26 साल से न्याय के लिए भटक रही वृद्धा ने किया आत्मदाह का प्रयास
मंडला कलेक्ट्रेट जनसुनवाई में हड़कंप, सुरक्षाकर्मी ने बचाई जान
- भूमि विवाद से त्रस्त महिला ने खुद पर डाला ज्वलनशील पदार्थ
- प्रशासन बोला शासकीय भूमि का है विवाद, सिविल कोर्ट जाएं
मंडला महावीर न्यूज 29. जिला योजना भवन में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई के दौरान उस वक्त हड़कंप मच गया, जब न्याय न मिलने से हताश एक वृद्ध महिला ने अपने ऊपर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आत्मदाह करने का प्रयास किया। मौके पर तैनात एक महिला सुरक्षाकर्मी की तत्परता और सतर्कता के कारण एक बड़ा हादसा टल गया। सुरक्षाकर्मी ने तुरंत महिला के हाथ से बोतल छीन ली और उन्हें सुरक्षित किया, जिसके बाद पुलिस उन्हें अपनी गाड़ी से सुरक्षित स्थान पर ले गई।
26 सालों से काट रही हैं दफ्तरों के चक्कर
पीडि़त महिला की पहचान ग्राम पुरवा निवासी 61 वर्षीय सुषमा गुप्ता के रूप में हुई है। वृद्धा का आरोप है कि जिस भूमि पर वे वर्षों से काबिज हैं, उस पर कुछ दबंग जबरन कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। महिला ने बताया कि वह पिछले 26 वर्षों से इस भूमि विवाद को लेकर अधिकारियों की चौखट के चक्कर काट रही हैं। उन्होंने बताया कि पूर्व में तहसीलदार द्वारा आदेश भी जारी किए गए थे, लेकिन आज तक समस्या का समाधान नहीं हुआ। इसी हताशा और लगातार न्याय न मिलने से परेशान होकर उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठाया।
शासकीय भूमि पर है दोनों पक्षों का दावा
इस पूरे मामले पर तहसीलदार हीरालाल तिवारी ने प्रशासन का पक्ष स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि यह विवाद मूल रूप से शासकीय भूमि पर कब्जे को लेकर है, जिस पर दोनों पक्ष अपना-अपना दावा जता रहे हैं, जो कि नियमानुसार स्वीकार्य नहीं है। तहसीलदार ने बताया कि यदि किसी पक्ष का भूमि पर पक्का निर्माण है या वे वैधानिक स्वामित्व का दावा करते हैं, तो उन्हें मामले के विधिक निराकरण के लिए सिविल कोर्ट की शरण लेनी चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि विभागीय जांच में शासकीय भूमि पर अतिक्रमण सिद्ध होता है, तो संबंधित तहसीलदार द्वारा नियमानुसार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी।










