12 माह का वेतन, 62 वर्ष तक रोजगार और संविदा शिक्षक का दर्जा देने की मांग

अतिथि शिक्षकों ने नियमितीकरण व लंबित मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन

स्थायी नीति बनाने की मांग

  • अतिथि शिक्षक परिवार ने उठाई आवाज
  • 12 माह का वेतन, 62 वर्ष तक रोजगार और संविदा शिक्षक का दर्जा देने की मांग

मंडला महावीर न्यूज 29. अतिथि शिक्षक परिवार जिला मंडला ने अपनी विभिन्न स्थानीय और प्रांतीय मांगों को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है। जिलाध्यक्ष पीडी खैरवार और जिला सचिव संजय सिसोदिया के नेतृत्व में मुख्यमंत्री, कलेक्टर, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग और जिला शिक्षा अधिकारी के नाम यह ज्ञापन प्रेषित किया गया। ज्ञापन में अतिथि शिक्षकों के लिए अविलंब स्थायी नीति बनाकर उनका भविष्य सुरक्षित करने की मांग की गई है। संगठन का मुख्य नारा एक ही माँग नियमितीकरण रहा।

प्रांतीय स्तर की प्रमुख मांगें 

स्थायी नीति एवं सम्मानजनक वेतन 

अतिथि शिक्षकों को केवल सत्र के लिए नहीं, बल्कि 12 माह का मानदेय और 62 वर्ष की आयु तक कार्य करने का अवसर दिया जाए। मानदेय के रूप में वर्ग-3 को 20,000 रुपये, वर्ग-2 को 28,000 रुपये और वर्ग-1 को 36,000 रुपये प्रतिमाह दिए जाएं।

विभागीय परीक्षा व बोनस अंक 

अधिकतम अनुभव के आधार पर प्रति सत्र 10 अंक बोनस देकर, विभागीय परीक्षा के माध्यम से अतिथि शिक्षकों को संविदा शिक्षक का दर्जा दिया जाए।

अनुभवी शिक्षकों का समायोजन 

ट्रांसफर, प्रमोशन या शाला मर्जिंग जैसी सरकारी नीतियों के कारण सेवा से बाहर हुए अतिथि शिक्षकों को नई भर्तियों में प्राथमिकता दी जाए। जब तक स्थायी नीति नहीं बनती, तब तक अधिकतम कार्यानुभव वाले शिक्षकों के पद को रिक्त न माना जाए।

स्थानीय स्तर की प्रमुख मांगें (मंडला जिले के लिए) 

अनुभव प्रमाण पत्र

ऑनलाइन अनुभव न बन पाने की स्थिति में शिक्षकों को ऑफलाइन अनुभव के आधार पर अंक प्रदान किए जाएं, ताकि वे चयन प्रक्रिया से वंचित न रहें।
समय पर मानदेय भुगतान – हर महीने की 5 तारीख तक मानदेय का भुगतान सुनिश्चित किया जाए और पूर्व सत्रों के सभी लंबित मानदेय भुगतानों को शीघ्र जारी किया जाए।

भेदभाव पर रोक

कुछ संस्था प्रमुखों द्वारा अतिथि शिक्षकों के साथ किए जा रहे भेदभावपूर्ण व्यवहार पर संज्ञान लेकर उन्हें समझाइश दी जाए, ताकि शिक्षक तनावमुक्त होकर कार्य कर सकें।


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