हफ्तों बीते, स्कूल खुले, पर ट्राइबल स्कूलों में अतिथि शिक्षक भर्ती अटकी
शिक्षा विभाग का आदेश जारी, विभागीय तालमेल की कमी से गरीब बच्चों की पढ़ाई चौपट
मंडला महावीर न्यूज 29. नया शिक्षा सत्र अप्रैल से शुरू होने और 17 जून से स्कूल खुलने के बावजूद जिले के सैकड़ों जनजातीय कार्य विभाग के स्कूलों में पढ़ाई ठप पड़ी है। जिले के शिक्षक-विहीन और एकल शिक्षकीय स्कूलों में बच्चे बिना पढ़ाई के सिर्फ मध्याह्न भोजन करके घर लौटने को मजबूर हैं।
बताया गया कि मामले की मुख्य वजह विभागीय तालमेल की कमी है। लोक शिक्षण संचालनालय ने 30 जून को अतिथि शिक्षक भर्ती का आदेश जारी कर दिया है, जिसके तहत शिक्षा विभाग के स्कूलों में प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। लेकिन ट्राइबल विभाग के स्कूलों के प्राचार्यों का तर्क है कि जब तक उनके विभाग का अलग से आदेश जारी नहीं होता, वे भर्ती नहीं कर सकते, अन्यथा अतिथि शिक्षकों का मानदेय फंस जाएगा।
अतिथि शिक्षक परिवार के जिला अध्यक्ष पीडी खैरवार का कहना है कि जब डीपीआई के अन्य सभी नियम ट्राइबल स्कूलों पर लागू होते हैं, तो इस भर्ती के लिए अलग आदेश का इंतजार क्यों किया जा रहा है। इस प्रशासनिक लेटलतीफी के कारण 1 जुलाई से स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति तो बढ़ रही है, लेकिन उन्हें न तो कोई पाठ पढ़ाया जा रहा है और न ही गृहकार्य मिल रहा है, जिससे बच्चे मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं।
अतिथि शिक्षकों को भी नुकसान, उठाई मांग
इस अव्यवस्था से जहाँ एक ओर गरीब और मध्यम वर्ग के बच्चों का भविष्य अंधकार में है, वहीं वर्षों से अल्प मानदेय पर काम कर रहे अतिथि शिक्षकों को भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। संगठन ने मांग की है कि शासन इस भेदभाव और ढुलमुल रवैये को खत्म कर तत्काल ट्राइबल स्कूलों में भी अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति के आदेश जारी करे, ताकि समय पर कोर्स पूरा हो सके।
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