ग्वालियर, श्योपुर में आयोजित हुआ बलराम जयंती महोत्सव

सरकार के लिए अन्नदाता सर्वोपरि, सीएम डॉ. मोहन ने कहा- किसान कल्याण पर हमारा विशेष ध्यान

ग्वालियर में आयोजित हुआ बलराम जयंती महोत्सव

  • खेतों से लेकर खातों तक किसानों का ध्यान रख रही सरकार
  • पीएम मोदी ने गरीब-युवा-अन्नदाता-नारी शक्ति के कल्याण का लिया संकल्प
  • सहकारिता मंत्री सारंग ने बोले- किसानों को ज्यादा से ज्यादा लाभ देने की हो रही कोशिश

भोपाल/ग्वालियर। ‘भगवान श्री बलराम ने कृषि को प्रकृति के साथ जोड़कर स्वावलंबन का नया अध्याय शुरू किया था। भारतीय संस्कृति में खेती को सर्वोत्तम मना गया है। खेती से प्रकृति समृद्ध होती है और मनुष्य को अनाज मिलता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चार श्रेणियों- गरीब, अन्नदाता, युवा और नारी कल्याण का संकल्प लिया है। हमारे लिए सीमा पर जवान और खेतों में किसान दोनों बराबर सम्मान रखते हैं। अन्नदाता अपने अथक परिश्रम से देश को समृद्ध बनाता है। राज्य सरकार खेतों से लेकर खातों तक किसानों के कल्याण पर विशेष ध्यान दे रही है। किसानों को पैक्स समितियों के माध्यम से लाभ दिया जा रहा है।’ यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 2 सितंबर को ग्वालियर में कही। वे यहां आयोजित बलराम जयंती महोत्सव को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित किसानों पर पुष्प वर्षा की। उन्होंने ऑनलाइन किसान क्रेडिट कार्ड पोर्टल, कृषक कवच योजना, नवीन पंजीकृत 200 पैक्स समितियों के कार्यालयों और ग्वालियर में अपेक्स बैंक संभागीय शाखा का शुभारंभ किया।

ढाई साल में हजारों गुना बढ़ गया बिजली उत्पादन

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसान कवच योजना के माध्यम से हमारी सरकार किसानों के साथ खड़ी है। प्रदेश में किसानों को सिंचाई के लिए 24 घंटे बिजली मिल रही है। अब दिन में भी बिजली मिलेगी। मध्यप्रदेश बिजली उत्पादन में अब देश का अग्रणी राज्य बना है। आजादी के बाद 55 साल में मध्यप्रदेश सिर्फ 5 हजार मेगावॉट बिटली उत्पादन करता था। हमारी पूर्व सरकारों के कार्यकाल के बाद राज्य की बिजली उत्पादन क्षमता 25 हजार मेगावॉट थी। हमारी सरकार के ढाई साल में ही बिजली उत्पादन क्षमता 6 हजार मेगावॉट बढ़कर अब 31 हजार मेगावॉट हो चुकी है। प्रदेश में सिंचाई का रकबा अभी 60 लाख हेक्टेयर से अधिक है, जिसे अगले ढाई वर्ष में 100 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने किसानों को कर्ज चुकाने की सुविधा दी है। अब उन्हें 6-6 माह में खाता पटलने की जरूरत नहीं है। नई व्यवस्था के मुताबिक, अब किसान वर्ष में किसी भी समय कर्ज की राशि भर सकते हैं। किसान अनाज के साथ उद्यानिकी फसलों से लाभ कमाएं। इसके लिए एक बगिया मां के नाम योजना की शुरुआत की गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पशुपालन को भी प्रोत्साहित कर रही है। दूध उत्पादन को 20 प्रतिशत तक बढ़ाने के लिए नई गौपालन योजना की शुरुआत की है। इस योजना में पशुपालकों को 40 लाख के लोन पर 10 लाख का अनुदान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मन की नीयत अच्छी हो तो परामात्मा की कृपा बनी रहती है। किसानों को मत्स्य पालन, कुकुट पालन और बकरी पालन जैसी योजनाओं से भी जोड़ा गया है।

