पागल कुत्तों के आतंक से नारायणगंज चिरईडोंगरी में दहशत
25 से अधिक घायल, स्कूल व आंगनवाड़ी पर लटके ताले
- सप्ताहिक बाजार में कुत्तों के हमले से गांव में अफरा-तफरी
- सुरक्षा के मद्देनजर शालाओं में की गई छुट्टी
मंडला महावीर न्यूज 29. मंडला जिले की नारायणगंज तहसील अंतर्गत ग्राम चिरईडोंगरी में पागल और आवारा कुत्तों के आतंक से पूरे गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है। मंगलवार को साप्ताहिक बाजार के दिन अक्रामक और पागल कुत्तों ने बाजार में घुसकर करीब 25 से 30 लोगों पर हमला कर दिया, जिसमें से 6 से 7 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। अचानक हुए इस हमले से पूरे गांव में भगदड़ और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस घटना के बाद बच्चों की सुरक्षा को लेकर स्कूल और आंगनवाड़ी बंद बुधवार को बंद रखे गए। जिससे कोई अनहोनी ना हो सके।
जानकारी अनुसार कुत्तों के हमले की घटना के बाद ग्रामीणों और अभिभावकों में भारी भय व्याप्त है। बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए शासकीय प्राथमिक शाला, माध्यमिक शाला एवं स्थानीय आंगनवाड़ी केंद्रों में ताले लगा दिए गए हैं। माध्यमिक शाला चिरईडोंगरी के प्रभारी चैनसिंह मरावी ने बताया कि क्षेत्र में विगत दो तीन दिनों से पागल कुत्तों के हमले की घटना को देखते हुए बच्चों को स्कूल नहीं बुलाया गया है। वहीं स्कूल में बाउंड्री वॉल नहीं होने के कारण आवारा जानवर और पागल कुत्ते आसानी से प्रांगण में प्रवेश कर जाते हैं। स्कूली बच्चों के साथ कोई अप्रिय घटना न हो, इसके लिए हमने उच्च अधिकारियों और स्थानीय प्रशासन को मौखिक व लिखित रूप से अवगत कराया है और स्कूल में जल्द बाउंड्री वॉल बनवाने की मांग की है।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ने भी बताया कि गांव में दहशत के माहौल को देखते हुए बच्चों को आंगनवाड़ी नहीं लाया गया है और इसकी सूचना पर्यवेक्षक सुपरवाइजर व संबंधित अधिकारियों को दे दी गई है। अभिभावकों एवं शाला प्रबंधन ने अभिभावकों व क्षेत्रवासियों से अपील की है कि जब तक पागल कुत्तों को पकड़ नहीं लिया जाता या शाला की ओर से कोई अगला निर्देश नहीं आ जाता, तब तक बच्चों को किसी भी हाल में बाहर या स्कूल न भेजें। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन व स्थानीय निकाय से मांग की है कि जल्द से जल्द आवारा व पागल कुत्तों को पकड़ा जाए जिससे गांव में सामान्य स्थिति बहाल हो सके।










