श्री सिद्धेश्वर धाम सुरंगदेवरी में भक्तिभाव से मनाया गुरु पूर्णिमा
शिष्यों ने लिया आशीर्वाद
- कन्या पूजन व भोज का हुआ भव्य आयोजन
- गुरु दरबार में हुई पंडित ललित नारायण मिश्रा और गुरु माता की आरती
मंडला महावीर न्यूज 29. शास्त्रों में कहा गया है कि गुरू से मंत्र लेकर वेदों का पठन करने वाला शिष्य ही साधना की योग्यता पाता है। व्यावहारिक जीवन में भी देखने को मिलता है कि बिना गुरु के मार्गदर्शन या सहायता के किसी कार्य या परीक्षा में सफलता कठिन हो जाती है, लेकिन गुरू मिलते ही लक्ष्य आसान हो जाता है। गुरू ऐसी युक्ति बता देते हैं, जिससे सभी काम आसान हो जाते हैं। श्री सिद्धेश्वर धाम के पंडित ललित नारायण मिश्रा ने बताया कि गुरू का मार्गदर्शन किसी ताले की चाबी की तरह है। इस प्रकार गुरू शक्ति का ही रूप है। वह किसी भी व्यक्ति के लिए एक अवधारणा और राह बन जाते हैं, जिस पर चलकर व्यक्ति मनोवांछित परिणाम पा लेता है।
जानकारी अनुसार गुरू और शिष्य के प्रेम का पर्व गुरू पूर्णिमा उत्साह के साथ मंडला जिले में मनाया गया। गुरू पूर्णिमा के अवसर पर गुरू आश्रमों में विविध अनुष्ठान संपन्न हुये। मुख्यालय में स्थित सभी गुरू आश्रमों और संतो के पास उनके शिष्यों का तांता आर्शीवाद लेने के लिए दिन भर लगा रहा। यहां दिन भर धार्मिक आयोजन होते रहे। इसके साथ भंडारे का आयोजन भी किया गया। भोर होते ही शिष्य अपने गुरूओं और संत महात्माओं का आर्शीवाद लेने और पूजा अर्चना करने पहुंच गए। शिष्य और बड़ी संख्या में श्रृद्धालुओं ने पूज्य गुरूओं का आर्शीवाद लिया।
बताया गया कि गुरू पूर्णिमा के अवसर पर शिष्यों ने गुरू वंदना कर आर्शीवाद लिया। जिले के आश्रमों, नर्मदा तट समेत मंदिरों में भक्तों का तांता लगा रहा। नगर के श्री सिद्धेश्वर धाम सुरंगदेवरी, औघड़ संत दादा धनीराम आश्रम, पड़ाव राममंदिर, हनुमान घाट, रपटा घाट, देवदरा, सहस्त्रधारा आश्रम, नर्मदा आश्रम समेत अन्य धार्मिक स्थलों में भक्तों का आना जाना दिन भर लगा रहा। पूर्णिमा के अवसर पर भक्तों ने नर्मदा स्नान भी किया। मंदिरों में पूजन अर्चन का दौर दिन भर चलता रहा। मंदिरों में पूजन अर्चन किया गया और शिष्यों ने अपने गुरू का आर्शीवाद लिए।
आर्शीवाद लेने शिष्य पहुंचे गुरू के दरबार
श्री सिद्धेश्वर धाम सुरंगदेवरी में गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व अत्यंत धूमधाम और अगाध श्रद्धा-भक्ति के साथ मनाया गया। भारतीय सनातन संस्कृति में गुरु को सर्वोच्च स्थान दिया गया है, और इसी पवित्र परंपरा का निर्वहन करते हुए बड़ी संख्या में शिष्य अपने गुरु के प्रति कृतज्ञता और आस्था व्यक्त करने के लिए धाम में एकत्रित हुए। इस शुभ अवसर पर पंडित ललित नारायण मिश्रा के शिष्य गुरु दरबार में पहुंचे। शिष्यों ने पूरे विधि-विधान और आस्था के साथ अपने आराध्य गुरु पंडित ललित नारायण मिश्रा तथा गुरु माता का पूजन-अर्चन किया। इस दौरान पूरे दरबार में गुरु महिमा के जयकारे गूंजते रहे, जिससे वहां का वातावरण पूरी तरह से आध्यात्मिक और भक्तिमय हो गया। पूजन के बाद शिष्यों ने गुरु और गुरु माता की आरती कर उनके चरण स्पर्श कर जीवन में सुख, शांति और सन्मार्ग पर चलने का आशीर्वाद प्राप्त किया।
कन्याओं को कराया कन्या भोज
गुरु पूजन के इस पुनीत कार्यक्रम के साथ-साथ श्री सिद्धेश्वर धाम में विशेष कन्या पूजन का भी आयोजन किया गया। भारतीय परंपरा में कन्याओं को साक्षात देवी का स्वरूप माना जाता है। इसी भावना को चरितार्थ करते हुए गुरु दरबार में कन्याओं का श्रद्धापूर्वक पूजन किया गया। इसके बाद सभी कन्याओं को ससम्मान कन्या भोज कराया गया। इस पूरे आयोजन के दौरान शिष्यों और श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। गुरु पूर्णिमा का यह भव्य समारोह सभी उपस्थित लोगों के मन में गुरु के प्रति असीम आस्था, प्रेम और पूर्ण समर्पण की अमिट छाप छोड़ गया।










