मंडला में रेल सुविधाओं के विस्तार की जगी आस
रेलवे सलाहकार समिति और एक्टिविस्ट की अहम चर्चा
- लोकसभा के मानसून सत्र में गूंजेगा मंडला की रेल का मुद्दा
- सांसद कुलस्ते से नई रेल लाइन दिलाने की मांग
मंडला महावीर न्यूज 29. आदिवासी बाहुल्य मंडला क्षेत्र में रेल सुविधाओं को सुदृढ़ करने और नई रेल लाइनों की स्वीकृति के लिए एक बार फिर उम्मीदें परवान चढ़ने लगी हैं। क्षेत्र के स्वतंत्र रेल एक्टिविस्ट नितिन सोलंकी ने रेलवे सुविधाओं के विस्तार के लिए अपनी सक्रियता तेज कर दी है। इसी कड़ी में, उन्होंने हाल ही में मंडला फोर्ट रेलवे स्टेशन की रेलवे सलाहकार समिति के सदस्यों— सुधीर कसार, नीरज कांदरा और श्रीमती रेणुका परमार के साथ दूरभाष पर एक सकारात्मक और महत्वपूर्ण चर्चा की।
प्रमुख रेल परियोजनाओं पर केंद्रित रही चर्चा
चर्चा के दौरान सोलंकी ने पेंड्रा-श्रीधाम और बिलासपुर-जबलपुर रेल परियोजनाओं पर विशेष जोर दिया। इसके साथ ही, हाल ही में विधायक नारायण सिंह पट्टा द्वारा रेल मंत्री को लिखे गए पत्र का भी उल्लेख किया गया।
रेल एक्टिविस्ट द्वारा रखे गए प्रमुख प्रस्ताव
- पेंड्रा-श्रीधाम नई रेल लाइन: पेंड्रा-अमरकंटक-डिंडौरी-मंडला-घंसौर-लखनादौन-गोटेगांव-श्रीधाम नई रेल लाइन परियोजना के लिए अंतिम स्थान सर्वेक्षण (FLS – Final Location Survey) की स्वीकृति की मांग की गई, जिसके लिए विस्तृत ड्राफ्ट और तकनीकी दस्तावेज प्रस्तुत किए गए।
- बिलासपुर-जबलपुर ‘मिसिंग लिंक’: पेंडरिया से बिछिया, मंडला और ग्वारीघाट तक के लगभग 230 किमी के ‘मिसिंग लिंक’ के लिए ‘अपडेटेड ट्रैफिक सर्वे’ कराने का आग्रह किया गया, ताकि वर्षों पुरानी इस मांग को धरातल पर उतारा जा सके।
मानसून सत्र में सांसद कुलस्ते से मुद्दा उठाने की अपील
नितिन सोलंकी ने सुझाव दिया कि यदि इन तकनीकी मांगों को क्षेत्रीय सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते के माध्यम से आगामी लोकसभा के मानसून सत्र में उठाया जाए, तो इनकी स्वीकृति की संभावना काफी बढ़ जाएगी। इस पर सलाहकार समिति के तीनों सदस्यों ने सहमति जताते हुए पूर्ण आश्वासन दिया कि वे इन प्रस्तावों और दस्तावेजों से सांसद कुलस्ते को अवगत कराएंगे और मानसून सत्र में इसे प्राथमिकता से रखने का आग्रह करेंगे।
पूर्व सांसद स्व. श्यामलाल धुर्वे के विजन को आगे बढ़ाने का लक्ष्य
अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए रेल एक्टिविस्ट नितिन सोलंकी ने कहा, “मंडला के विकास का यह सपना हमारे पूर्व सांसद स्वर्गीय श्यामलाल धुर्वे जी ने वर्ष 1979 में देखा था। उनके इसी विजन को आगे बढ़ाना हमारा मुख्य लक्ष्य है, ताकि आदिवासी अंचल के लोगों को रेल सुविधा का वास्तविक लाभ मिल सके और यह क्षेत्र विकास की मुख्यधारा से जुड़ सके।”
क्षेत्रीय रेल कनेक्टिविटी को लेकर किए जा रहे इन सामूहिक और सक्रिय प्रयासों ने मंडला वासियों के लिए विकास की एक नई उम्मीद जगा दी है।










