कैबिनेट के बड़े फैसले
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 24,200 करोड़ के प्रस्तावों को मंजूरी, इंदौर मेट्रो के लिए 19,472 करोड़ स्वीकृत
- मध्यप्रदेश में विकास की नई रफ्तार
- कैबिनेट ने स्वास्थ्य, अधोसंरचना, जनजातीय कल्याण और वन्यजीव संरक्षण से जुड़े अहम प्रस्तावों पर लगाई मुहर
भोपाल/मंडला महावीर न्यूज 29. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आज मंत्रालय में आयोजित कैबिनेट बैठक में मध्यप्रदेश के समावेशी विकास, बुनियादी ढांचे की मजबूती और जन-कल्याण से जुड़े कई ऐतिहासिक प्रस्तावों को हरी झंडी दी गई है। राज्य सरकार ने प्रदेश में अधोसंरचना विकास, रोजगार सृजन और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए कुल 24,200 करोड़ रुपये से अधिक की राशि की भव्य स्वीकृति प्रदान की है। कैबिनेट के इन निर्णयों से आने वाले समय में प्रदेश की तस्वीर बदलेगी।
इंदौर मेट्रो के लिए 19,472 करोड़ रुपये मंजूर
कैबिनेट बैठक के सबसे बड़े फैसले के तहत आर्थिक राजधानी इंदौर की महत्वाकांक्षी मेट्रो रेल परियोजना को बड़ी सौगात मिली है। परियोजना की पुनरीक्षित लागत और अतिरिक्त वित्त पोषण की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए सरकार ने 19,472 करोड़ 29 लाख रुपये मंजूर किए हैं। इससे इंदौर मेट्रो के काम में और अधिक गति आएगी।
स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा निवेश, 5 सदस्यीय उप समिति गठित
प्रदेश के नागरिकों को बेहतर और विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कैबिनेट ने ‘मेगा स्वास्थ्य सेवा अधोसंरचना प्रोत्साहन नीति-2026’ के प्रस्ताव पर विचार करने के लिए एक 5 सदस्यीय मंत्रिमंडलीय उप समिति का गठन किया है। इस नीति के माध्यम से राज्य में सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों, चिकित्सा शिक्षा और गुणवत्तापूर्ण उपचार सुविधाओं के विस्तार पर विशेष जोर दिया जाएगा।
इसके साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए सरकार ने एक अनूठा प्रयोग शुरू किया है। इसके तहत रीवा, देवास और गुना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHCs) को आउटसोर्स मॉडल से संचालित करने के पायलट प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई है।
वन्यजीव संरक्षण और 94 गांवों का होगा पुनर्वास
पर्यावरण और वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए कैबिनेट ने प्रोजेक्ट टाइगर, प्रोजेक्ट एलिफेंट और संरक्षित क्षेत्रों के भीतर आने वाले 94 गांवों के सम्मानजनक पुनर्वास के लिए 2,381 करोड़ 15 लाख रुपये स्वीकृत किए हैं। इस राशि से टाइगर रिजर्व, कूनो राष्ट्रीय उद्यान और अन्य संरक्षित क्षेत्रों में हैबिटेट (प्राकृतिक आवास) सुधार, सुरक्षा प्रबंध और अधोसंरचना विकास के कार्य किए जाएंगे।
श्रम कल्याण और जनजातीय विद्यार्थियों पर फोकस
सरकार ने समाज के हर वर्ग का ध्यान रखते हुए कई महत्वपूर्ण वित्तीय स्वीकृतियां दी हैं:
- श्रमिक कल्याण: श्रमिक कल्याण योजनाओं के सुचारू संचालन, श्रम कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन और औद्योगिक सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए 531 करोड़ 78 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है।
- जनजातीय कल्याण: जनजातीय वर्ग के विद्यार्थियों को उच्च स्तर की शैक्षणिक एवं आवासीय सुविधाएं प्रदान करने के लिए 687 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
- रेशम उत्पादन को बढ़ावा: ककून उत्पादकों, बुनकरों और पारंपरिक उद्यमियों की आय में वृद्धि करने के उद्देश्य से रेशम क्षेत्र के विकास के लिए 639 करोड़ 25 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं।
- संस्थागत सुधार: इसके अतिरिक्त, स्थानीय निधि संपरीक्षा (ऑडिट) व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने और विभागीय परिसंपत्तियों के बेहतर संधारण के लिए 492 करोड़ 45 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है।
समावेशी विकास को मिलेगी गति
बैठक के अंत में यह रेखांकित किया गया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में लिए गए इन दूरगामी निर्णयों से मध्यप्रदेश में बुनियादी ढांचे का तीव्र विकास होगा, स्वास्थ्य सुविधाओं का जाल बिछेगा, बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और राज्य में समग्र व समावेशी विकास की गति तेज होगी।











