मवई क्षेत्र में मवेशी तस्करी का नेटवर्क सक्रिय

मवई क्षेत्र में मवेशी तस्करी का नेटवर्क सक्रिय

लगातार पकड़े जा रहे वाहन, पुलिस की कार्यप्रणाली पर ग्रामीणों ने उठाए सवाल

  • मवेशियों के अवैध परिवहन से ग्रामीणों में भारी आक्रोश
  • मवई थाने में सौंपा ज्ञापन, स्थानीय गठजोड़ और पूरे सिंडिकेट की जांच की मांग

मंडला महावीर न्यूज 29. विकासखंड मवई के वनांचल क्षेत्रों में इन दिनों मवेशियों के संदिग्ध और अवैध परिवहन के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। पिछले कुछ दिनों में अलग-अलग स्थानों पर मवेशियों से भरे वाहनों के पकड़े जाने और दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचनाओं ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। लगातार हो रही इन घटनाओं से आक्रोशित ग्रामीणों ने मंगलवार को मवई थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई और इस अवैध कारोबार में शामिल पूरे नेटवर्क की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।जानकारी अनुसार विगत 28 अगस्त की सुबह ग्राम पंचायत मडफा के हर्राटोला मसना में बारिश के चलते एक पिकअप वाहन कीचड़ में फंस गया था। मदद के लिए पहुंचे ग्रामीणों ने देखा कि छोटे से वाहन में 6 से 7 भैंसें ठूंस कर भरी गई थीं। जब चालक से मवेशियों की खरीदी-बिक्री और परिवहन के दस्तावेज मांगे गए, तो वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। सूचना मिलने पर डायल 112 और मवई पुलिस मौके पर पहुंची और वाहन को थाने ले गई। रक्षाबंधन के त्योहार के कारण ग्रामीण व्यस्त हो गए, लेकिन दो दिन बाद जब उन्होंने पुलिस से की गई कार्रवाई की जानकारी मांगी, तो कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। इससे ग्रामीणों में पुलिस की भूमिका को लेकर नाराजगी और संदेह बढ़ गया है।

अंजनी में पकड़ा गया 30 भैंसों से भरा ट्रक, कुम्हा में भी हादसा 

विगत 28 अगस्त को ही मवई के अंजनी क्षेत्र में भी ग्रामीणों ने लगभग 30 भैंसों से भरा एक ट्रक पकड़ा था। मामला बिछिया थाना क्षेत्र का होने के कारण मवई पुलिस ने आगे की कार्रवाई के लिए बिछिया पुलिस से संपर्क किया। इसके अलावा, 31 अगस्त को ग्राम कुम्हा क्षेत्र में भी मवेशियों से भरे एक अन्य वाहन के दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना सामने आई, हालांकि पुलिस ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

बिना स्थानीय सहयोग के संभव नहीं तस्करी, पूरे नेटवर्क की हो जांच 

एक ही दिन में और लगातार सामने आ रहे इन मामलों के बीच मसना और हर्राटोला के दर्जनों ग्रामीणों ने मवई थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों का आरोप है कि इतनी बड़ी संख्या में मवेशियों की तस्करी बिना किसी स्थानीय सहयोग के संभव नहीं है। ग्रामीणों ने मांग की है कि पुलिस की कार्रवाई केवल मोहरे बने वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। मवेशियों के वास्तविक मालिक, खरीदार, वाहन मालिक और इस अवैध नेटवर्क को स्थानीय स्तर पर संरक्षण देने वाले लोगों की भी बारीकी से जांच होनी चाहिए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि पशुधन ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार है; यदि जांच में दोषियों के खिलाफ एफआईआर और कठोर वैधानिक कार्रवाई नहीं की गई, तो यह पशुपालकों के लिए बड़ा खतरा बन जाएगा।

इनका कहना है

ग्रामीणों ने आवेदन दिया है बिंदुवार जांच कर दोषियों पर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी
श्रीमति आरती तेकाम, थाना प्रभारी मवई


 

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