जन-कल्याण के लिए निरंतर काम कर रही राज्य सरकार

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि युवा कल्याण के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है। बोर्ड परीक्षाओं में 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप बांटे गए हैं। हमारे बच्चे पढ़-लिखकर डॉक्टर, इंजीनियर बनें। लेकिन खेती से रिश्ता बनाए रखें। कृषि हमारी समृद्ध संस्कृति की गौरवशाली विरासत है। शासकीय स्कूलों के बच्चों को किताबें, ड्रेस, साइकिलें बांटी जा रही हैं। प्रदेशभर में भव्य सांदीपनि विद्यालय बन रहे हैं। युवाओं को उद्योग और रोजगार से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि हम समृद्ध मध्यप्रदेश में रोजगार देने वाले युवा तैयार करने पर काम कर रहे हैं। मध्य प्रदेश पर इंद्र देव की विशेष कृपा बनी हुई है। मध्यप्रदेश की धरती पर सबसे पहले केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना की शुरुआत की गई है। मध्यप्रदेश बदल रहा है, किसान अपनी जमीन नहीं बेचें। मध्यप्रदेश खेती में अब पंजाब से आगे निकलने वाला है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में चहुंओर एक्सप्रेसवे, हाईवे और ग्रीन फील्ड रोड बनाए जा रहे हैं। प्रदेश में एविएशन और रेल कनेक्टिविटी भी बढ़ाई जा रही है। गरीब-जरूरतमंदों को नि:शुल्क एयर एंबुलेंस की सुविधा का लाभ दिया जा रहा है। हमारी सरकार के लिए व्यक्ति की जान बचाना जरूरी है। राहवीर योजना के अंतर्गत सड़क दुर्घटना में घायलों को अस्पताल पहुंचाने पर 25 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। हमने प्रदेश के सहकारिता विभाग से जुड़े 16 बैंकों को डिफॉल्टर होने से बचाया है। उन्हें पर्याप्त राशि दी गई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का इसी माह जन्मदिन आने वाला है। उनके सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने वाले हैं। उनका चरित्र बेदाग है। प्रधानमंत्री मोदी ने अनेकों चुनौतियों के बीच आशा का दीपक हम सबके लिए जलाए रखा है। भारत दुनिया में अपनी अलग साख बना रहा है। भारत की आर्थिक विकास दर 7.8 प्रतिशत की गति से आगे बढ़ रही है। यह अमेरिका और जापान जैसे देशों के कही अधिक है। प्रदेश में 1 लाख 14 हजार करोड़ रुपए की लागत से रेलवे के अनेक विकास कार्य जारी हैं। हमारी सरकार ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पास कराया है। उसी दिशा में आगे बढ़ते हुए कार्य किए जाएंगे।

समृद्ध हो रही देश की खेती

कार्यक्रम में केंद्रीय दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि भारत एक कृषि प्रधान राष्ट्र है। आज भगवान बलराम की जयंती के अवसर पर महोत्सव ग्वालियर में हो रहा है। यहां सहकारिता सम्मेलन का भी आयोजन हो रहा है। सहकारिता से देशभर के किसानों को लाभ मिल रहा है। किसानों का सम्मान ग्वालियर अंचल की विरासत रही है। ग्वालियर-चंबल में बने बांध और जलाशयों से खेती समृद्ध हो रही है। श्योपुर क्षेत्र को नैरोगेज रेल लाइन से जोड़ा गया ताकि किसान ग्वालियर में अपना अनाज बेच पाएं। बहुत जल्द यह लाइन ग्वालियर से कोटा तक पहुंचेगी। अक्षय ऊर्जा भविष्य में किसानों को समृद्ध बनाएगी। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि ग्वालियर में लगभग 20 वर्षों से भगवान श्री बलराम जयंती महोत्सव मनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के सभी जिलों में बलराम जयंती मनाने की शुरुआत की है। हमारे किसान समृद्ध होंगे, तो देश समृद्ध होगा। युवा कल्याण एवं सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि राज्य सरकार ने विकास और जनकल्याण की अवधारणा को स्थापित किया है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में किसानों की आमदनी को दोगुना करने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कृषक कल्याण वर्ष मनाने का निर्णय लिया है। सहकारिता विभाग के माध्यम से मध्यप्रदेश के किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर लोन मिल रहा है। सहकारिता के माध्यम से किसानों को ज्यादा से ज्यादा लाभ दिलवाने का प्रयास किया जा रहा है। बलराम जयंती पर हम संकल्प लेते हैं कि किसान की खेती को लाभ का जरिया बनाएंगे। किसानों को फसलों का उचित मूल्य दिलवाएंगे।


