आजीविका मिशन ने संवारा भविष्य
समूह से लोन लेकर मां ने पढ़ाया, बेटी डॉ. सुमन सैयाम बनीं मेडिकल ऑफिसर
- बिछिया के अंजनिया की सुमन ने एमपीपीएससी में लहराया परचम
- डेंटिस्ट के बाद अब शासकीय चिकित्सा अधिकारी के पद पर चयन
मंडला महावीर न्यूज 29. संकल्प, कठिन परिश्रम और सही समय पर मिलने वाला आर्थिक सहयोग किसी भी साधारण परिवार के बड़े सपनों को साकार कर सकता है। इसका एक जीवंत और बेहद प्रेरणादायक उदाहरण बिछिया विकासखंड के ग्राम पंचायत अंजनिया से सामने आया है, जहाँ आजीविका मिशन की मदद से एक साधारण परिवार की बेटी डॉ. सुमन सैयाम ने मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की चयन प्रक्रिया में सफलता हासिल कर मेडिकल ऑफिसर के पद पर अपना स्थान पक्का किया है।
मां ने समूह के भरोसे बुना था बेटी की उच्च शिक्षा का सपना
जानकारी अनुसार अंजनिया अंतर्गत पहल महिला आजीविका संकुल स्तरीय परिसंघ से पंजीकृत वैष्णवी महिला आजीविका ग्राम संगठन द्वारा संचालित रानी दुर्गावती आजीविका स्व-सहायता समूह की सदस्य श्रीमती निर्मला सैयाम आज पूरे क्षेत्र के लिए एक मिसाल बन चुकी हैं। बेहद सादगीपूर्ण जीवन जीने वाली निर्मला सैयाम की छोटी बेटी सुमन बचपन से ही पढ़ाई में मेधावी थीं और चिकित्सा क्षेत्र में जाने का सपना देखती थीं। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के बावजूद मां ने बेटी के हौसलों को टूटने नहीं दिया और स्व-सहायता समूह का सहारा लिया।
समूह से मिली 4.91 लाख की मदद, नीट के बाद पहले बनीं डेंटिस्ट
मेधावी सुमन ने अपनी प्रतिभा के दम पर पहले 12वीं की परीक्षा उत्कृष्ट अंकों से उत्तीर्ण की और फिर कठिन मानी जाने वाली नीट परीक्षा में सफलता हासिल की। सुमन की इस महंगी उच्च शिक्षा के खर्च को पूरा करने के लिए उनकी माता निर्मला सैयाम ने समय-समय पर अपने स्व-सहायता समूह से ऋण लिया। उन्होंने समूह के माध्यम से कुल 4 लाख 91 हजार रुपये की वित्तीय सहायता प्राप्त कर बेटी की पढ़ाई की राह को आसान बनाया। सुमन ने भी मां के त्याग को व्यर्थ नहीं जाने दिया और निरंतर परिश्रम करते हुए पहले दंत चिकित्सक के रूप में अपनी डिग्री पूरी की।
एमपीपीएससी में चयन से क्षेत्र का बढ़ा मान, मिशन परिवार ने दी बधाई
डेंटिस्ट बनने के बाद भी सुमन का लक्ष्य और बड़ा था। उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखी और आखिरकार मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित परीक्षा को पास कर शासकीय मेडिकल ऑफिसर के पद पर चयनित हो गईं। डॉ. सुमन और उनकी माता ने अपनी इस ऐतिहासिक सफलता का श्रेय आजीविका मिशन को देते हुए अन्य ग्रामीण महिलाओं को भी समूहों से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने का संदेश दिया है। इस उपलब्धि पर आजीविका मिशन मंडला के जिला परियोजना प्रबंधक बीडी भैसारे, सहायक विकासखंड प्रबंधक (नोडल) श्रीमती सलमा बेगम एवं समस्त मिशन परिवार ने डॉ. सुमन सैयाम और उनकी माता निर्मला सैयाम को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।









