एमपी की सूरत बदल देगी 5017 करोड़ की सड़क, सीएम इंदौर में करेंगे माय यूथ-माय प्राइड कॉन्क्लेव-2026 का शुभारंभ

एमपी की सूरत बदल देगी 5017 करोड़ की सड़क, सीएम डॉ. यादव बोले- लिखेंगे विकास का नया अध्याय

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन ने नागदा में किया ‘उज्जैन-जावरा 4-लेन ग्रीनफील्ड मार्ग’ का भूमि-पूजन

  • सिंहस्थ-2028 में सोने पर सुहागा होगा यह मार्ग
  • प्रधानमंत्री मोदी के माध्यम से सनातन संस्कृति का सूर्य दिखा रहा अलौकिक रूप

भोपाल/उज्जैन/मंडला महावीर न्यूज 29.  आने वाले समय में मध्यप्रदेश की सूरत ही बदल जाएगी। व्यापार-व्यवसाए-निवेश-टूरिज्म, सबमें प्रदेश आगे निकलता दिखाई देगा। लोगों को तो सुविधा मिलेगी ही, हजारों लोगों को रोजगार भी मिलेगा। दरअसल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 10 जुलाई को उज्जैन जिले के नागदा में ‘उज्जैन-जावरा 4-लेन ग्रीनफील्ड मार्ग’ का भूमि-पूजन किया। उनके साथ कर्नाटक के राज्यपाल डॉ. थावरचंद गहलोत भी थे। इस मार्ग की लागत 5017 करोड़ रुपये है और यह 98.73 किमी लंबा मार्ग है। भूमि-पूजन कार्यक्रम में सीएम डॉ. यादव ने कई अहम घोषणाएं भी कीं। उन्होंने और राज्यपाल डॉ. गहलोत ने नागदा में सेंट्रल स्कूल का भी शुभारंभ किया। कार्यक्रम में सड़क सुरक्षा पर केंद्रित उज्जैन जिला प्रशासन की जनसेवा प्रहरी नेटवर्क की शुरुआत भी की गई। इसके लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हेलमेट भी वितरित किए। इस दौरान किसान उत्पादक कंपनियों पर केंद्रित पुस्तक का विमोचन भी किया गया और आजीविका मिशन, संबल योजना के हितग्राहियों को हित लाभ का वितरण किया गया।इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज का यह कार्यक्रम अद्भुत और आनंददायी है। एक साथ दो बड़ी सौगातें 5017 करोड़ के मार्ग और सेंट्रल स्कूल की मिल रही हैं। यह नया मार्ग बनने के बाद इस पूरे क्षेत्र का नया इतिहास बनेगा। विकास का नया अध्याय लिखा जाएगा। नागदा और इसके आसपास अब कई काम होने वाले हैं। मालवा में जो होता है, वो थोड़ा अलग ही होता है। यहां के लोग उद्यमशील हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में जिस बात की आवश्यकता थी वह नहीं हुआ। 55 साल में कांग्रेस ने कुछ नहीं किया। उनका तो विकास का मॉडल ही गड़बड़ था। भारत की आजादी के साथ और बाद में कई देश आजाद हुए। उसके बाद वो देश खड़े भी हो गए। लेकिन, यहां के सत्ताधीशों के मन में सिवाय राज करने के और कुछ नहीं था। दुर्भाग्य के साथ कहना पड़ता है कि अंग्रेज और कांग्रेस एक जैसे निकले।

