मंडला को ऐतिहासिक सौगात
15 हजार करोड़ के जबलपुर-रायपुर 6-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे से आदिवासी अंचल में खुलेंगे तरक्की के नए द्वार
- सांसद संतोष पांडेय की पहल लाई रंग
- जबलपुर–मंडला–कवर्धा–रायपुर एक्सप्रेसवे से व्यापार
- पर्यटन और रोजगार को मिलेगी नई रफ्तार
मंडला महावीर न्यूज 29. मध्य भारत और विशेषकर आदिवासी बहुल क्षेत्रों के अवसंरचना विकास की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए जबलपुर–मंडला–कवर्धा–सिमगा–रायपुर 6-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को हरी झंडी मिल गई है। इस खबर के बाद से मंडला जिले के नागरिकों में भारी उत्साह और नई उम्मीदें जग गई हैं। राजनांदगांव के सांसद श्री संतोष पांडेय की सक्रिय पहल और निरंतर प्रयासों के चलते मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के बीच संपर्क को मजबूत करने वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना को नई गति मिली है।
15 हजार करोड़ की लागत, सफर होगा आसान
लगभग ₹15,000 करोड़ की भारी-भरकम लागत से बनने वाली यह ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे परियोजना मंडला को जबलपुर, कवर्धा और रायपुर जैसे प्रमुख औद्योगिक और व्यापारिक शहरों से जोड़ेगी। इसके निर्माण से जहां एक ओर सुरक्षित और आधुनिक सड़क संपर्क स्थापित होगा, वहीं जबलपुर और रायपुर के बीच यात्रा के समय में भी उल्लेखनीय कमी आएगी, जिसका सीधा और सबसे बड़ा फायदा मंडला जिले को मिलेगा।
विकास के नए अवसरों का खुलेगा द्वार
जानकारों का मानना है कि मंडला जैसे आदिवासी बहुल जिले के लिए यह एक्सप्रेसवे महज एक सड़क नहीं, बल्कि एक ‘इकोनॉमिक कॉरिडोर’ (आर्थिक गलियारा) साबित होगा। इसके शुरू होने से क्षेत्र में निम्नलिखित सकारात्मक बदलाव आने की उम्मीद है:
- अर्थव्यवस्था: व्यापार, कृषि आधारित उद्योगों और वन उपज के विपणन (मार्केटिंग) को बढ़ावा मिलेगा।
- पर्यटन व निवेश: बेहतर कनेक्टिविटी से पर्यटन को पंख लगेंगे और नए निवेश के अवसर पैदा होंगे।
- मूलभूत सुविधाएं: उच्च शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं तक आम जनता की पहुंच आसान होगी।
- भविष्य की संभावनाएं: इस परियोजना से नर्मदा-विंध्य क्षेत्र की अन्य आधारभूत संरचना परियोजनाओं को भी अप्रत्यक्ष रूप से बल मिलेगा।
नागरिकों ने जताया आभार
इस ऐतिहासिक सौगात पर मंडला जिले के नागरिकों ने खुशी जाहिर की है। आमजन ने इस बहुप्रतीक्षित परियोजना के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी तथा सांसद श्री संतोष पांडेय के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया है। लोगों का कहना है कि यह एक्सप्रेसवे आदिवासी अंचल के समग्र विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।










