बिंझिया तिराहा पर भिड़े तीन सांड, मची अफरा-तफरी
बाल-बाल बचे स्कूली बच्चे और राहगीर
- शहर में निराश्रित मवेशियों का आतंक
- सांडों की लड़ाई से बाधित हुआ यातायात
- हर समय बनी रहती है दुर्घटना की आशंका
मंडला महावीर न्यूज 29. शहर में निराश्रित मवेशियों की धमाचौकड़ी और उनका आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है, जो अब आम नागरिकों के लिए बड़ी परेशानी का सबब बन चुका है। मंगलवार को बिंझिया तिराहा पर तीन सांड अचानक आपस में भिड़ गए। इस हिंसक लड़ाई के कारण मुख्य मार्ग पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया।
स्कूली बच्चों और राहगीरों ने भागकर बचाई जान
सांडों की इस उग्र लड़ाई के कारण राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। स्थिति इतनी खतरनाक हो गई थी कि लोगों को अपना रास्ता बदलकर वहां से निकलना पड़ा। चूँकि घटना सुबह के समय हुई, जो बच्चों के स्कूल जाने का वक्त होता है, ऐसे में वहां से गुजर रहे छात्र-छात्राओं को भी अपनी जान बचाकर किसी तरह स्वयं को सुरक्षित करना पड़ा।
पहले भी हो चुके हैं जानलेवा हमले
शहर में सांडों का यह आतंक कोई नया नहीं है। इससे पहले भी सिंहवाहनी वार्ड में एक सांड द्वारा एक महिला पर जानलेवा हमला करने का वीडियो सामने आ चुका है। इस तरह की लगातार हो रही घटनाओं ने स्थानीय लोगों की चिंता को और बढ़ा दिया है।
सड़कों पर मवेशियों के झुंड से बढ़ रहा खतरा
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि शहर के विभिन्न मार्गों, चौराहों और मुख्य बाजार क्षेत्रों में निराश्रित मवेशियों के झुंड लगातार डेरा डाले रहते हैं। कई बार सांडों के अचानक आपस में लडऩे से गंभीर दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। मुख्य सड़कों पर इन मवेशियों की मौजूदगी से न केवल यातायात बुरी तरह प्रभावित हो रहा है, बल्कि छोटे बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह विशेष रूप से एक बड़ा खतरा बन गया है। नागरिकों ने स्थानीय प्रशासन से आवारा मवेशियों की इस समस्या का जल्द से जल्द स्थायी समाधान निकालने की मांग की है।










