प्राथमिक शाला घुघरी माल में शिक्षा बदहाल

प्राथमिक शाला घुघरी माल में शिक्षा बदहाल

दो शिक्षकों में एक रहता है नदारद, बच्चों का भविष्य दांव पर

  • एक शिक्षक के भरोसे चल रहा स्कूल, स्कूल में शिक्षकों की मनमानी
  • पढ़ाई न होने से घटी छात्रों की उपस्थिति, अभिभावकों ने की कार्रवाई की मांग

मंडला महावीर न्यूज 29. शिक्षा के स्तर को सुधारने और नौनिहालों का भविष्य संवारने के लिए शासन द्वारा तमाम प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन ग्रामीण अंचलों में जमीनी हकीकत इन दावों से कोसों दूर नजर आती है। ऐसा ही एक चिंताजनक मामला संकुल केंद्र बबलिया के अंतर्गत आने वाली प्राथमिक शाला घुघरी माल से सामने आया है। यहाँ विद्यालय की लचर व्यवस्था और शिक्षकों की मनमानी के कारण मासूम बच्चों का भविष्य अंधकारमय होता जा रहा है। विद्यालय में पदस्थ दो शिक्षकों में से एक अक्सर स्कूल से नदारद रहते हैं, जिसका सीधा असर बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा पर पड़ रहा है।जानकारी अनुसार प्राथमिक शाला घुघरी माल में कक्षा पहली से लेकर पांचवीं तक की कक्षाएं संचालित होती हैं। बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए यहाँ दो शिक्षकों की नियुक्ति की गई है, लेकिन विडंबना यह है कि स्कूल में केवल एक ही शिक्षक नियमित रूप से उपस्थित रहते हैं। दूसरे शिक्षक अपनी मनमर्जी के हिसाब से कभी-कभार ही विद्यालय आते हैं। एक शिक्षक के लगातार गैरहाजिर रहने से स्कूल में पढ़ाई-लिखाई का माहौल पूरी तरह से बिगड़ गया है और कक्षाओं के संचालन में हमेशा व्यवधान उत्पन्न होता है।

घट रही छात्रों की दिलचस्पी और उपस्थिति 

शिक्षकों की इस घोर लापरवाही का खामियाजा सीधे तौर पर बच्चों को भुगतना पड़ रहा है। स्कूल में नियमित और सुचारू रूप से पढ़ाई न होने के कारण बच्चों की भी स्कूल आने में दिलचस्पी कम होती जा रही है। इसका सीधा असर छात्रों की उपस्थिति पर पड़ा है, जो लगातार गिर रही है। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बीते शनिवार को जब मीडिया की टीम ने शाला का दौरा किया, तो पूरे स्कूल में केवल 7 बच्चे ही मौजूद पाए गए। दो शिक्षकों की पदस्थापना के बावजूद स्कूल का यह हाल शिक्षा विभाग की मॉनिटरिंग पर सवाल खड़े करता है।

अभिभावकों ने की व्यवस्था सुधारने की मांग 

बच्चों की प्रभावित होती पढ़ाई और स्कूल की लचर व्यवस्था को लेकर अभिभावकों में भारी रोष व्याप्त है। छात्रों और उनके अभिभावकों ने शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से पुरजोर मांग की है कि प्राथमिक शाला घुघरी माल की शिक्षा व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त किया जाए। लापरवाह और मनमर्जी करने वाले शिक्षक पर सख्त कार्रवाई हो, जिससे बच्चों को नियमित शिक्षा मिल सके और उनका भविष्य संवर सके।


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