सनातन संस्कृति के सूर्य से दुनिया चमत्कृत

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आगे बढ़ रहा है। विश्व का सबसे बड़ा पुल कहीं बना है तो कश्मीर में चेनाब नदी के ऊपर बना है। यह वर्षों पहले भी बन सकता था, लेकिन बनाने की इच्छाशक्ति नहीं थी। क्योंकि, कांग्रेस फूट डालो और शासन करो की नीति पर चलती है। जैसी उनकी भावना है, वैसी ही देश में उनकी हालत हुई है। आज भारत के नक्शे पर 17-17 राज्यों में भाजपा की सरकार है। 22 से ज्यादा एनडीए की सरकारें हैं। 80 फीसदी से ज्यादा भूभाग और 76 फीसदी से ज्यादा आबादी एनडीए सरकारों के पास है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि यह सड़क हमारे लिए सोने पर सुहागा जैसी है। वर्ष 2028 में सिंहस्थ होने वाला है। उस दौरान जब श्रद्धालु आएंगे, उस वक्त उन्हें सुविधा मिलेगी। हम न केवल उज्जैन बल्कि आसपास के राज्यों से भी तालमेल कर रहे हैं। प्रयागराज कुंभ के समय हमने भी यात्रियों के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराई थीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के माध्यम से सनातन संस्कृति का सूर्य अलौकिक रूप दिखा रहा है उससे दुनिया चमत्कृत है। महाकाल लोक के बाद प्रदेश एक अलग दौर में पहुंच गया। पहले सालभर में 60 से 70 लाख लोग रोज उज्जैन आते थे, लेकिन आज साढ़े आठ करोड़ से ज्यादा लोग केवल उज्जैन में आ रहे हैं।

प्रदेश में जमकर हो रहा विदेशी निवेश

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमारी सरकार के गठन के बाद एक महानगर की कल्पना की गई। इस कल्पना में अकेले इंदौर और उज्जैन नहीं हैं, बल्कि धार, देवास, शाजापुर, रतलाम भी शामिल हैं। विकास के लिए बड़ी दृष्टि चाहिए। इसी तरह भोपाल मेट्रोपॉलिटन सिटी बनाई जाएगी। इसमें रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम का हिस्सा, विदिशा और आष्टा तक का हिस्सा शामिल किया जाएगा। भविष्य में ग्वालियर और जबलपुर भी मेट्रोपॉलिटन सिटी बनाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश का समय बड़ी तेजी से बदल रहा है। आज मध्यप्रदेश सबसे ज्यादा रोजगार देने वाला राज्य है। यहां कोई क्षेत्र नहीं छूटा, जहां विकास न किया जा रहा हो। मालवा में ही अगर पीथमपुर और विक्रम उद्योगपुरी को मिला लें तो यहां के विश्व के कई बड़े देशों ने निवेश किया है। उन्होंने कहा कि केवल यहां ही नहीं, बल्कि शिवपुरी, गुना में भी निवेश हो रहा है। दुनिया में सबसे ज्यादा सीमेंट प्लांट प्रदेश में लग रहे हैं। गरीब-युवा-महिला-किसान के कल्याण के लिए सरकार संकल्प के साथ चल रही है। उन्होंने कहा कि हमने औद्योगिकीकरण और इंफ्रास्ट्रक्चर को मिशन ज्ञान से जोड़ दिया है। हमारे पास 30 लाख करोड़ से निवेश प्रस्ताव आए, जिसमें से 10 लाख करोड़ के निवेश धरातल पर उतरे।

हम जो कहते हैं, वो करते हैं

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों से कहा कि यहां 15 करोड़ का नया मटर प्लांट लगाया जा रहा है। आप फसल लगाइए, आपको उसके उचित दाम मिलेंगे। हम खेत से कारखाने और बाजार को जोड़कर किसानों की आय बढ़ा रहे हैं। अभी 1250 करोड़ की लागत से बनने वाले पेप्सिको प्लांट लगा रहा है। आप सभी भी आलू की खेती लगाना, आपको उसके उचित दाम मिलेंगे। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश 1956 में बना, लेकिन साल 2002-03 तक सरकार का बजट केवल 20 हजार करोड़ रहता था। पीडब्ल्यूडी की बजट महज 800 करोड़ हुआ करता था, जबकि आज हम 5 हजार करोड़ की सड़क बना रहे हैं। आज हमारा 2026 का बजट 4 लाख 38 हजार करोड़ का है। हमने जनता पर टैक्स नहीं बढ़ाया। लाड़ली बहना योजना एक हजार रुपये से शुरू हुई और आज 1500 रुपये तक पहुंच गई। 60 हजार करोड़ की राशि बहनों के खातों में पहुंच चुकी है। उन्होंने कहा कि हम जो कहते हैं, वो करते हैं। सच्चा वादा-पक्का काम, प्रेम से बोलो जय श्री राम। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहते हैं कि जो घोषणा हमने की है, उसका भूमि-पूजन भी हम ही करते हैं। भूमि-पूजन करने के बाद लोकार्पण भी हम ही करेंगे। अगले साल तक यह सड़क भी बन जाएगी।

