गार्ड ऑफ ऑनर के साथ पंचतत्व में विलीन हुए सीआरपीएफ जवान प्रदीप
तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर देख छलक उठीं आंखें
- जगदलपुर कैंप में आत्महत्या करने वाले धनवाही के जवान को दी गई भावभीनी विदाई
- परिजनों को मिली एक लाख रुपये की तत्कालिक सहायता
मंडला महावीर न्यूज 29. मंडला जिले के बीजाडांडी विकासखंड अंतर्गत ग्राम धनवाही निवासी सीआरपीएफ के हेड कांस्टेबल प्रदीप कुलस्ते का अंतिम संस्कार बुधवार को उनके पैतृक गांव में पूरे राजकीय सम्मान और गार्ड ऑफ ऑनर के साथ किया गया। बताया गया कि पिछले लगभग 26 वर्षों से देश की सेवा कर रहे जवान प्रदीप ने विगत दिवस छत्तीसगढ़ के जगदलपुर स्थित 80वीं बटालियन कैंप में अज्ञात कारणों से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी।
जानकारी अनुसार बुधवार दोपहर जब जवान का पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटा हुआ ताबूत में उनके पैतृक गांव धनवाही पहुंचा, तो वहां का माहौल अत्यंत गमगीन हो गया। देश के रक्षक को इस हाल में देखकर पत्नी सुधा बाई और बेटे कुणाल कुलस्ते का रो-रोकर बुरा हाल था। वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
गार्ड ऑफ ऑनर के साथ दी गई अंतिम विदाई
छत्तीसगढ़ से आई टुकड़ी और मंडला की 148वीं सीआरपीएफ बटालियन ने जवान को गार्ड ऑफ ऑनर देकर ससम्मान अंतिम विदाई दी। मृतक जवान के पुत्र कुणाल ने भारी मन से पिता के पार्थिव शरीर को मुखाग्नि दी। इस भावपूर्ण अंतिम विदाई में जगदलपुर सीआरपीएफ के जवान, बीजाडांडी थाना प्रभारी अनीता कुड़ापे, तहसीलदार आलोक सोनी, ग्राम पंचायत धनवाही की सरपंच चित्रलेखा बाई, सेना के सेवानिवृत्त जवान और क्षेत्र के कई गणमान्य नागरिक शामिल हुए।
परिजनों को सौंपी तत्कालिक सहायता
बताया गया कि छत्तीसगढ़ सरकार और विभाग की ओर से मृतक जवान की पत्नी सुधा बाई को तत्कालिक आर्थिक सहायता के रूप में एक लाख रुपये की नकद राशि प्रदान की गई। इसके साथ ही सम्मान स्वरूप उन्हें राष्ट्रीय ध्वज भी सौंपा गया। इस दुखद घटना से पूरे क्षेत्र में भारी शोक व्याप्त है। पुलिस और संबंधित विभाग द्वारा फिलहाल आत्महत्या के असल कारणों की गहनता से जांच की जा रही है।










