खेती बचाने सड़क पर उतरे किसान

मंडला में किसान गर्जना संगठन का हल्ला-बोल

धान-गेहूं के समर्थन मूल्य सहित 12 सूत्रीय मांगों को लेकर पीएम-सीएम को सौंपा ज्ञापन

  • खेती बचाने सड़क पर उतरे किसान
  • कलेक्ट्रेट का किया घेराव
  • मांगें नहीं मानने पर दी उग्र आंदोलन की चेतावनी

मंडला महावीर न्यूज 29. खेती के लगातार घाटे का सौदा बनने और बढ़ती महंगाई से आक्रोशित किसानों ने मंगलवार, 1 सितंबर को मण्डला कलेक्ट्रेट में जोरदार प्रदर्शन किया। ‘किसान गर्जना संगठन’ के बैनर तले जिले के किसानों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर हल्ला-बोल किया और कलेक्टर के माध्यम से प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।

संगठन के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद चौधरी के आह्वान पर आयोजित इस प्रदर्शन का नेतृत्व पी.डी. खैरवार, उपाध्यक्ष सहजान सिंह परस्ते और संगठन मंत्री चंद्रगुप्त नामदेव ने किया। प्रदर्शनकारी किसानों का कहना है कि सरकार की नीतियों और बढ़ती महंगाई के कारण किसान आत्महत्या जैसी त्रासदियों से गुजरने को मजबूर हैं। राष्ट्रीय और प्रांतीय स्तर की मांगों के साथ-साथ किसानों ने स्थानीय समस्याओं को लेकर भी कलेक्टर का घेराव किया।

ज्ञापन में शामिल किसानों की प्रमुख मांगें

  • फसलों का उचित दाम: भावान्तर योजना वापस लेकर सहकारी समितियों के माध्यम से यथावत खरीदी करवाई जाए। धान का समर्थन मूल्य 3100/- रुपये और गेहूं का 2700/- रुपये प्रति क्विंटल तय कर, अंतर की राशि का बोनस दिया जाए।
  • खाद, बीज और बिजली: खाद के बढ़े हुए दाम तुरंत वापस लिए जाएं और जैविक खाद मुफ्त दी जाए। नकली खाद, बीज और कीटनाशकों की बिक्री पर सख्त रोक लगे। कृषि विभाग बीजों की गुणवत्ता सुधारे और समितियों से समय पर खाद उपलब्ध कराई जाए। इसके अलावा, बिजली कटौती बंद कर किसानों को सस्ती बिजली मुहैया कराई जाए।
  • ऋण, बीमा और मुआवजा: किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) की लोन सीमा दोगुनी की जाए और इसे 2 साल के लिए ब्याज मुक्त किया जाए। फसल बीमा को स्वैच्छिक किया जाए और ज्यादा बारिश से हुए नुकसान का 100% मुआवजा दिया जाए।
  • राजस्व कार्य एवं अन्य: किसानों के राजस्व रिकॉर्ड (फौती, सीमांकन, बंटवारा) समय पर अपडेट किए जाएं। वनग्रामों में रहने वाले सभी वर्गों के किसानों को राजस्व पट्टा दिया जाए और शासकीय योजनाओं की सामग्री पात्र किसानों तक अनिवार्य रूप से पहुंचाई जाए।

उग्र आंदोलन की चेतावनी

ज्ञापन सौंपने के दौरान किसान नेताओं ने प्रशासन और सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी न्यायोचित मांगें शीघ्र पूरी नहीं की गईं, तो संगठन आने वाले समय में उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। इस प्रदर्शन में सुरेश बघेल, रमेश नंदा, झनकू नंदा सहित जिले के बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।


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