35 लाख आबादी और 62 गांवों को सीधे तौर पर लाभ

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर-पीथमपुर ग्रीनफील्ड इकोनॉमिक कॉरिडोर से भी क्षेत्र की दिशा बदल जाएगी। इस कॉरिडोर से किसानों, व्यापारियों और आम लोगों को लाभ मिलेगा। मालवा को नई-नई सड़क परियोजनाओं की सौगात मिल रही है। सिंहस्थ में 30 से 40 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। इसे देखते हुए आवागमन की सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। उज्जैन में शिप्रा के करीब 30 किलोमीटर लंबे घाटों का निर्माण किया जा रहा है। आगामी वर्षों में मेट्रो ट्रेन इंदौर से उज्जैन भी आएगी। नई रेलवे लाइनों से नागदा दो रूट से दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग से जुड़ेगा। उज्जैन संभाग देश का मध्य है, बहुत जल्द नए एयरपोर्ट की सौगात भी मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्रीन फील्ड फोरलेन मार्ग से उज्जैन को दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेस-वे से सीधा और तेज संपर्क मिलेगा। यह परियोजना उज्जैन दक्षिण, घट्टिया, नागदा-खाचरौद, आलोट एवं जावरा विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरेगी। इसे लगभग 35 लाख आबादी और 62 गांवों को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस परियोजना के अंतर्गत 98.73 किलोमीटर ग्रीनफील्ड फोरलेन मार्ग, 3 रेल ओवरब्रिज, 9 वृहद पुल, 26 मध्यम पुल तथा 417 पुलियों का निर्माण किया जाएगा। साथ ही यह परियोजना क्षेत्र के औद्योगिक, व्यापारिक और कृषि विकास को नई गति प्रदान करेगी।

नए सेंट्रल स्कूल में एडमिशन 30 जुलाई से

कर्नाटक के राज्यपाल डॉ. थावरचंद गहलोत ने कहा कि उज्जैन-जावरा ग्रीन फील्ड कॉरिडोर आगामी सिंहस्थ 2028 से पहले बनकर पूर्ण होगी। आज उज्जैन जिला प्रशासन द्वारा जनसेवा प्रहरी की शुरुआत की गई है। यह एक सराहनीय पहल है। नागदा में खुले नए केंद्रीय विद्यालय में 30 जुलाई से कक्षाएं प्रारंभ हो जाएंगी। इसमें केंद्रीय कर्मचारियों के साथ-साथ अन्य लोग भी अपने बच्चों को प्रवेश दिलवा सकते हैं।

सीएम डॉ. यादव ने कीं ये घोषणाएं

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनप्रतिनिधियों की मांग पर पुराने जावरा-उज्जैन मार्ग के चौड़ीकरण के लिए सहमति प्रदान की। उन्होंने कहा कि रतलाम-खाचरौद रोड को नागदा से कनेक्ट करने पर विचार किया जाएगा। नई मटर मंडी के लिए जमीन दी जाएगी और फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगाई जाएगी। चंबल नदी पर निनावट खेड़ा में डैम बनाया जाएगा। नागदा में नया आटीआई इंस्टीट्यूट खोला जाएगा।


सीएम डॉ. यादव इंदौर में करेंगे माय यूथ-माय प्राइड कॉन्क्लेव-2026 का शुभारंभ, जानें कौन-कौन होगा शामिल

प्रदेश के 5 हजार युवा लेंगे भाग, क्रांति और ज्ञान के संगम का साक्षी बनेगा इंदौर

  • युवाओं के संकल्पों से तैयार होगा मध्यप्रदेश युवा संकल्प-2026
  • राज्य स्तरीय युवा पुरस्कारों की होगी घोषणा

