नदी से महज 50 मीटर दूर लग रही आंगनवाड़ी

जर्जर भवन ने छीनी नौनिहालों से आंगनवाड़ी की सुविधा

10 साल से कर रहे नए भवन का इंतजार

  • प्राइवेट मकान में लग रही आंगनवाडी
  • स्थायी आंगनवाडी भवन की उठी मांग
  • नदी से महज 50 मीटर दूर लग रही आंगनवाड़ी केन्द्र
  • बच्चों की सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल

मंडला महावीर न्यूज 29. नगर के नौनिहालों से उनकी आंगनबाड़ी की सुरक्षित सुविधा छिन गई है। घुघरी के आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक-1 का पुराना आंगनवाडी भवन लंबे समय से पूरी तरह जर्जर और बदहाल स्थिति में है। भवन की जर्जर दीवारों और खराब हालत के कारण बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए वहां केंद्र का संचालन बंद करना पड़ा था। हालात यह हैं कि पिछले करीब 10 सालों से नए भवन का इंतजार किया जा रहा है और फिलहाल यह केंद्र एक प्राइवेट मकान में अस्थाई रूप से संचालित हो रहा है।

नदी के पास अस्थाई केंद्र, दुर्घटना की आशंका 

स्थानीय लोगों ने बताया कि कुछ समय पहले तक यह आंगनबाड़ी ग्राम पंचायत के खाली भवन में संचालित की जा रही थी। लेकिन वहां पर्याप्त जगह नहीं होने के कारण इसे एक प्राइवेट मकान में शिफ्ट कर दिया गया। चिंता का विषय यह है कि इस वर्तमान अस्थाई केंद्र से नदी की दूरी मात्र 50 मीटर है। चूंकि आंगनबाड़ी में आने वाले बच्चे काफी छोटे होते हैं, ऐसे में नदी के इतने करीब केंद्र होने से अभिभावकों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर हमेशा डर बना रहता है। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते उचित व्यवस्था नहीं की गई, तो किसी अप्रिय घटना या बड़ी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता।

अतिक्रमण के कारण अटकी है भवन की जमीन 

घुघरी में नए आंगनबाड़ी भवन के निर्माण में सबसे बड़ी बाधा उपयुक्त शासकीय भूमि का उपलब्ध न होना है। स्थानीय लोगों का सीधा आरोप है कि नगर में कई स्थानों पर अतिक्रमण हो चुका है, जिसके कारण शासकीय भूमि का उपयोग सार्वजनिक कार्यों के लिए नहीं हो पा रहा है। जमीन के इसी अभाव के चलते पिछले एक दशक से भवन निर्माण का मामला फाइलों में अटका हुआ है।

प्रशासन से की गई मांग 

स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने प्रशासन व संबंधित विभाग से मामले को गंभीरता से लेने की अपील की है। उन्होंने मांग करते हुए कहां कि अतिक्रमण मुक्त कर उपयुक्त शासकीय भूमि उपलब्ध कराई जाए और जल्द से जल्द आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक-1 के नए व स्थायी भवन का निर्माण कराया जाए। जब तक स्थायी भवन तैयार नहीं हो जाता, तब तक बच्चों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए केंद्र को नदी से सुरक्षित दूरी पर किसी अन्य स्थान पर शिफ्ट किया जाए।


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