अब किसानों को सिंचाई के लिए दिन में भी उपलब्ध होगी बिजली: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

  • श्योपुर में आयोजित हुआ बलराम कृषि महोत्सव
  • ग्वालियर एयरपोर्ट से सीएम डॉ. यादव ने वर्चुअली सहभागिता की
  • श्योपुर में किसानों के 60 लाख रुपये से बनेगा नया विश्राम गृह

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 2 सितंबर को श्योपुर में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को ग्वालियर एयरपोर्ट से वर्चुअली संबोधित किया। उन्होंने किसानों के साथ संवाद भी किया। उन्होंने कहा कि किसानों को सतत रूप से सुविधाएं देने का कार्य किया जा रहा है, अब किसानों को सिंचाई के लिए दिन में भी बिजली की सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे वे दिन के समय में भी अपनी फसलों में पानी दे सकेंगे। उन्होंने श्योपुर कृषि उपज मंडी में किसानों के लिए नवीन विश्राम गृह निर्माण के लिए 60 लाख रुपये की घोषणा की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में इस वर्ष को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है, जिसके तहत किसानों के कल्याण के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। किसानों के लिए शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण की सुविधा दी जा रही है। इसके तहत खरीफ एवं रबी फसलों के लिए 6-6 माह की अवधि ऋण चुकाने के लिए निर्धारित थी, जिसे बढ़ाकर अब एक वर्ष कर दिया गया है, अर्थात किसान द्वारा जिस दिनांक से ऋण लिया जाएगा, उसे चुकाने की अवधि उस दिनांक से एक वर्ष तक की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए पशुपालन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। दुग्ध सहकारी समितियों का और अधिक संख्या में गठन किया जाये और दुग्ध उत्पादन को बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि श्योपुर जिले में धान और गेहूं का बम्पर उत्पादन तो होता ही है, बल्कि जिले के किसान मोटे अनाज का उत्पादन भी कर रहे हैं।

ज्यादा न करें खर्च

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर 12वी कक्षा में 75 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले मेधावी विद्यार्थियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि गत दिवस मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप खरीदने के लिए 25-25 हजार रुपये की राशि प्रदाय की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपील की कि बच्चों को पढ़ाएं तथा फिजूलखर्ची को रोकें, समाज में ऐसी परम्परा डालें कि शादी-विवाह सहित अन्य सामाजिक आयोजनों में अधिक खर्च न हो। सामूहिक विवाह सम्मेलनों के माध्यम से विवाह संपन्न कराएं। इस अवसर पर उन्होंने सभी को जन्माष्टमी की बधाई भी दी।

किसान-बच्चों का हुआ सम्मान

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर किसानों से संवाद किया। इस दौरान ग्राम राडेप के किसान मुकुट चौधरी ने बताया कि शासन की योजना में कृषि अभियांत्रिकी के माध्यम से उन्हें पराली प्रबंधन के लिए कृषि यंत्र सब्सिडी पर प्राप्त हुए हैं, पराली प्रबंधन के लिए सुपर सीडर खरीदा था, जिस पर 1 लाख 20 हजार रुपये का अनुदान भी प्राप्त हुआ। बलराम कृषि महोत्सव एवं किसान मेले में आये किसानों को कृषि वैज्ञानिकों द्वारा खेती-किसानी की नवीन तकनीकी और फसलों के संबंध में लाभदायक जानकारी प्रदान की गई है। बलराम कृषि महोत्सव एवं किसान मेले के दौरान पशुपालन, कृषि, उद्यानिकी, मत्स्यपालन, एनआरएलएम द्वारा प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रगतिशील किसान नरेन्द्र चौधरी, भरत जाट, शिशुपाल मीणा, सोनू शर्मा, बनवारी मीणा, भुवनेश मीणा, पूरण प्रजापति, गोविद पटेलिया और मान सिंह पटेलिया को शॉल एवं प्रशस्ती पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। कक्षा 12वी में उत्कृष्ट परीक्षा परिणामों के लिए मेधावी विद्यार्थियों में अंकुश मेहर, भूमिका माहौर, आशा गुर्जर, अनमोल मीणा, अभय गुर्जर, पूनम जाट, वैष्णवी जाट, दीनबंधु मीणा, करण मीणा और मयंक शर्मा को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।