भोपाल/मंडला महावीर न्यूज 29.  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 11 जुलाई को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित यूथ-माय प्राइड कॉन्क्लेव-2026 का शुभारंभ करेंगे। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से लगभग 5 हजार युवाओं की सहभागिता वाले इस महाआयोजन का उद्देश्य युवा शक्ति को प्रदेश के विकास की मुख्यधारा से जोड़ना, उनके विचारों को नीति निर्माण में शामिल करना और विभिन्न क्षेत्रों में युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है। कॉन्क्लेव में शिक्षा, खेल, उद्यमिता, कृषि, स्वास्थ्य, सूचना प्रौद्योगिकी, कौशल विकास, संस्कृति, पर्यावरण तथा सामाजिक विकास सहित 10 प्रमुख क्षेत्रों के युवा सहभागिता करेंगे।

कॉन्क्लेव की विशेषता क्रांति और ज्ञान के संगम का प्रतीक दो प्रेरक रैलियां होंगी। अमर शहीद चन्द्रशेखर आज़ाद की जन्मस्थली चन्द्रशेखर आज़ाद नगर (भाबरा) से प्रारंभ हुई आज़ाद युवा बाइक रैली तथा आदि शंकराचार्य की दीक्षा भूमि ओंकारेश्वर से प्रारंभ हुई शंकर संकल्प साइकिल यात्रा ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर पहुंचकर एक साथ अपने गंतव्य पर पहुंचेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव दोनों रैलियों के प्रतिभागियों का स्वागत एवं सम्मान करेंगे। कॉन्क्लेव में युवाओं को विभिन्न विषयगत समूहों में विभाजित कर कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा। इन कार्यशालाओं में युवा स्वयं अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़े सुझावों, नवाचारों और भावी कार्य योजनाओं पर विचार-विमर्श कर क्रियान्वयन योग्य संकल्प तैयार करेंगे।

कई विषयों पर होगी व्यापक चर्चा

कार्यशालाओं में शिक्षा एवं कौशल विकास, खेल एवं स्वास्थ्य, एमएसएमई एवं स्टार्ट-अप, कृषि-उद्यानिकी एवं पर्यावरण तथा जन अभियान, संस्कृति एवं पर्यटन जैसे विषयों पर व्यापक चर्चा होगी। प्रत्येक समूह द्वारा तैयार किए गए संकल्पों की प्रस्तुति मुख्य मंच से की जाएगी। कॉन्क्लेव में प्राप्त सभी सुझावों एवं संकल्पों का समेकन कर ‘मध्यप्रदेश युवा संकल्प-2026’ दस्तावेज तैयार किया जाएगा। उपस्थित युवा सामूहिक रूप से प्रदेश के विकास, नवाचार, सामाजिक उत्तरदायित्व तथा राष्ट्र निर्माण का संकल्प लेंगे। यह संकल्प दस्तावेज मुख्यमंत्री डॉ. यादव को सौंपा जाएगा तथा आगे आवश्यक कार्यवाही के लिए संबंधित विभागों को प्रेषित किया जाएगा।

युवाओं को होगा लाभ

कॉन्क्लेव में इंदौर की पारंपरिक खान-पान संस्कृति पर आधारित फूड स्ट्रीट का संचालन स्थानीय युवा उद्यमियों एवं स्व-सहायता समूहों द्वारा किया जाएगा। वहीं स्थानीय युवा बैंड एवं लोक-फ्यूजन कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां इस आयोजन का आकर्षण का केंद्र रहेंगी। कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश के युवाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से चार नई राज्य स्तरीय युवा पुरस्कार श्रेणियों की घोषणा भी करेंगे। इनमें मुख्यमंत्री युवा शिखर सम्मान, मुख्यमंत्री युवा नवाचार पुरस्कार, मुख्यमंत्री युवा समाज सेवा पुरस्कार तथा मुख्यमंत्री युवा कला-क्रीड़ा गौरव पुरस्कार शामिल हैं। इन पुरस्कारों के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले युवाओं को सम्मानित एवं प्रोत्साहित किया जाएगा। यूथ-माय प्राइड कॉन्क्लेव-2026 युवा शक्ति, नवाचार, सामाजिक उत्तरदायित्व और सांस्कृतिक चेतना का ऐसा साझा मंच बनेगा, जहां युवाओं के विचार प्रदेश के विकास के संकल्प में परिवर्तित होंगे और विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण में उनकी सहभागिता को नई दिशा मिलेगी।


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