मुख्यमंत्री डॉ. मोहन ने किया राज्यस्तरीय बलराम कृषि महोत्सव का शुभारंभ

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया ‘राज्यस्तरीय बलराम कृषि महोत्सव’ का शुभारंभ

स्थानांतरित होगी इंदौर कृषि उपज मंडी

  • किसान कल्याण वर्ष 2026
  • 16 विभागों की संयुक्त कार्ययोजना से बढ़ेगी किसानों की आय
  • कृषि व पशुपालन के लिए कई बड़ी घोषणाएं

इंदौर/मंडला महावीर न्यूज 29.  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में राज्यस्तरीय बलराम कृषि महोत्सव का भव्य शुभारंभ किया। इस गरिमामयी अवसर पर उन्होंने किसानों और आमजन के लिए कई अहम घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि इंदौर कृषि उपज मंडी को शहर से बाहर स्थानांतरित किया जाएगा और वर्तमान मंडी परिसर में लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की भव्य प्रतिमा स्थापित की जाएगी।

सिंचाई परियोजनाएं बनेंगी गेमचेंजर

किसानों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने केन-बेतवा और पार्वती-चंबल-कालीसिंध (पीकेसी) नदी जोड़ो परियोजनाओं को प्रदेश के लिए ‘गेमचेंजर’ बताया। उन्होंने जानकारी दी कि पिछले ढाई वर्षों में 10 लाख हेक्टेयर की वृद्धि के साथ अब प्रदेश का सिंचित रकबा 7.5 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 65 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है।

‘किसान कल्याण वर्ष 2026’ और संयुक्त कार्ययोजना

प्रदेश में 13 नवंबर तक कृषि एवं किसान कल्याण को समर्पित विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य के साथ कृषि, उद्यानिकी और एमएसएमई सहित 16 विभागों की संयुक्त कार्ययोजना बनाई गई है। किसानों को आर्थिक संबल प्रदान करने के लिए गेहूं पर ₹2625 प्रति क्विंटल का लाभकारी मूल्य, सोयाबीन उत्पादकों के लिए भावांतर योजना और शून्य ब्याज दर पर फसल ऋण जैसी सुविधाएं निरंतर जारी हैं।

पशुपालन, उद्योग और रोजगार को नई दिशा

पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के तहत ₹40 लाख की डेयरी परियोजना पर ₹10 लाख तक के अनुदान का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा, राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के सहयोग से अब दुग्ध उत्पादकों को ₹8 से ₹10 प्रति लीटर अधिक दाम मिल रहे हैं।

औद्योगिक विकास का जिक्र करते हुए डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में लगभग 10 हजार करोड़ रुपये के नए निवेश से बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। कृषि आधारित उद्योगों (फूड प्रोसेसिंग) को बढ़ावा दिया जा रहा है; इसी क्रम में उज्जैन की पेप्सिको यूनिट से 32 जिलों के आलू किसानों को सीधा फायदा पहुंचेगा। साथ ही, ग्रामीण कनेक्टिविटी को बेहतर करने के लिए जल्द ही ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन योजना’ के तहत नई बस सेवा शुरू की जाएगी।

कृषि उत्पादन में मध्यप्रदेश सिरमौर

मुख्यमंत्री ने गर्व के साथ बताया कि राज्य की जीडीपी (GDP) में कृषि क्षेत्र का रिकॉर्ड 43% योगदान है। आज मध्यप्रदेश खाद्यान्न उत्पादन में देश में दूसरे स्थान पर काबिज है, जबकि श्रीअन्न (मिलेट्स), संतरा, धनिया और लहसुन के उत्पादन में पूरे देश में प्रथम स्थान पर है।

समारोह के समापन अवसर पर कृषि एवं उद्यानिकी क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रगतिशील किसानों, कृषि क्षेत्र में जागरूकता फैलाने वाले सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और बोर्ड परीक्षाओं के मेधावी विद्यार्थियों को मंच से सम्मानित किया गया।


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