108 एंबुलेंस की लापरवाही
रास्ते में खत्म हुई ऑक्सीजन, 21 वर्षीय किडनी मरीज ने तोड़ा दम
- मंडला में स्वास्थ्य व्यवस्था की खुली पोल
- एक घंटे देरी से पहुंची एंबुलेंस
- ऑक्सीजन न मिलने से गई युवक की जान
मंडला महावीर न्यूज 29. जिले में 108 एंबुलेंस सेवाओं की लचर व्यवस्था और भारी लापरवाही ने एक 21 वर्षीय युवक की जान ले ली। इस दुखद घटना ने आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों ने एंबुलेंस सेवा पर समय पर न पहुंचने और समुचित सुविधाएं न होने का आरोप लगाया है।
जानकारी अनुसार सुनहरा माल निवासी 21 वर्षीय अजीत बरया किडनी की गंभीर बीमारी से पीडि़त था और मंडला जिला अस्पताल में उसका नियमित डायलिसिस चल रहा था। मृतक के पिता अमन बरया का आरोप है कि बेटे की तबीयत अचानक बिगडऩे पर उन्होंने जिला अस्पताल प्रबंधन से डायलिसिस का समय बदलने का अनुरोध किया था, लेकिन उनकी बात अनसुनी कर दी गई। इसके बाद परिजनों ने 108 पर कॉल कर ऑक्सीजन युक्त एंबुलेंस बुलाई, लेकिन वह भी करीब एक घंटे की देरी से मौके पर पहुंची।
कर्मचारियों की मनमानी और रास्ते में खत्म हुई ऑक्सीजन
परिजनों ने बताया कि मौके पर मौजूद एंबुलेंस कर्मचारी ने चिकित्सक की अनुमति न होने का हवाला देते हुए मरीज को ऑक्सीजन लगाने से साफ इनकार कर दिया। इसके अलावा मरीज की गंभीर हालत को देखते हुए उसे सीधे जिला अस्पताल ले जाने के बजाय पहले बम्हनी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। बम्हनी में जांच के बाद चिकित्सक ने तत्काल ऑक्सीजन लगाने के निर्देश दिए और युवक को मंडला रेफर कर दिया। परिजनों का आरोप है कि मंडला ले जाते समय रास्ते में ही एंबुलेंस का ऑक्सीजन सिलेंडर खत्म हो गया। ऑक्सीजन न मिलने से अजीत की हालत तेजी से बिगड़ती गई और जिला अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया।
मामले की जांच कर की जाएगी कार्रवाई
इस गंभीर लापरवाही पर जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पीएल कोरी ने बताया कि 108 एंबुलेंस सेवा का संचालन और नियंत्रण सीधे भोपाल स्थित वरिष्ठ कार्यालय द्वारा किया जाता है। स्थानीय स्तर पर इसका नियंत्रण नहीं है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि एंबुलेंस सेवा से जुड़ी यह शिकायत वरिष्ठ कार्यालय को भेजी जाएगी, जहां मामले की जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।










