की अहम व सराहनीय भूमिका रही।