विश्व का पहला नदी जोड़ो अभियान बुंदेलखंड की धरती से प्रारंभ हुआ है। केन-बेतवा लिंक परियोजना तथा पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ो अभियान से चंबल, मालवा और बुंदेलखंड क्षेत्र विकास के एक नए दौर में प्रवेश करेंगे। मध्यप्रदेश सरकार धीरे-धीरे प्रदेश के सभी क्षेत्रों में विकास के कार्यों को गति दे रही है। मैं सभी से हाथ जोड़कर निवेदन करता हूं कि कोई भी अपना खेत न बेचे। आने वाले समय में हम पंजाब और हरियाणा को भी खेती के क्षेत्र में पीछे छोड़ने का संकल्प लेकर आगे बढ़ रहे हैं। मैं किसानों से आग्रह करता हूं कि वे अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाएं, अनावश्यक खर्चों से बचें और राज्य शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लें।

हमारे बच्चे अच्छी तरह पढ़ेंगे और मेडिकल से लेकर अन्य व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेंगे, तो सरकार उनकी फीस भरने की जिम्मेदारी भी निभाएगी। हमारा लक्ष्य समृद्ध मध्यप्रदेश का निर्माण करना है, जहां युवा रोजगार लेने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले बनें। प्रदेश में रोडवेज की बस सेवा भी पुनः शुरू होने वाली है। ग्वालियर से भोपाल तक नया हाई-वे बनाया जा रहा है, जिससे लगभग 100 किलोमीटर की दूरी कम होगी। राजधानी भोपाल को प्रदेश के सभी अंचलों से जोड़ने के लिए ग्रीनफील्ड रोड का निर्माण किया जा रहा है। रेलवे नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है और एयर कनेक्टिविटी भी बढ़ाई जा रही है। आयुष्मान कार्डधारकों के लिए निःशुल्क एयर एंबुलेंस सेवा भी प्रारंभ की गई है। इन सभी प्रयासों का उद्देश्य मध्यप्रदेश को विकास, रोजगार, शिक्षा, कृषि और बेहतर कनेक्टिविटी के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाना है।

डॉ. मोहन यादव मुख्यमंत्री


 

हमारी सरकार का हर विभाग आपसी समन्वय और बेहतर तालमेल के साथ सतत एवं योजनाबद्ध तरीके से काम कर रहा है। सहकारिता विभाग के माध्यम से बैंकिंग व्यवस्था से डिफॉल्टर हो चुके लोगों और संस्थाओं की मदद के लिए भी सरकार आगे आई है। बीते समय में हमने 16 बैंकों को डूबने से बचाया और उन्हें पुनः जनता की सेवा में लगाया। इसी क्रम में अब श्योपुर बैंक को भी संकट से उबारने के लिए सरकार हरसंभव सहयोग करने के लिए आगे बढ़ रही है। यह भी हमारे लिए खुशी और गौरव का अवसर है कि इसी महीने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का जन्मदिन है। साथ ही, 7 अक्टूबर को उनके सार्वजनिक जीवन और जनसेवा के 25 वर्ष भी पूर्ण हो रहे हैं। यह अवसर हमारे लिए जनसेवा, सुशासन और राष्ट्रहित के प्रति अपने संकल्प को और मजबूत करने का है।

– डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री


मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बलराम जयंती के अवसर पर ग्वालियर के व्यापार मेला परिसर में आयोजित “बलराम जयंती महोत्सव” में सिंगल क्लिक के माध्यम से विभिन्न किसान हितैषी योजनाओं एवं सुविधाओं का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने ऑनलाइन किसान क्रेडिट कार्ड पोर्टल का शुभारंभ, शून्य प्रतिशत ब्याज योजना के सरलीकरण, कृषक कवच योजना एवं प्रदेश में नव-पंजीकृत लगभग 200 प्राथमिक कृषि सहकारी संस्थाओं के कार्यालयों का शुभारंभ किया।

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